Homeटेक्नोलॉजीइसरो का नेविगेशन सैटेलाइट NVS-03 आज लॉन्च होगा: 1999 में कारगिल...

इसरो का नेविगेशन सैटेलाइट NVS-03 आज लॉन्च होगा: 1999 में कारगिल जंग में अमेरिका ने मदद नहीं की, भारत ने अपना देशी GPS बना लिया


1 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

ISRO आज अपना नेविगेशन सैटेलाइट NVS-03 लॉन्च करने जा रहा है। इसे आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से GSLV-F18 रॉकेट के जरिए रात 11 बजकर 51 मिनट पर लॉन्च किया जाएगा। इसे NavIC मिशन के तहत लॉन्च किया जाएगा।

NavIC का पूरा नाम Navigation with Indian Constellation है। यह भारत की अपना क्षेत्रीय सैटेलाइट नेविगेशन सिस्टम है, जिसे ISRO ने विकसित किया है। NavIC बनाने की जरूरत 1999 के कारगिल युद्ध के बाद महसूस हुई थी।

उस समय भारत ने अमेरिकी GPS से सैन्य क्षेत्र की लोकेशन संबंधी जानकारी मांगी थी, लेकिन अमेरिका ने मना कर दिया थी। इसके बाद भारत ने अपना देशी जीपीएस तैयार किया।

7845f3dc fc30 4eb2 8d2e 515ead4f1e97 1793363089600

सवाल: NVS-03 सैटेलाइट क्या है?

जवाब: NVS-03 भारत की दूसरी पीढ़ी के NavIC सैटेलाइट्स की श्रृंखला का तीसरा सैटेलाइट है। इसे NavIC की सेवाओं को मजबूत करने और नई तकनीकी सुविधाएं जोड़ने के लिए विकसित किया गया है।

सवाल: अब तक NavIC के कितने सैटेलाइट लॉन्च किए गए?

जवाब: 30 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार, NavIC के लिए 11 सैटेलाइट लॉन्च किए जा चुके हैं। इनमें एक लॉन्च असफल रहा और एक सैटेलाइट तकनीकी समस्या के कारण नेविगेशन सेवा नहीं दे सका। NVS-03 का लॉन्च 30 अक्टूबर की रात निर्धारित है।

सवाल: NVS-03 में क्या खास है?

जवाब: इसमें स्वदेशी एटॉमिक क्लॉक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। यह L1, L5 और S बैंड पर सेवाएं देने में सक्षम होगा। L1 बैंड के जुड़ने से NavIC को सपोर्ट करने वाले उपकरणों की संख्या बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

2d44f3d3 abaf 4c5f b29a 5c9d4008fc20 1793363535535

सवाल: आम लोगों को NavIC से क्या फायदा होगा?

  • मोबाइल और नेविगेशन उपकरणों में बेहतर लोकेशन सुविधा।
  • टैक्सी, बस और ट्रक की ट्रैकिंग।
  • समुद्र में मछुआरों को दिशा और लोकेशन की जानकारी।
  • किसानों को सटीक लोकेशन आधारित खेती में मदद।
  • बाढ़ और चक्रवात जैसी आपदाओं में राहत-बचाव कार्यों में सहायता।
  • विमान और जहाजों के नेविगेशन में मदद।
  • दूरसंचार, बैंकिंग और बिजली ग्रिड जैसी सेवाओं को सटीक समय की जानकारी।

सवाल: क्या NavIC GPS की जगह ले लेगा?

जवाब: नहीं। GPS पूरी दुनिया में काम करता है, जबकि NavIC भारत के आसपास 1500 किमी के क्षेत्र तक सीमित है। दोनों प्रणालियां एक साथ काम कर सकती हैं। NavIC का उद्देश्य GPS को हटाना नहीं, बल्कि विदेशी प्रणालियों पर भारत की निर्भरता कम करना है।

सवाल: क्या हर मोबाइल में NavIC काम करेगा?

जवाब: नहीं। इसके लिए मोबाइल में NavIC और संबंधित फ्रीक्वेंसी बैंड का हार्डवेयर सपोर्ट होना जरूरी है। सभी स्मार्टफोन में यह सुविधा उपलब्ध नहीं है। जिन मोबाइल में NavIC सपोर्ट है, उनमें GPS के साथ इसके सिग्नल का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

—————————



Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments