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Uttarakhand Budget satra सड़क से लेकर सदन तक कांग्रेस का हंगामा, 11 विधेयक सदन में पेश, जानिए आज क्या रहा खास


Uttarakhand

oi-Pavan Nautiyal

Uttarakhand Budget satra 2026 ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण की भराड़ीसैंण विधानसभा में बजट सत्र चल रहा है। सत्र के पहले ही दिन से कांग्रेस का हंगामा जारी है। कांग्रेस सत्र की अवधि को बढ़ाने की मांग पर अड़ी है। राज्यपाल के अ​अभिभाषण से लेकर देर रात तक कांग्रेस का विरोध जारी रहा।

आज सत्र के दूसरे दिन भी कांग्रेस का सड़क से लेकर सदन तक हंगामा जारी रहा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दिवालीखाल में जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शन में प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, करन महारा सहित कई बड़े नेता शामिल हुए।

Uttarakhand Budget session Congress creates ruckus streets to House 11 bills introduced what special today

कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड हटाकर आगे बढ़ने का प्रयास किया तो पुलिस ने पानी की बौछार कर उन्हें रोका। सदन में चर्चा के बीच विधायकों ने जमकर हंगामा किया। जिस वजह से सदन की कार्यवाही बार बार स्थगित की गई। ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में आज बजट सत्र का दूसरा दिन भी सत्र की कार्रवाई शुरू होने से पहले विपक्ष का विरोध देखने को मिला। विपक्षी दल कांग्रेस के विधायक सीढ़ियों पर ही पोस्टर लेकर बैठ गए और राजस्व गावों की मांगों समेत अन्य विषयों को लेकर सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाते दिखे।

वहीं बजट सत्र के दूसरे दिन भी विपक्ष के प्रदर्शन को सत्ता पक्ष ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। सत्ता पक्ष ने विपक्ष पर सदन की कार्रवाई को चलने न देने और असहयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष 2027 विधानसभा चुनाव के चलते इस तरह की राजनीति कर रहा है। साथ ही कहा कि विपक्ष को उत्तराखंड की जनता के मुद्दों से मतलब नहीं है इसलिए जनता ने उन्हें पहले भी नकारा है और 2027 में भी नकारेगी।

बजट सत्र के दूसरे दिन प्रश्नकाल में वन मंत्री सुबोध उनियाल ने बताया कि भालुओं के व्यवहार में आए परिवर्तन और इससे हो रहे नुकसान पर भी सरकार की निगाह है। इसीलिए, भारतीय वन्य जीव संस्थान को इस विषय पर रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा गया है। इस रिपोर्ट के आधार पर सरकार जरूरी कदम उठाएगी। वन मंत्री ने जानकारी दी कि भालुओं से फसल के नुकसान पर मुआवजा देने के संबंध में भी सरकार गंभीरता से विचार कर रही है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दूसरे कार्यकाल के बीते चार साल में प्रदेश में 819 पंचायत भवनों का निर्माण पुननिर्माण किया गया है। प्रदेश में पंचायत भवनों की संख्या 5867 है। इसमें से 1134 पंचायत भवन लंबे समय से जीर्णशीर्ण चल रहे थे। इसी क्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पंचायतीराज विभाग को अभियान चलाकर जीर्ण- शीर्ण भवनों का पुनर्निमाण करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद गत चार वर्ष में विभाग ने 819 पंचायत भवनों का निर्माण- पुननिर्माण कर लिया है। शेष भवनों पर भी कार्य किया जा रहा है। विभागीय मंत्री सतपाल महाराज ने विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान यह जानकारी सदन के सामने रखी।

ये विधेयक भी प्रस्तुत किए गए

  • उत्तराखंड माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक – 2026
  • उत्तराखंड दुकान और स्थापन (रोजगार विनियमन और सेवा शर्त) (संशोधन) विधेयक – 2026
  • उत्तराखंड (उत्तर प्रदेश लोक सेवा (शारीरिक रूप से विकलांग, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रित और पूर्व सैनिकों के लिए आरक्षण) अधिनियम, 1993) (संशोधन) विधेयक 2026
  • उत्तराखंड जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) अधिनियम, 2026
  • उत्तराखंड जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) विधेयक, 2026
  • उत्तराखंड सार्वजनिक द्यूत रोकथाम, विधेयक, 2026
  • उत्तराखंड भाषा संस्थान (संशोधन) विधेयक, 2026
  • उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग (संशोधन) विधेयक, 2026
  • उत्तराखंड कारागार और सुधारात्मक सेवाएं (संशोधन) विधेयक, 2026



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