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भारत ने पहली बार एक लॉन्चर से 2 मिसाइलें दागीं: 500km दूर 2 टारगेट तबाह, टेस्ट सफल; पाकिस्तान बॉर्डर पर तैनात होगी


29 मिनट पहले

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DRDO ने मंगलवार को ओडिशा के चांदीपुर से मिसाइल टेस्टिंग की।

DRDO ने ओडिशा के चांदीपुर से प्रलय मिसाइल का सफल परीक्षण किया है। इसकी खासियत यह है कि एक ही लॉन्चर से 2 मिसाइलें लगातार दागी जा सकती हैं।

500 किलोमीटर तक मार करने वाली यह मिसाइल दुश्मन के अलग-अलग ठिकानों को निशाना बना सकती है। इसे क्वासी-बैलेस्टिक मिसाइल कहा जाता है, क्योंकि यह उड़ान के दौरान अपना रास्ता भी बदल सकती है।

इस परीक्षण के पहले 2km के दायरे में रहने वाले लोगों को वहां से हटा दिया गया था। रूस और अमेरिका पहले से ही इस तरह की मल्टी-मिसाइल लॉन्च क्षमता वाले सिस्टम विकसित कर चुके हैं। हालांकि, भारत ने यह क्षमता अपनी स्वदेशी तकनीक से विकसित की है।

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क्वासी बैलिस्टिक मिसाइल क्या है

आम बैलिस्टिक मिसाइल सीधे ऊपर जाकर फिर नीचे आती है, रास्ता पहले से पता चल जाता है। प्रलय लो-ट्रेजेक्टरी पर जाती है, बीच में ही दिशा बदल सकती है, टर्मिनल फेज में मैन्युवर करती है। इसलिए दुश्मन का एयर डिफेंस इसे इंटरसेप्ट नहीं कर पाता।

इसे आर्मी और एयरफोर्स दोनों में शामिल किया जाना है। पाकिस्तान के साथ LoC पर ऐसे शॉर्ट रेंज, हाई प्रिसीजन हथियार गेम-चेंजर माने जा रहे हैं।

3 पॉइंट में समझें साल्वो टेस्टिंग सेना के लिए अहम क्यों

  • रणनीतिक रूप से: ये सिर्फ टेस्ट नहीं, वॉर डॉक्ट्रिन का बदलाव है। एक ही लॉन्चर से दो मिसाइलों की साल्वो फायरिंग का मतलब- दुश्मन के एक साथ दो एयरबेस या दो रडार स्टेशन को 5 मिनट में तबाह करना। पहले एक लॉन्चर = एक टारगेट, अब एक लॉन्चर = दो टारगेट।
  • तकनीकी रूप से: साल्वो टेस्ट सबसे मुश्किल माना जाता है। दो मिसाइलों की एग्जॉस्ट प्लम एक-दूसरे को डिस्टर्ब करती है। DRDO ने इसे कर दिखाया, इसका मतलब सिस्टम अब यूजर-रेडी है, सिर्फ लैब-रेडी नहीं।
  • लागत और असर के रूप से: एक प्रलय मिसाइल की कीमत ब्रह्मोस से 60% कम, लेकिन रनवे तबाह करने की क्षमता लगभग बराबर। इसलिए सेना इसे बड़ी संख्या में बॉर्डर पर तैनात कर सकती है – क्वांटिटी और क्वालिटी दोनों।

पाकिस्तान बॉर्डर कनेक्शन

सेना ने इसे खास तौर पर पश्चिमी और उत्तरी बॉर्डर के लिए मांगा था। DAC ने 120 मिसाइलों की खरीद को हरी झंडी दे दी है। आने वाले दिनों में इसे नई रॉकेट फोर्स में शामिल किया जाएगा, जिसका काम दुश्मन के एयरबेस, फ्यूल डिपो और कमांड सेंटर को पहले 30 मिनट में तबाह करना होगा।

24 घंटे में दूसरी सफलता

कल ही DRDO ने इसी रेंज से VSHORADS (वैरी शॉर्ट रेंज एयर डिफेंस) के 3 सक्सेसफुल टेस्ट किए थे, जो 6 KM दूर ड्रोन और हेलिकॉप्टर को मार गिरा सकता है।

सोर्स के मुताबिक, प्रलय के बाद अब इसका एयरफोर्स वर्जन ‘प्रलय-ALBM’ और लंबी रेंज वाले प्रलय-2 पर काम चल रहा है।

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भारत ने अग्नि-4 मिसाइल का सफल परीक्षण किया: डिजिटल कंट्रोल सिस्टम से लैस, 4000km की रेंज तक निशाना लगा सकती है

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भारत ने ओडिशा के चांदीपुर के इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-4 का सफल टेस्ट किया। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि इस मिसाइल के सभी ऑपरेशनल और टेक्निकल पैरामीटर्स को चेक किया गया, जो पूरी तरह सफल रहे। यह टेस्ट स्ट्रैटेजिक फोर्सेस कमांड की निगरानी में किया गया।

इसमें एडवांस्ड एवियोनिक्स और डिजिटल कंट्रोल सिस्टम हैं, जिनकी मदद से यह हाई एक्युरेसी के साथ 4000 KM की रेंज तक निशाना लगा सकती है। यह भारत में बनी एक मीडियम-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल (MRBM) है। पढ़ें पूरी खबर…



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