वैश्विक एयरलाइंस समूह आईएटीए ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण अभियान शुरू किया है। यह अभियान किसी आपात स्थिति में विमान खाली करवाए जाते समय यात्रियों को हाथ का सामान न लेने के प्रति जागरूक करेगा। हाल के दिनों में ऐसी घटनाओं में वृद्धि हुई है जहां यात्रियों ने आपातकालीन निकासी के दौरान अपना सामान लेने या तस्वीरें खींचने के लिए रुकना शुरू कर दिया है।
इस अभियान को नियामक यूरोपीय संघ विमानन सुरक्षा एजेंसी (ईएएसए) और संघीय विमानन प्रशासन (एफएए) का समर्थन प्राप्त है। आईएटीए के अनुसार, विमान खाली करवाए जाते समय निकासी के समय सामान लेने से कई गंभीर समस्याएं पैदा होती हैं। इससे केबिन में आवाजाही धीमी हो जाती है और गलियारे अवरुद्ध हो जाते हैं। यात्रियों के हाथ खाली नहीं रहते, जिससे दूसरों को चोट लगने का खतरा बढ़ जाता है। सामान निकासी स्लाइड को भी प्रभावित कर सकता है। यह निकास मार्ग की रोशनी को भी छिपा सकता है।
आईएटीए के वरिष्ठ उपाध्यक्ष, परिचालन, सुरक्षा और संरक्षा, निक कैरीन ने इस पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कुछ अतिरिक्त सेकेंड सामान इकट्ठा करने में लगाना भी जान जोखिम में डाल सकता है। आईएटीए 370 से अधिक एयरलाइंस का प्रतिनिधित्व करता है, जो वैश्विक हवाई यातायात का करीब 85 फीसदी हिस्सा है।
सामान लेना क्यों खतरनाक है?
विमान खाली करवाने की स्थिति में हाथ का सामान लेने से निकासी प्रक्रिया धीमी हो जाती है। यह आपातकालीन स्थिति में निकास मार्गों को अवरुद्ध कर सकता है। यात्रियों के हाथ व्यस्त हो जाते हैं, जिससे वे खुद को या दूसरों को सहारा नहीं दे पाते। इस दौरान सामान से निकासी स्लाइड को भी नुकसान पहुंच सकता है।
आईएटीए का यह अभियान क्यों महत्वपूर्ण है?
यह अभियान ‘एक जान बचाओ, सामान नहीं’ नाम से शुरू किया गया है। इसका उद्देश्य यात्रियों को आपातकालीन स्थितियों में सही व्यवहार के प्रति शिक्षित करना है। हाल के कुछ ऐसे मामलों में यात्रियों को निकासी के दौरान सामान लेते देखा गया है। आईएटीए का मानना है कि सुरक्षा हर यात्री की जिम्मेदारी है।



