नई दिल्ली12 मिनट पहले
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गुरुवार को दिल्ली में मीडिया से बातचीत करते हुए केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने एक्टर नसीरुद्दीन शाह के ‘दिमागी नक्सल’ वाले बयान की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि वह अब तक नसीरुद्दीन शाह को केवल एक कलाकार के रूप में जानते थे, लेकिन उन्हें नहीं पता था कि उनकी सोच ऐसी है।
गुरुवार को दिल्ली में मीडिया से बातचीत में रिजिजू ने कहा- मुझे नहीं पता था कि नसीरुद्दीन शाह की सोच इस तरह की है। मैं उन्हें सिर्फ एक कलाकार समझता था। मुझे लगता था कि वह एक अच्छे और सभ्य कलाकार हैं। लेकिन अब पता चला कि वह खुद भी मानसिक रूप से नक्सल हैं।”
इससे पहले बुधवार को रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी नसीरुद्दीन शाह की आलोचना की थी। उन्होंने लिखा था कि वह शाह को एक साधारण अभिनेता समझते थे और उनका सम्मान करते थे, लेकिन उन्हें नहीं पता था कि वह एक खतरनाक शहरी ‘दिमागी नक्सल’ हैं।
बुधवार को सोशल मीडिया पर भी नसरुद्दीन पर निशाना साधा था।
अशोक पंडित ने कहा- शाह का यह व्यवहार उनकी छवि को नुकसान पहुंचा रहा है
फिल्म निर्माता अशोक पंडित ने भी नसीरुद्दीन शाह के बयान की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि शाह अपनी हताशा और असुरक्षा की भावना के कारण इस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। उनका सार्वजनिक व्यवहार उनकी छवि को नुकसान पहुंचा रहा है।
पंडित ने कहा कि कैमरे पर शाह के व्यवहार से उनकी हताशा दिखाई देती है। उन्होंने यह भी कहा कि अभिनेता को मनोचिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए। ये अशोक पंडित के आरोप और निजी टिप्पणियां हैं।

नसीरुद्दीन शाह ने मंगलवार को अपने फेसबुक अकाउंट पर यह वीडियो शेयर किया था।
नसीरुद्दीन शाह ने क्या कहा था?
नसीरुद्दीन शाह ने मंगलवार को अपने फेसबुक अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वे कहते हैं- “मैं फख्र के साथ कहता हूं, मैं दिमागी नक्सल हूं। दिमागी नक्सल के अलावा मालूम नहीं क्या-क्या लकब (उपनाम) दिए हैं चौकीदार ने मुझ जैसे लोगों को, एंटी-नेशनल, टुकड़े-टुकड़े गैंग और मालूम नहीं क्या-क्या।”
उन्होंने आगे कहा, “टुकड़े-टुकड़े गैंग अगर इस मुल्क में कोई है, तो वो ये नाजायज हुकूमत है और मैं इस हुकूमत से एक सवाल पूछना चाहता हूं। और क्या-क्या करोगे तुम? हमारे मुल्क के नौजवानों की हिम्मत को तोड़ने के लिए, शिक्षा संस्थानों को बर्बाद करने के लिए और हमारे लोकतंत्र को खतरे में डालने के लिए, कितना करोगे? तुम और तुमने अपने इर्द-गिर्द जो बेवकूफ, बेईमानों की पलटन इकट्ठी की है, कहां तक जाओगे?”
उन्होंने यह भी कहा कि पहले जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU), फिर सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट और अब जामिया मिलिया इस्लामिया में छात्रों पर जो जुल्म किया जा रहा है, वो याद रखा जाएगा। सब याद रखा जाएगा।
नसीरुद्दीन शाह ने अपने वीडियो में मीडिया और बीजेपी आईटी सेल के लिए अपशब्दों का भी प्रयोग किया।
उन्होंने कहा कि तमाम कोशिशों के बावजूद देश के युवाओं का हौसला नहीं टूटेगा, शिक्षा संस्थान बर्बाद नहीं होंगे और लोकतंत्र खतरे में नहीं पड़ेगा।
वीडियो के आखिर में उन्होंने देश के युवाओं को सलाम किया और कहा कि उनकी दुआएं उनके साथ हैं।
नसीरुद्दीन शाह लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी (BJP) और केंद्र सरकार की नीतियों के मुखर आलोचक रहे हैं।
बीजेपी के लिए अपशब्द कहे थे; झूठी पार्टी बताया था
इससे पहले नसीरुद्दीन शाह ने शनिवार को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक वीडियो शेयर किया था। अभिनेता ने आरोप लगाया था कि पश्चिम बंगाल चुनाव में जीत के बाद बीजेपी उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है, जो उसकी विचारधारा और नीतियों से सहमत नहीं हैं। उन्होंने सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट के छात्रों का मुद्दा भी उठाया।
शाह ने वीडियो में कहा था कि संस्थान के छात्र प्रशासन से जवाब मांग रहे थे। इसके बदले उन्हें कारण बताओ नोटिस दिए गए, निगरानी में रखा गया और धमकियां दी गईं। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों को हॉस्टल खाली करने के लिए कहा गया है।
अभिनेता ने बीजेपी पर आरोप लगाया था कि वह अपने पक्ष में प्रचार को बढ़ावा दे रही है और असहमत लोगों को डराने या उनकी सोच बदलने की कोशिश कर रही है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
