भारतीय शेयर बाजार ने सोमवार, 7 सितंबर 2026 को कमजोर शुरुआत की। अमेरिकी-ईरान संघर्ष में नए सिरे से तनाव बढ़ने के कारण निवेशकों में चिंता फैल गई। इसके चलते कच्चे तेल के दाम भी बढ़ गए, जिससे बाजार में गिरावट दर्ज की गई।
सेंसेक्स 188.20 अंक गिरकर 76,327.23 पर बंद हुआ। यह 0.24 फीसदी की गिरावट दर्शाता है। निफ्टी भी 63.25 अंक नीचे आकर 23,834.45 पर आ गया। इसमें 0.26 फीसदी की कमी दर्ज की गई। इंफोसिस और एचयूएल के शेयरों में 2 फीसदी तक की गिरावट देखी गई। विश्लेषकों का मानना है कि नरम वैश्विक बॉन्ड प्रतिफल से बाजार को कुछ राहत मिल सकती है। तत्काल फेड दर वृद्धि की चिंताएं भी कम हुई हैं। हालांकि, ब्रेंट कच्चे तेल के दाम 95 डॉलर प्रति बैरल के करीब बने हुए हैं। पश्चिम एशिया में लगातार तनाव बाजार की स्थायी सुधार के लिए प्रमुख जोखिम बने हुए हैं।
बाजार में गिरावट के मुख्य कारण क्या रहे?
बाजार में गिरावट का प्रमुख कारण अमेरिकी और ईरान के बीच बढ़ते तनाव हैं। इस भू-राजनीतिक संघर्ष ने निवेशकों को चिंतित कर दिया। तनाव बढ़ने से वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल के दाम भी बढ़ गए। ब्रेंट कच्चा तेल 95 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है। पश्चिम एशिया में जारी अस्थिरता भी बाजार के लिए एक बड़ा खतरा है।
वैश्विक बाजारों का प्रदर्शन कैसा रहा और आगे क्या उम्मीद है?
टोक्यो समय के अनुसार दोपहर 12:13 बजे तक एसएंडपी 500 वायदा 0.1 फीसदी गिरा। जापान का निक्केई 225 वायदा 1.7 फीसदी बढ़ा, जबकि टॉपिक्स 0.6 फीसदी ऊपर रहा। ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 लगभग अपरिवर्तित रहा। हांगकांग का हैंग सेंग 1 फीसदी, शंघाई कंपोजिट 0.2 फीसदी और यूरो स्टॉक्स 50 वायदा 0.1 फीसदी नीचे आया। विश्लेषकों को उम्मीद है कि वैश्विक बॉन्ड प्रतिफल में नरमी से बाजार को थोड़ी राहत मिल सकती है।



