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कश्मीर वाली शिकारा बोट और 9 कोनों का रहस्य…नैनीताल आएं तो इस खूबसूरत झील का करें दीदार


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Naukuchiatal Lake Nainital: नैनीताल घूमने का प्लान बना रहे हैं तो नौकुचियाताल आपके लिए एक ऐसी जगह हो सकती है, जहां झील की खूबसूरती के साथ रहस्य और रोमांच भी देखने को मिलता है. मानसून में बारिश के बाद यहां की पहाड़ियां हरियाली से ढक जाती हैं और झील के ऊपर छाई धुंध पूरा माहौल बदल देती है. लेकिन इस जगह की सबसे खास बात सिर्फ इसका खूबसूरत नजारा नहीं, बल्कि झील से जुड़ी एक ऐसी मान्यता है जो आज भी लोगों की जिज्ञासा बढ़ाती है. इसके अलावा यहां बोटिंग से लेकर कयाकिंग और जिप लाइन जैसी कई रोमांचक गतिविधियां भी की जा सकती हैं. आखिर नौकुचियाताल को इतना खास क्या बनाता है आइए जानते हैं.

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नैनीताल जिले की खूबसूरत झीलों में नौकुचियाताल अपनी अलग पहचान रखती है. घने जंगलों और पहाड़ियों से घिरी यह झील मानसून में बेहद आकर्षक नजर आती है. बारिश के बाद चारों ओर हरियाली और झील के ऊपर छाई हल्की धुंध यहां के नजारे को और खूबसूरत बना देती है. नौकुचियाताल की सबसे खास बात इसके नौ कोने हैं. इसी वजह से इसका नाम नौकुचियाताल पड़ा. स्थानीय मान्यताओं में इस झील को रहस्यमयी माना जाता है. कहा जाता है कि जो व्यक्ति इसके सभी नौ कोनों को एक साथ देख ले, उसे विशेष पुण्य और राजपद की प्राप्ति होती है.

नौकुचियाताल नैनीताल शहर से करीब 30 किलोमीटर और काठगोदाम से लगभग 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. शहर की भीड़ से दूर यह जगह प्रकृति प्रेमियों को खास आकर्षित करती है. पहाड़ों के बीच फैली झील का हरा-नीला पानी और चारों ओर मौजूद घने जंगल यहां के दृश्य को बेहद खूबसूरत बनाते हैं. मानसून में बारिश के बाद पहाड़ों पर हरियाली छा जाती है और बादल झील के ऊपर मंडराते दिखाई देते हैं. यही वजह है कि इस मौसम में नौकुचियाताल फोटोग्राफी के लिए भी शानदार जगह बन जाता है.

नौकुचियाताल की सबसे खास बात इसके नौ कोनों को लेकर है. स्थानीय मान्यता के अनुसार झील के सभी नौ कोनों को एक साथ देख पाना बेहद मुश्किल है. लोककथाओं में कहा जाता है कि अगर कोई व्यक्ति एक ही स्थान से झील के सभी नौ कोनों का दर्शन कर ले, तो उसे राजपद या मोक्ष की प्राप्ति हो सकती है. कुछ स्थानीय दावों में यह भी कहा जाता है कि ऊंचाई से देखने पर भी झील के सभी नौ कोने एक साथ नजर नहीं आते. हालांकि इन बातों का वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है. फिर भी यह रहस्य पर्यटकों की जिज्ञासा बढ़ाता है.

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नौकुचियाताल से जुड़ी एक प्रचलित लोककथा नौ नीलकंठ भाइयों की तपस्या से संबंधित है. स्थानीय लोगों के अनुसार, नौ भाई झील के अलग-अलग कोनों में बैठकर ध्यान और तपस्या किया करते थे. मान्यता है कि वे एक-दूसरे को दिखाई नहीं देते थे और अलग-अलग स्थानों पर साधना करते थे. इसी कथा को झील के नौ कोनों से जोड़कर देखा जाता है. स्थानीय परंपराओं में नौकुचियाताल का पौराणिक नाम सप्त सरोवर भी बताया जाता है. हालांकि इन कथाओं के अलग-अलग रूप स्थानीय स्तर पर सुनने को मिलते हैं.

मानसून में नौकुचियाताल का नजारा देखते ही बनता है. बारिश के बाद झील के आसपास की पहाड़ियां हरी चादर से ढक जाती हैं. बादलों की हल्की धुंध जब झील के ऊपर छाती है, तो पूरा इलाका बेहद सुन्दर दिखाई देता है. सुबह और शाम के समय यहां का मौसम खास तौर पर बेहद मनमोहक दिखाई देता है. हालांकि मानसून में पहाड़ी इलाकों की यात्रा के दौरान मौसम और सड़क की स्थिति का ध्यान रखना बेहद जरूरी है. सुरक्षित तरीके से यात्रा करते हुए पर्यटक नौकुचियाताल की प्राकृतिक खूबसूरती का दीदार कर सकते हैं.

नौकुचियाताल सिर्फ प्राकृतिक सुंदरता और रहस्य के लिए ही प्रसिद्ध नहीं है. यहां पर्यटकों के लिए कई रोमांचक गतिविधियां भी उपलब्ध रहती हैं. झील में बोटिंग करना सबसे लोकप्रिय गतिविधियों में शामिल है. इसके अलावा कयाकिंग और अन्य वाटर स्पोर्ट्स का आनंद भी लिया जा सकता है. इसके साथ ही यहां कुमाऊं की सबसे लंबी जिप लाइन भी उपलब्ध है. एडवेंचर पसंद करने वाले पर्यटकों के लिए आसपास पैराग्लाइडिंग जैसी गतिविधियां भी आकर्षण का केंद्र रहती हैं.

नौकुचियाताल में आप शिकारा बोट का आनंद ले सकते हैं. यहां की झील में चलने वाली ये खास नौकाएं आपको कश्मीर की डल झील में चलने वाली शिकारा बोट का आनंद देती है. यहां कई तरह की सोफे वाली, बैड वाली शिकारा आपको देखने को मिलेगी. इसके साथ ही यहां पास में हैलीपैड भी बना हुआ है, जहां से आप देहरादून, हल्द्वानी, अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़ तक हेलीकॉप्टर राइड कर सकते हैं.

नौकुचियाताल घूमने आने वाले पर्यटकों के लिए पास स्थित कमल ताल भी आकर्षण का केंद्र है. जैसा कि नाम से ही पता चलता है, यह ताल कमल के फूलों के लिए जाना जाता है. यहां अलग-अलग रंगों के कमल खिलते हैं, जो ताल की खूबसूरती को और बढ़ा देते हैं. शांत पानी में खिले कमल और आसपास की हरियाली का खूबसूरत नजारा फोटोग्राफी के लिए बेहद खास है. मानसून के दौरान आसपास का वादियां और भी खूबूसूरत नजर आती हैं. नौकुचियाताल और कमल ताल को एक साथ देखने पर पर्यटकों को अलग अनुभव मिलता है.

नौकुचियाताल के आसपास पर्यटकों के ठहरने के लिए कई होटल, लॉज, रिजॉर्ट और होमस्टे मौजूद हैं. यहां अलग-अलग बजट के यात्रियों के लिए विकल्प मिल जाते हैं. कई ठहरने की जगहों से झील और पहाड़ियों का खूबसूरत दृश्य भी दिखाई देता है. जो पर्यटक नैनीताल शहर की भीड़ से दूर शांत माहौल में समय बिताना चाहते हैं, उनके लिए नौकुचियाताल अच्छा विकल्प हो सकता है.

नौकुचियाताल की खूबसूरती इसे प्रकृति प्रेमियों और फोटोग्राफरों के लिए बेहद खास जगह बनाती है. यहां पहाड़, जंगल, झील, बादल और धुंध एक साथ दिखाई देते हैं. मानसून में बारिश के बाद यह दृश्य और भी आकर्षक हो जाता है. झील के किनारे बैठकर शांत वातावरण का आनंद लेना या नाव से झील के बीच जाकर आसपास की पहाड़ियों को देखना पर्यटकों के लिए यादगार अनुभव हो सकता है.

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