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Who is Atanu Chakraborty: कौन हैं अतनु चक्रवर्ती? HDFC के चेयरमैन ने अचानक क्यों दिया इस्तीफा, खुद किया खुलासा


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oi-Sohit Kumar

Who is Atanu Chakraborty: देश के सबसे बड़े प्राइवेट सेक्टर बैंक, HDFC से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती (Atanu Chakraborty) ने अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस फैसले ने बैंकिंग जगत और निवेशकों के बीच खलबली मचा दी है, क्योंकि उन्होंने इस्तीफे के पीछे जो वजह बताई है, वह काफी चौंकाने वाली है।

अतनु चक्रवर्ती ने अपने इस्तीफे के लिए बैंक के काम करने के तरीके और वहां की कुछ प्रथाओं (Practices) को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि पिछले दो वर्षों में उन्होंने बैंक के भीतर कुछ ऐसी घटनाएं और काम देखे हैं जो उनके व्यक्तिगत ‘मूल्यों और नैतिकता’ (Values and Ethics) के साथ मेल नहीं खाते।

Atanu Chakraborty

अतनु चक्रवर्ती ने अपने इस्तीफा पत्र में क्या लिखा?

अतनु चक्रवर्ती ने अपने इस्तीफे में लिखा कि, ‘बैंक के भीतर कुछ ऐसी चीजें हो रही हैं जो मेरी नैतिकता के खिलाफ हैं, इसलिए मैं इस पद पर बने रहना उचित नहीं समझता।’ हालांकि, उन्होंने उन घटनाओं का विस्तार से खुलासा नहीं किया है, लेकिन उनके इस बयान ने बैंक के कॉर्पोरेट गवर्नेंस पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

कौन हैं अतनु चक्रवर्ती?

अतनु चक्रवर्ती 1985 बैच के गुजरात कैडर के IAS अधिकारी रहे हैं। वे अप्रैल 2020 में आर्थिक मामलों के विभाग (DEA) के सचिव पद से रिटायर हुए थे। उन्होंने निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) के सचिव के रूप में भी अपनी सेवाएं दी थीं। उन्होंने विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के बीच आर्थिक नीति-निर्माण में तालमेल बिठाया और पूरे केंद्रीय बजट की प्रक्रिया की देखरेख की, जिसमें संसद में इसका पारित होना भी शामिल था। इससे पहले, 2002 से 2007 के बीच, उन्होंने वित्त मंत्रालय में निदेशक और बाद में संयुक्त सचिव के तौर पर काम किया।

गुजरात सरकार में भी अहम पदों पर किया काम

उन्होंने गुजरात सरकार में भी अहम पदों पर काम किया, जिसमें वित्त विभाग के सचिव के तौर पर उसका नेतृत्व करना भी शामिल है। इस भूमिका में, उन्होंने कानून के ज़रिए निजी क्षेत्र के निवेश को बढ़ावा देने के प्रयासों का नेतृत्व किया और राज्य स्तर पर शासन तथा विकास की पहलों पर करीब से काम किया।

कब नियुक्त हुए HDFC बैंक के चेयरमैन?

अप्रैल 2021 में RBI ने उन्हें HDFC बैंक का चेयरमैन नियुक्त किया था। उनके कार्यकाल के दौरान ही HDFC लिमिटेड और HDFC बैंक का ऐतिहासिक 40 बिलियन का मर्जर (विलय) हुआ था।

अतनु चक्रवर्ती के बाद किसे मिली जिम्मेदारी?

अतनु चक्रवर्ती के जाने के बाद बैंक ने तुरंत कमान संभालने की तैयारी कर ली है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने केकी मिस्त्री की नियुक्ति को अंतरिम पार्ट-टाइम चेयरमैन के रूप में मंजूरी दे दी है। मिस्त्री का कार्यकाल 19 मार्च यानी आज से प्रभावी होगा और वे अगले तीन महीनों तक इस पद पर बने रहेंगे। केकी मिस्त्री इससे पहले HDFC के वाइस चेयरमैन रह चुके हैं और उन्हें बैंकिंग सेक्टर का लंबा अनुभव है।

क्या बाजार पर पड़ेगा असर?

इस खबर के बाहर आते ही बाजार में नकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली। अमेरिका में लिस्टेड HDFC बैंक के शेयरों में लगभग 7% की भारी गिरावट दर्ज की गई। भारत में भी बैंक के शेयरों पर दबाव दिखने की संभावना है, क्योंकि HDFC बैंक देश का दूसरा सबसे मूल्यवान संस्थान है और इसकी मार्केट वैल्यू करीब ₹12.9 लाख करोड़ है।

HDFC Bank: स्थापना से शिखर तक का सफर

HDFC बैंक की शुरुआत अगस्त 1994 में हुई थी और इसने जनवरी 1995 से अपना कामकाज शुरू किया। इसकी स्थापना हसमुखभाई पारेखद्वारा की गई थी। देखते ही देखते यह बैंक अपनी मूल कंपनी ‘हाउसिंग डेवलपमेंट फाइनेंस कॉर्पोरेशन’ (स्थापना 1977) की सहायक कंपनी से निकलकर मार्केट कैप के मामले में भारत का सबसे बड़ा निजी बैंक बन गया।

  • 1994-1995 (शुरुआत): बैंक का रजिस्ट्रेशन मुंबई में हुआ। जनवरी 1995 में बैंकिंग लाइसेंस मिला और पहली ब्रांच मुंबई के वर्ली में खोली गई।
  • 1995 IPO: बैंक का आईपीओ (IPO) निवेशकों के बीच इतना लोकप्रिय रहा कि यह 55 गुना ओवर सब्सक्राइब हुआ, जो इसकी शुरुआती साख को दर्शाता है।
  • 2000 का दशक (विस्तार): 1998 में यह इनकम टैक्स जमा करने वाला पहला निजी बैंक बना।
  • सन 2000 में टाइम्स बैंक के साथ इसका विलय हुआ, जो भारत में दो निजी बैंकों का पहला विलय था।
  • 2008 का अधिग्रहण: बैंक ने 95.1 बिलियन में सेंचुरियन बैंक ऑफ पंजाब का अधिग्रहण किया, जिससे इसकी शाखाओं की संख्या 1,000 के पार पहुंच गई।
  • 2023 का महा-विलय: एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए HDFC बैंक ने अपनी मूल कंपनी HDFC लिमिटेड का खुद में विलय पूरा किया।
  • ग्लोबल पहचान: यह बैंक न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज (NYSE) पर लिस्टेड है और 2019 में फोर्ब्स के सर्वे में इसे भारत का सर्वश्रेष्ठ बैंक चुना गया था।



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