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कलेक्टर की SSO आईडी हैक, फर्जी दस्तावेज किया अपलोड, करोड़ों हड़पने की तैयारी में था 12वीं पास युवक


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Jaisalmer Collector SSO ID Hacking Case: जैसलमेर में साइबर अपराध का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां जिला कलेक्टर अनुपमा जोरवाल की एसएसओ आईडी हैक कर उसमें फर्जी मोबाइल नंबर और दस्तावेज जोड़ दिए गए. पुलिस ने झालावाड़ निवासी 25 वर्षीय राहुल को गिरफ्तार किया है. जांच में सामने आया कि आरोपी सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों की बैंक जानकारी बदलकर राशि अपने खातों में ट्रांसफर करने की साजिश रच रहा था. आईटी विभाग की सतर्कता से मामला समय रहते पकड़ में आ गया.आरोपी ने पूछताछ में खुलासा किया कि वह पहले भी सरकारी कर्मचारियों, तहसीलदारों और पटवारियों की आईडी हैक कर लाभार्थियों के बैंक खाते बदल चुका है पुलिस अब आरोपी के नेटवर्क, सहयोगियों और अन्य साइबर अपराधों की भी जांच कर रही है.

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जैसलमेर में जिला कलेक्टर अनुपमा जोरवाल की एसएसओ आईडी हैक

जैसलमेर. साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच अब ठगों ने सरकारी तंत्र को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया है. राजस्थान के सरहदी जिले जैसलमेर में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां जिला कलेक्टर अनुपमा जोरवाल की एसएसओ आईडी हैक कर उसमें छेड़छाड़ की गई. मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए झालावाड़ निवासी 25 वर्षीय आरोपी राहुल को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद पुलिस रिमांड पर भेजा गया है, जहां उससे गहन पूछताछ की जा रही है.

बताया जा रहा है कि आरोपी राहुल 12वीं पास है और उसने जिला कलेक्टर की एसएसओ आईडी में अवैध रूप से प्रवेश कर अपना मोबाइल नंबर लिंक करवा लिया था. इतना ही नहीं, उसने सिस्टम में छेड़छाड़ करते हुए कुछ फर्जी दस्तावेज भी अपलोड कर दिए थे. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी का मकसद सरकारी योजनाओं के तहत लाभार्थियों को मिलने वाली राशि को अपने खाते में ट्रांसफर करवाना था.

ऐसे हुआ पूरे मामले का खुलासा

आरोपी पीएम किसान सम्मान निधि और पेंशन योजनाओं के लाभार्थियों के बैंक खातों की जानकारी बदलने की योजना पर काम कर रहा था. इसी दौरान एक दस्तावेज अपलोड करते समय सिस्टम में ओटीपी सत्यापन की प्रक्रिया शुरू हुई. आईटी विभाग ने सुरक्षा के तहत ओटीपी को जिला कलेक्टर अनुपमा जोरवाल से क्रॉस वेरिफाई किया, जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हो गया. घटना सामने आते ही कलेक्टर कार्यालय के कर्मचारियों में हड़कंप मच गया और तत्काल जिला कलेक्टर को इसकी जानकारी दी गई.

एसपी के निर्देश पर गठित टीम ने झालावाड़ से आरोपी को किया गिरफ्तार

मामले की गंभीरता को देखते हुए जैसलमेर पुलिस अधीक्षक अभिषेक शिवहरे के निर्देशन में विशेष टीम का गठन किया गया. तकनीकी जांच और साइबर ट्रैकिंग के आधार पर पुलिस ने आरोपी राहुल को झालावाड़ से गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में आरोपी ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. उसने बताया कि वह पहले भी सरकारी कर्मचारियों, तहसीलदारों और पटवारियों की आईडी हैक कर चुका है. इसके बाद वह सरकारी पोर्टल पर लाभार्थियों के बैंक खातों की जानकारी हटाकर अपने फर्जी बैंक खातों की डिटेल दर्ज कर देता था, जिससे सरकारी योजनाओं की राशि सीधे उसके खाते में पहुंच जाती थी.

राजस्थान के कई जिला कलेक्टरों की आईडी हैक करने की थी योजना

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी इस बार राजस्थान के कई जिला कलेक्टरों की आईडी हैक करने की योजना बना रहा था. उसका उद्देश्य एक साथ बड़े स्तर पर सरकारी योजनाओं के धन का गबन कर करोड़ों रुपये कमाना था. हालांकि, समय रहते आईटी विभाग की सतर्कता और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से उसकी साजिश नाकाम हो गई. फिलहाल पुलिस आरोपी के नेटवर्क, उसके सहयोगियों और अन्य संभावित साइबर अपराधों की जांच में जुटी हुई है.

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deep ranjan

दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से News18 हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें



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