भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) में चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में मजबूत वृद्धि दर्ज की गई है। यह वृद्धि अप्रैल से जून के बीच हुई है। इस अवधि में एफडीआई 6 फीसदी बढ़कर 19.81 अरब डॉलर हो गया है। उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) द्वारा जारी आंकड़ों से यह महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। यह आंकड़ा भारतीय अर्थव्यवस्था में विदेशी निवेशकों के बढ़ते भरोसे को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।
पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की अप्रैल से जून की इसी अवधि में कुल विदेशी निवेश 18.62 अरब डॉलर रहा था। इस तरह, मौजूदा वित्त वर्ष में एफडीआई में छह फीसदी की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। यह वृद्धि दर भारत के आर्थिक विकास के लिए एक बेहद सकारात्मक संकेत है। यह वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती आर्थिक स्थिति को भी मजबूत करती है।
किन देशों ने भारत में सबसे ज्यादा निवेश किया?
चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भारत को सबसे अधिक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश सिंगापुर से प्राप्त हुआ है। सिंगापुर के बाद मॉरीशस और अमेरिका जैसे देशों से भी भारत में बड़ा निवेश आया है। इन प्रमुख देशों ने भारतीय बाजार में अपनी मजबूत निवेश रुचि दिखाई है। यह तथ्य दर्शाता है कि भारत वैश्विक निवेशकों के लिए एक आकर्षक और पसंदीदा गंतव्य बना हुआ है।



