मौजूदा दौर में सुबह की चाय से लेकर राशन और ऑनलाइन शॉपिंग तक के लिए लोग यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी यूपीआई का इस्तेमाल करते हैं। पिछले कुछ दिनों से यूपीआई पर सरकार की ओर से चार्ज लगाने की खबरें सामने आ रही हैं। हालांकि, सरकार ने अब तक यूपीआई भुगतान पर किसी तरह के शुल्क लगाने की बात से इनकार किया है। इसके बावजूद पिछले कुछ दिनों में कई ऐसी बाते हुई हैं, जिसके कारण यूपीआई भुगतान पर शुल्क लगने की खबर ने तूल पकड़ी है।
फिलहाल सोमवार को केंद्र सरकार की ओर से एक नई गजट अधिसूचना जारी की गई है। इस नोटिफिकेशन के बाद यह चर्चा जोरों पर है कि क्या 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतान पर अब आम आदमी को अतिरिक्त जेब ढीली करनी पड़ेगी?
यूपीआई पर चार्ज लगेगा या यह मुफ्त बना रहेगा इसे लेकर आम लोग असमंजस में हैं, वहीं विपक्ष सरकार पर हमलावर होता दिख रहा है। ऐसे में यह समझना बेहद जरूरी हो गया है कि क्या सरकार सचमुच 2,000 रुपये से ऊपर के हर पेमेंट पर 0.5 प्रतिशत का चार्ज वसूलने की योजना बना रही है या फिर यह महज अफवाह है?
आम आदमी के मन में उठ रहे 14 सबसे महत्वपूर्ण सवालों और उनके उत्तरों के जरिए इस पूरे मामले की कड़ियों को परत-दर-परत समझते हैं।



