Last Updated:
दिल्ली से आगरा का सफर सिर्फ ताजमहल तक सीमित नहीं है. यहां के आसपास मौजूद किठम झील, चंबल घाटी, बटेश्वर नाथ मंदिर और फतेहपुर सीकरी जैसे ऐतिहासिक व प्राकृतिक स्थल पर्यटकों को बेहद आकर्षित करते हैं. खासकर शेख सलीम चिश्ती की दरगाह और बुलंद दरवाजा लोगों को मुगलकालीन वास्तुकला की भव्यता का अद्भुत अनुभव कराते हैं.
दिल्ली से आगरा घूमने का प्लान बना रहे हैं और चाहते हैं कि सिर्फ दो दिनों में आगरा और उसके आसपास की बेहतरीन जगहों का मजा लिया जाए, तो यह ट्रिप आपके लिए यादगार बन सकती है. दिल्ली से आगरा की ओर आते समय मथुरा पार करते ही सबसे पहले रुनकता क्षेत्र पड़ता है, जो प्राकृतिक सुंदरता के लिए काफी प्रसिद्ध है. यहां मौजूद किठम झील पर्यटकों के बीच खास आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. हरियाली से घिरी यह झील पिकनिक, फोटोग्राफी और सुकून भरे समय के लिए शानदार जगह मानी जाती है. यहां आने वाले लोग प्रकृति के बीच कुछ पल शांति से बिताना पसंद करते हैं.

आगरा के रुनकता क्षेत्र में स्थित किठम झील सिर्फ अपनी हरियाली और शांत वातावरण के लिए ही नहीं, बल्कि बोटिंग के लिए भी काफी मशहूर है. यहां बनी विशाल झील में पर्यटक बोटिंग का भरपूर आनंद लेते हैं. दूर-दराज से लोग खास तौर पर यहां प्राकृतिक सुंदरता के बीच समय बिताने पहुंचते हैं. झील के शांत पानी में बोट पर बैठकर चारों ओर फैले खूबसूरत नजारों को देखना लोगों को बेहद पसंद आता है. यही वजह है कि किठम झील को आगरा के सबसे बेहतरीन पर्यटन स्थलों में गिना जाता है.

आगरा से करीब 79 किलोमीटर दूर बाह क्षेत्र में स्थित बटेश्वर नाथ मंदिर एक ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल के रूप में प्रसिद्ध है. यमुना नदी के किनारे बना यह मंदिर अपने 101 मंदिरों की अद्भुत श्रृंखला के लिए जाना जाता है. मान्यता है कि इस स्थान का नाम ‘वट’ यानी बरगद के वृक्ष से पड़ा, क्योंकि पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान शिव यहां विशाल बरगद के पेड़ के नीचे विश्राम करते थे. 8वीं से 10वीं शताब्दी के बीच निर्मित यह पवित्र स्थल ‘भदावर की काशी’ के नाम से भी प्रसिद्ध है. मंदिर की प्राचीन वास्तुकला और शांत वातावरण लोगों को बेहद आकर्षित करता है. यही वजह है कि आज भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक यहां दर्शन और घूमने के लिए पहुंचते हैं.
Add News18 as
Preferred Source on Google

आगरा के बाह क्षेत्र में स्थित चंबल घाटी कभी अपने खतरनाक बीहड़ों और डाकुओं की कहानियों के लिए जानी जाती थी. कई साल पहले यह इलाका लोगों के बीच डर और आतंक का प्रतीक माना जाता था. बताया जाता है कि मुगल और अंग्रेजों के दौर से ही चंबल के ऊबड़-खाबड़ बीहड़ बागियों और डाकुओं की शरणस्थली रहे हैं. साल 1970 और 80 के दशक में यह क्षेत्र फूलन देवी और मोहर सिंह जैसे कुख्यात डाकुओं की वजह से काफी चर्चाओं में रहा. उस समय चंबल घाटी का नाम सुनते ही लोगों के मन में डर पैदा हो जाता था. हालांकि अब समय पूरी तरह बदल चुका है. वर्तमान में यही चंबल घाटी अपनी प्राकृतिक सुंदरता, शांत वातावरण और बीहड़ों के अनोखे नजारों के कारण एक प्रमुख पर्यटन स्थल बन चुकी है. यहां बड़ी संख्या में लोग घूमने और चंबल के खूबसूरत दृश्य देखने पहुंचते हैं.

