Homeटेक्नोलॉजीआतंकी ट्रैकिंग से बचने को LoRa डिवाइस इस्तेमाल कर रहे: इंटरनेट-मोबाइल...

आतंकी ट्रैकिंग से बचने को LoRa डिवाइस इस्तेमाल कर रहे: इंटरनेट-मोबाइल टॉवर की जरूरत नहीं; 6 दिन पहले मारे गए आतंकी के पास बरामद हुई थी


श्रीनगर4 घंटे पहलेलेखक: रउफ डार

  • कॉपी लिंक

जम्मू-कश्मीर में आतंकी ट्रैकिंग से बचने के लिए LoRa डिवाइस का इस्तेमाल कर रहे हैं। LoRa यानी लॉन्ग रेंज डिवाइस। यह कम पावर वाली रेडियो-फ्रीक्वेंसी कम्युनिकेशन तकनीक है। इसके जरिए मैसेज, लोकेशन और अन्य डेटा भेजा जाता है।

सुरक्षा एजेंसियों ने कम्युनिकेशन डिवाइस के इस्तेमाल को लेकर अलर्ट जारी किया है। सूत्रों के मुताबिक, इन डिवाइस के जरिए आतंकी सामान्य मोबाइल नेटवर्क या वाई-फाई के बिना संपर्क कर सकते हैं।

यह मामला 29 सितंबर के बडगाम ऑपरेशन के बाद सामने आया। जिसमें लश्कर-ए-तैयबा का कमांडर हाशिम मूसा मारा गया था। सूत्रों के मुताबिक, मौके से AK-47, दो मैगजीन, एक LoRa/Ultra डिवाइस हैंडसेट और एक मोबाइल फोन बरामद हुआ था।

ce9b7e9d 357a 4ae0 b326 1a3ed9393ebe 1791177962566

LoRa सिस्टम अनलाइसेंस्ड रेडियो बैंड में काम करते हैं

LoRa सिस्टम आमतौर पर क्षेत्र और डिवाइस के हिसाब से अनलाइसेंस्ड रेडियो बैंड में काम करते हैं। अब सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि जम्मू-कश्मीर में आतंकी संगठनों के बीच ऐसे डिवाइस का इस्तेमाल कितने स्तर तक हो रहा है और इनके कम्युनिकेशन नेटवर्क को कैसे ट्रैक और बाधित किया जा सकता है।

29 सितंबर: आतंकी मूसा का एनकाउंटर, स्पॉट से मिला सामान, 3 तस्वीरें…

बडगाम पुलिस को दूधपथरी के पलमैदान इलाके से दवाइयों और खाने-पीने की चीजों वाला एक बैग मिला।

बडगाम पुलिस को दूधपथरी के पलमैदान इलाके से दवाइयों और खाने-पीने की चीजों वाला एक बैग मिला।

इस बैग का मिलना इलाके में मूसा की मौजूदगी और उसे लॉजिस्टिकल सपोर्ट देने वाले संभावित नेटवर्क से जुड़ी जांच का हिस्सा बन गया है।

इस बैग का मिलना इलाके में मूसा की मौजूदगी और उसे लॉजिस्टिकल सपोर्ट देने वाले संभावित नेटवर्क से जुड़ी जांच का हिस्सा बन गया है।

बैग में निकले सामान में रोटियां, दवाएं, मास्क, बिस्किट और शहद भी मिला है। अब इसे पहुंचाने वालों की तलाश जारी है।

बैग में निकले सामान में रोटियां, दवाएं, मास्क, बिस्किट और शहद भी मिला है। अब इसे पहुंचाने वालों की तलाश जारी है।

सेना ने आतंकी मूसा के मरने की खबर 29 सितंबर को दी थी, जबकि एनकाउंटर साइट की तस्वीरें 30 सितंबर को सामने आईं।

सेना ने आतंकी मूसा के मरने की खबर 29 सितंबर को दी थी, जबकि एनकाउंटर साइट की तस्वीरें 30 सितंबर को सामने आईं।

परवेज मुशर्रफ की VVIP सुरक्षा टीम में तैनात था मूसा

पाकिस्तान सेना का आइडेंटिटी कार्ड।

पाकिस्तान सेना का आइडेंटिटी कार्ड।

न्यूज एजेंसी ANI के सूत्रों के मुताबिक,मोहम्मद आसिफ उर्फ मूसा का जन्म 7 मार्च 1980 को हुआ था। वह 2000 में PA-3106947 सर्विस नंबर के साथ पाकिस्तान सेना में भर्ती हुआ। बाद में हवलदार के पद से रिटायर हुआ।

2005 में मोहम्मद आसिफ को स्पेशल सर्विसेज ग्रुप (SSG) में शामिल किया गया। 4 कमांडो ‘यलगार’ बटालियन में भी रहा। 2006 से उसकी पोस्टिंग बलूचिस्तान में रही।

2006 से 2009 के बीच मूसा ने पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ की VVIP सुरक्षा टीम के सदस्य के तौर पर भी काम किया था।

1 1790710312041 1791121477395

मूसा पर एक दर्जन से ज्यादा हमलों का आरोप

मूसा को मार गिराना जम्मू-कश्मीर में सक्रिय बड़े आतंकी कमांडरों में से एक के खिलाफ पांच साल से चल रही तलाश का अंत है। मूसा सुरक्षा बलों और आम लोगों पर हुए एक दर्जन से ज्यादा बड़े आतंकी हमलों में सीधे शामिल था।

उसने अप्रैल 2023 में पुंछ के भट्टा दुरियां में हुए हमले की साजिश रची थी। इसमें पांच सैनिक मारे गए थे। इसके बाद मई 2023 में राजौरी के कांडी जंगल में धमाका हुआ था। इसमें पांच कमांडो मारे गए थे।

दिसंबर 2023 में उसने पुंछ के डेरा की गली में हुए घात लगाकर हमले का नेतृत्व किया था। इसमें सेना के चार जवानों की मौत हुई थी। मई 2024 में शशितार के पास भारतीय वायुसेना के काफिले को निशाना बनाया गया था। इसमें वायुसेना का एक जवान मारा गया था।

2024 तक मूसा ने आम लोगों और अहम ढांचों को निशाना बनाना शुरू कर दिया था।20 अक्टूबर को गंदरबल में गगनगीर टनल प्रोजेक्ट के निर्माण शिविर पर हमला हुआ था। इसमें एक स्थानीय डॉक्टर समेत सात लोग मारे गए थे।

इसके चार दिन बाद उसके मॉड्यूल ने बुटापथरी में सेना के वाहन पर घात लगाकर हमला किया। इसमें दो सैनिक और दो सिविल डिफेंस पोर्टर मारे गए थे।

—————————————

ये खबर भी पढ़ें…

घर पर लगाया कैमरा, पाकिस्तान भेजी लाइव फीड: जम्मू-कश्मीर में सेना के रूट की जानकारी देता था

untitled 2 1789907934031

जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में 24 साल के ट्रक ड्राइवर को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए जासूसी करने के आरोप में अरेस्ट किया गया। आरोपी की पहचान अमन के रूप में हुई है। अमन ने अपने घर के बाहर सिम इनेबल्ड CCTV कैमरा लगाया था। कैमरे का रुख उस सड़क की ओर था, जिसका इस्तेमाल सुरक्षा बल अक्सर करते हैं। वहां से फुटेज ISI हैंडलर्स को लाइव भेजी जाती थी। पूरी खबर पढ़ें…



Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments