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तिरुवनंतपुरम के एक बार में मामूली विवाद के बाद एक युवक ने अपने ही दोस्तों पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी. इस खौफनाक घटना में हमलावर समेत तीन लोगों की जलने से मौत हो गई. एक दोस्त ने सदमे में आकर फांसी लगा ली. कुल चार लोगों की जान इस दर्दनाक हादसे में गई है. घटना 19 जुलाई की है. पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है.
बार में शराब के नशे में दोस्त ने ही दोस्तों को पेट्रोल से जलाया, 4 की मौत से मचा हड़कंप. (सांकेतिक फोटो : एआई)
तिरुवनंतपुरम: दोस्तों की एक पार्टी पल भर में श्मशान में बदल गई. एक युवक के गुस्से ने चार लोगों की जान ले ली. शराब के नशे में हुए एक मामूली विवाद ने पांच दोस्तों की जिंदगी हमेशा के लिए तबाह कर दी. महज 10 दिन के भीतर चार लोगों की मौत हो चुकी है. यह खौफनाक घटना तिरुवनंतपुरम शहर से 21 किलोमीटर दूर वेम्बायम जंक्शन के एक बार होटल की है. 19 जुलाई की रात करीब 9.30 बजे नवाज, रियास, नौफाल, अरुण और रतीश नाम के पांच दोस्त बार के एसी हॉल में शराब पी रहे थे. तभी रतीश का परिचित 32 साल का अनीश वहां पहुंचा और उनके साथ ड्रिंक करने लगा. किसी बात पर अनीश और बाकी दोस्तों के बीच झगड़ा हो गया. पुलिस के अनुसार नवाज ने अनीश के चेहरे पर थप्पड़ मार दिया. दोस्तों ने उसे वहां से भगा दिया.
बार से निकाले जाने के बाद अनीश ने क्या साजिश रची?
बार से बाहर निकाले जाने के बाद अनीश आगबबूला हो गया. करीब आधे घंटे बाद वह पेट्रोल का एक कैन लेकर वापस लौटा. सीसीटीवी फुटेज में वह बहुत ज्यादा नशे में दिख रहा है. पेट्रोल लाते समय वह तीन बार जमीन पर गिरा. इससे उसके अपने शरीर पर भी पेट्रोल गिर गया. इसके बाद वहां फिर से हाथापाई शुरू हो गई. इसी बीच अनीश ने कैन का पेट्रोल सभी पर उड़ेल दिया और लाइटर से आग लगा दी. आग की लपटें इतनी तेज थीं कि खुद अनीश भी बुरी तरह झुलस गया. उस वक्त बार के अंदर करीब 30 लोग मौजूद थे. आग फैलते ही एसी बार में भगदड़ मच गई और लोग जान बचाने के लिए बाहर भागे.
इस दर्दनाक अग्निकांड में चारों दोस्तों की मौत कैसे हुई?
इस पेट्रोल अटैक ने कई जिंदगियां लील लीं. 35 साल के नवाज 80 प्रतिशत तक जल चुके थे. 20 जुलाई को गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. 70 प्रतिशत से ज्यादा जलने वाले हमलावर अनीश ने भी 22 जुलाई को दम तोड़ दिया. 43 साल के रतीश को इस घटना का गहरा सदमा लगा. अपने दोस्तों की हालत देखकर वह डिप्रेशन में चला गया और 23 जुलाई को अपने ही घर में फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया. इसके बाद 34 साल के नौफाल की भी 31 जुलाई को अस्पताल में मौत हो गई. वह 50 प्रतिशत से ज्यादा जल चुका था और इन्फेक्शन के कारण उसकी जान गई.
आग लगने के बाद नौफाल दर्द बर्दाश्त नहीं कर पा रहा था. वह अपनी बाइक पर सवार होकर करीब पांच किलोमीटर दूर तक गया और पिरप्पनकोड मंदिर के तालाब में छलांग लगा दी. वह काफी देर तक पानी में ही रहा. डॉक्टरों का मानना है कि इसी वजह से उसे गंभीर इन्फेक्शन हुआ. जलने के कारण नौफाल के हाथ की नसें पूरी तरह से डैमेज हो चुकी थीं. इस भयानक अग्निकांड में शामिल अरुण का अभी नेदुमंगड के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है. वहीं रियाज को आई चोटें ज्यादा गंभीर नहीं हैं.
(राजेश वेम्बायम के इनपुट्स के साथ)
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