आगरा से करीब 36 किलोमीटर दूर स्थित फतेहपुर सीकरी भी घूमने के लिए बेहद शानदार जगह मानी जाती है. इस ऐतिहासिक शहर को मुगल बादशाह अकबर ने बसाया था. यहां मौजूद बुलंद दरवाजा पूरी दुनिया में अपनी भव्यता और विशालता के लिए प्रसिद्ध है. एक समय ऐसा था जब फतेहपुर सीकरी मुगलों की राजधानी हुआ करती थी, लेकिन बाद में राजधानी आगरा स्थानांतरित कर दी गई. यहां बनी ऐतिहासिक इमारतें, बारीक नक्काशी और उस दौर की अद्भुत वास्तुकला आज भी लोगों को आकर्षित करती हैं. यही वजह है कि देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक फतेहपुर सीकरी का दीदार करने पहुंचते हैं और यहां की खूबसूरती देखकर मंत्रमुग्ध हो जाते हैं.

आगरा में ताजमहल के पास स्थित शाहजहां गार्डन भी पर्यटकों के लिए आकर्षण का खास केंद्र बना हुआ है. यहां चारों ओर लगे खूबसूरत पेड़-पौधे और रंग-बिरंगे फूल इसकी सुंदरता को और बढ़ा देते हैं. फूलों की मनमोहक खुशबू और हरियाली लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती है. ताजमहल के बेहद करीब होने की वजह से यहां देशी ही नहीं बल्कि विदेशी पर्यटक भी बड़ी संख्या में पहुंचते हैं. शांत वातावरण और प्राकृतिक सुंदरता के बीच लोग यहां सुकून भरे पल बिताना पसंद करते हैं. यही वजह है कि शाहजहां गार्डन का खूबसूरत नजारा लोगों को मंत्रमुग्ध कर देता है.

आगरा घूमने आने के बाद आप यहां के वाटर पार्क का मजा भी ले सकते हैं. शहर में कई ऐसे वाटर पार्क मौजूद हैं, जहां गर्मियों के मौसम में लोग खूब एन्जॉय करने पहुंचते हैं. आगरा के सिकंदरा, बिचपुरी, लोहामंडी और शाहगंज क्षेत्रों में अलग-अलग वाटर पार्क बने हुए हैं, जो परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताने के लिए अच्छे विकल्प माने जाते हैं. गर्मी से राहत पाने के लिए बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचते हैं और वाटर राइड्स, वेव पूल व अन्य मनोरंजन गतिविधियों का आनंद लेते हैं. खास बात यह है कि आगरा में कई ऐसे वाटर पार्क भी हैं, जहां कम कीमत में बेहतर सुविधाओं का मजा लिया जा सकता है. पर्यटक अपनी पसंद और बजट के हिसाब से किसी भी वाटर पार्क का चयन कर सकते हैं.

फतेहपुर सीकरी के परिसर में स्थित सफेद संगमरमर से बनी शेख सलीम चिश्ती की दरगाह अपनी खूबसूरती और धार्मिक महत्व के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है. यह भव्य इमारत महान सूफी संत शेख सलीम चिश्ती की याद में बनाई गई थी, जहां आज भी बड़ी संख्या में लोग माथा टेकने पहुंचते हैं. इतिहास के अनुसार मुगल बादशाह अकबर को इन्हीं सूफी संत के आशीर्वाद से पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई थी, जिसके बाद अकबर की आस्था इस दरगाह से और गहरी हो गई. सफेद पत्थरों से बनी यह नक्काशीदार संरचना अपनी अद्भुत कला और भव्यता के लिए लोगों को आकर्षित करती है. मान्यता है कि यहां सच्चे मन से दुआ मांगने पर मनोकामनाएं पूरी होती हैं, इसलिए देश-विदेश से श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं.



