Homeटेक्नोलॉजीभागवत बोले- आज के युवा 30 साल बाद बुजुर्ग होंगे: वे...

भागवत बोले- आज के युवा 30 साल बाद बुजुर्ग होंगे: वे केवल अपने बारे में न सोचें; अगली पीढ़ियों का भी ध्यान रखें


  • Hindi News
  • National
  • RSS Chief Mohan Bhagwat Statement On Youth Demographic Dividend | Nagpur

नागपुर34 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

मोहन भागवत नागपुर में एक कार्यक्रम हमारा तिरंगा हमारी शान में पहुंचे थे। वहां उन्होंने युवाओं को लेकर बात की।

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने शनिवार को नागपुर में एक कार्यक्रम में युवाओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आज के युवा 30 साल बाद बुजुर्ग हो जाएंगे, इसलिए उन्हें केवल अपने बारे में नहीं, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों की जरूरतों का भी ध्यान रखना चाहिए।

भागवत ने कहा कि युवा देश के लिए ‘डेमोग्राफिक डिविडेंड’ हैं। अगर उन्हें सही दिशा दी जाए तो देश को बहुत फायदा होगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ तो भविष्य में समाज पर बोझ बढ़ सकता है।

डेमोग्राफिक डिविडेंड यानी जनसंख्या लाभांश तब होता है, जब किसी देश में काम करने की उम्र वाले लोगों (15-64 साल) की संख्या बच्चों और बुजुर्गों से ज्यादा हो। इससे देश के पास काम करने वाली बड़ी आबादी होती है, जो आर्थिक विकास में मदद कर सकती है।

quote image 63 1786776302058

भागवत की स्पीच, 6 बड़ी बातें; कहा- भारत के मानक अमेरिका, चीन से अलग

1. भारत के मानक दूसरे देशों से अलग: भागवत ने कहा कि युवाओं को पहले समझना होगा कि भारत अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, चीन और न्यूजीलैंड जैसे देशों से अलग है। भारत को अपनी परिस्थितियों के हिसाब से विकास और प्रगति के मानक खुद तय करने चाहिए।

2. दुनिया अधूरी सोच के कारण लड़खड़ा रही है: भारत का हिस्सा होने के नाते हमारी जिम्मेदारी है कि हम अपनी सोच से दुनिया को भविष्य की राह दिखाएं और उसमें संतुलन लाएं। हमें इसके लिए तैयारी करनी होगी।

3. अपनी जरूरतों के हिसाब से विकास हो: भारत की अपनी गरिमा, सम्मान और सर्वोच्च प्रतिष्ठा है। देश किस तरह का विकास चाहता है और प्रगति का उसका मानक क्या होगा, इस पर भारत को खुद विचार करना चाहिए।

quote image 64 1786776617333

4. भारत की सोच सिर्फ पैसा कमाने तक सीमित नहीं: दुनिया का बड़ा हिस्सा भौतिक चीजों के नजरिए से सोचता है, जबकि भारत की सोच केवल पैसा कमाने तक सीमित नहीं है।

5. युवाओं से कारोबार शुरू करने की अपील: युवाओं को मुश्किलों का हिम्मत से सामना करना होगा और सफलता के लिए काम करना होगा।

6. आबादी के हिसाब से भारत को अलग सोचना होगा: कम आबादी, बड़े भौगोलिक इलाके या ज्यादा संसाधनों वाले देशों के लिए केवल रोजगार के बारे में सोचना पर्याप्त हो सकता है।

लेकिन भारत जैसे देश की आबादी बहुत ज्यादा है और उसका भौगोलिक इलाका कनाडा, अमेरिका और चीन से छोटा है। इसलिए अपनी समस्याओं के लिए हमें पूरी तरह अलग सोच की जरूरत है। इसके लिए हमें ठीक से अध्ययन करना होगा।

quote image 65 1786776712770

———————————-

ये खबर भी पढ़ें…

भागवत बोले- जेन-जी हमारी पीढ़ी से ज्यादा ईमानदार और देशभक्त: हमें उनकी बात समझनी चाहिए

comp 6 1786024743168

संघ प्रमुख मोहन भागवत ने करीब 9 दिन पहले मुंबई में Gen-Z और Gen-अल्फा से 1 घंटे तक संवाद किया था। उन्होंने कहा कि जेन-जी और जेन-अल्फा, पुरानी पीढ़ी से भी ज्यादा देशभक्त और ईमानदार है। हमें उनकी बात सुननी चाहिए। उनसे बातचीत में कमी थी, इसीलिए दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन हुआ। पूरी खबर पढ़ें…



Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments