ट्रैवल के दौरान अक्सर लोग होटल, गेस्ट हाउस, होमस्टे या किराए के अपार्टमेंट में रुकते हैं. ज्यादातर लोग सिर्फ साफ-सफाई पर ध्यान देते हैं, लेकिन इससे भी ज्यादा जरूरी है सेफ्टी चेक करना. क्योंकि सिर्फ सामान का सेफ रहना ही काफी नहीं होता, बल्कि डिजिटल डेटा और पर्सनल इंफोर्मेशन की सेफ्टी भी जरूरी है. होटल का वाई-फाई, स्मार्ट टीवी, इंटरनेट से जुड़े कमरे में मौजूद इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस कभी-कभी आपकी प्राइवेसी के लिए खतरा बन सकते हैं.
ऐसे में कुछ आसान सावधानियां अपनाकर आप अपनी निजी जानकारी, मोबाइल, लैपटॉप और ऑनलाइन अकाउंट्स को सेफ रख सकते हैं. कमरे में पूरी तरह से कंफर्टेबल होने से पहले कुछ मिनट निकालकर अच्छी तरह से कुछ चीजों को अच्छी तरह से चेक करना बहुत मददगार साबित हो सकता है. आइए जानते हैं कि किसी नई जगह पर ठहरने के बाद किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.
वाई-फाई से जुड़ने से पहले सावधानी बरतें
होटल और गेस्ट हाउस अक्सर फ्री वाई-फाई सुविधा देते हैं, लेकिन हर नेटवर्क पूरी तरह सेफ नहीं होता. इसलिए बैंकिंग, ऑनलाइन भुगतान या संवेदनशील अकाउंट्स का इस्तेमाल सार्वजनिक वाई-फाई पर करने से बचें. यदि संभव हो तो VPN का उपयोग करें या मोबाइल डेटा यूज करें. वाई-फाई से जुड़ने से पहले उसका सही नाम रिसेप्शन से जरूर पूछ लें.
कमरे में छिपे कैमरों की जांच करें
कमरे में कैमरा छिपे रहना का खतरा भी होटलों में रहता है, खासतौर पर महिलाओं को रिकॉर्ड करने के लिए इसे लगाया जाता है. कमरे में स्मोक डिटेक्टर से लेकर अलार्म क्लॉक, यूएसबी चार्जर, बिजली के सॉकेट, फोटो फ्रेम, मिरर, सजावटी सामान जैसी चीजों में कैमरा छिपा हो सकता है. इन सभी चीजों को गौर से देखें यदि कोई भी शक हो तो उसे छेड़ें नहीं. उसकी तस्वीर लें और होटल मैनेजमेंट या लोकल पुलिस को इसकी जानकारी दे.
स्मार्ट डिवाइस इस्तेमाल करते समय सतर्क रहें
आजकल कई होटलों में स्मार्ट टीवी, स्मार्ट स्पीकर और इंटरनेट से जुड़े अन्य उपकरण मौजूद होते हैं. इन पर अपने निजी अकाउंट लॉग-इन करते समय सावधानी रखें. अगर आपने टीवी पर किसी OTT या स्ट्रीमिंग सेवा का उपयोग किया है, तो होटल छोड़ने से पहले लॉग-आउट करना न भूलें. साथ ही ऐसे उपकरणों में बैंकिंग या अन्य संवेदनशील जानकारी दर्ज करने से बचें.
यात्रा से पहले अपने डिवाइस को प्रोटेक्ट करें
फोन और लैपटॉप में स्क्रीन लॉक जरूर लगाएं और मजबूत पासवर्ड का उपयोग करें. अहम दस्तावेजों की डिजिटल कॉपी न रखें. डिवाइस खोजने (Find My Device) जैसी सुविधाएं चालू रखें, ताकि खोने या चोरी होने की स्थिति में मदद मिल सके. साथ ही यात्रा से पहले फोन और लैपटॉप का सॉफ्टवेयर अपडेट करना भी जरूरी है.



