भारत का इतिहास सिर्फ किताबों और कहानियों तक सीमित नहीं है. देश के अलग-अलग हिस्सों में बने पुराने किले आज भी उस दौर की शान, सत्ता, युद्ध और राजसी जीवन की झलक दिखाते हैं. कहीं ऊंची दीवारें दुश्मनों से सुरक्षा की कहानी कहती हैं, तो कहीं महल, शीशे की नक्काशी और खूबसूरत दरवाजे राजाओं के रहन-सहन की याद दिलाते हैं. अगर आपको इतिहास और घूमने-फिरने का शौक है, तो देश के इन ऐतिहासिक किलों की सैर आपके लिए खास अनुभव हो सकती है.
1. आमेर का किला, जयपुर
राजस्थान की राजधानी जयपुर से करीब 11 किलोमीटर दूर स्थित आमेर का किला राजपूत और मुगल वास्तुकला का खूबसूरत मेल है. इसका निर्माण 1592 में राजा मान सिंह प्रथम ने शुरू करवाया था. किले में दीवान-ए-आम, शीश महल, गणेश पोल और शाही महल देखने लायक हैं. शीश महल की खासियत इसकी दीवारों और छत पर की गई बारीक शीशे की सजावट है. यहां घूमने के लिए सुबह का समय अच्छा रहता है. भारतीय पर्यटकों के लिए टिकट की कीमत 200 रुपये बताई गई है.
2. मेहरानगढ़ किला, जोधपुर
जोधपुर की पहचान कहे जाने वाले मेहरानगढ़ किले का निर्माण 1459 में राव जोधा ने करवाया था. ऊंची पहाड़ी पर बना यह किला शहर का शानदार नजारा दिखाता है. इसके अंदर फूल महल, मोती महल, शीश महल और संग्रहालय देख सकते हैं. संग्रहालय में शाही कपड़े, हथियार, पालकियां और ऐतिहासिक वस्तुएं रखी गई हैं. किले को देखने का समय सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक है. घरेलू पर्यटकों के लिए टिकट 200 रुपये है.
3. लाल किला, दिल्ली
दिल्ली का लाल किला मुगल बादशाह शाहजहां ने अपनी नई राजधानी शाहजहानाबाद के लिए बनवाया था. इसका निर्माण 1639 में शुरू हुआ और करीब नौ साल में पूरा हुआ. लाल बलुआ पत्थर से बनी इसकी विशाल दीवारें, लाहौरी गेट, दीवान-ए-आम, दीवान-ए-खास और रंग महल मुगल वास्तुकला की झलक दिखाते हैं. यहां घूमते हुए शाही दरबार और बादशाहों के जीवन की कल्पना की जा सकती है. भारतीय पर्यटकों के टिकट की ताजा कीमत और समय ASI के आधिकारिक पोर्टल से जांचकर जाएं.
4. चित्तौड़गढ़ किला, राजस्थान
राजस्थान का चित्तौड़गढ़ किला वीरता, संघर्ष और बलिदान की कहानियों के लिए जाना जाता है. करीब 180 मीटर ऊंची पहाड़ी पर फैले इस किले में विजय स्तंभ, कीर्ति स्तंभ, महल, मंदिर और कई ऐतिहासिक जलाशय हैं. इसके सात प्रवेश द्वारों से गुजरते हुए किले के विशाल परिसर तक पहुंचा जाता है. यहां घूमने के लिए पर्याप्त समय रखें, क्योंकि परिसर काफी बड़ा है. सूर्यास्त से पहले किला देखना बेहतर रहेगा.