कोच्चि26 मिनट पहले
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यह हादसा 25 अक्टूबर की देर रात कोच्चि के चेरानल्लूर इलाके में हुआ था।
केरल हाईकोर्ट ने कोच्चि के चेरानल्लूर में हुए मर्सिडीज-बेंज सड़क हादसे के नाबालिग आरोपी के जज पिता को अग्रिम जमानत दे दी है। एडिशनल सेशन जज कविता गंगाधरन ने गुरुवार को पीड़ित परिवार की ओर से दायर याचिका को खारिज कर दिया।
कोर्ट ने कहा कि आरोपी जांच में सहयोग नहीं कर रहा है, इस बात के सबूत नहीं मिले हैं। वहीं, पूछताछ के लिए हिरासत में लिए जाने की जरूरत नहीं है। कोर्ट ने कहा है कि जज न्यायिक अधिकारी हैं और जांच में सहयोग कर चुके हैं।
यह हादसा 25 अक्टूबर की देर रात कोच्चि के चेरानल्लूर इलाके में हुआ था। जज के नाबालिग बेटे ने तेज रफ्तार में मर्सिडीज चलाते हए स्कूटर सवार 55 साल के जयबालकृष्णन को पीछे से टक्कर मार दी थी। हादसे में उनकी मौत हो गई थी।
इसी फैसले पर आरोपी की बेटी भद्रा कीर्ति ने एक न्यूज चैनल से बातचीत में कहा- यह फैसला मेरे सीने में चाकू घोंपने जैसा है। परिवार को उम्मीद थी कि उन्हें कुछ न्याय मिलेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

आरोपी के पिता को गुरुवार (29 अक्टूबर) को एर्नाकुलम स्थित पुलिस कैंप में पूछताछ के लिए पहुंचे थे।
नाबालिग के पिता जज को बनाया गया है आरोपी
कार जज के नाम पर रजिस्टर्ड होने के चलते केरलम हाईकोर्ट के निर्देश पर पुलिस ने जज के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 199ए के तहत मामला दर्ज किया और मामले में आरोपी बनाया है।
जज ने हाईकोर्ट में कहा है कि उन्हें पता नहीं था कि उनका बेटा कार लेकर घर से निकला है। उनके मुताबिक, वे रात 1:28 बजे सोने चले गए थे। उन्हें हादसे की जानकारी रात 2:14 बजे फोन से मिली।
पत्नी के साथ मृतक जयबालकृष्णन। फाइल फोटो।
30 साल से चला रहे थे खाने का स्टॉल, घर लौटते समय हादसा
मृतक जयबालकृष्णन करीब 30 साल से अपनी पत्नी मंजू के साथ सड़क किनारे वेज खाने का स्टॉल चला रहे थे। रिपोर्ट के मुताबिक, जयबालकृष्णन ने शनिवार रात चित्तूर मंदिर के पास अपना स्टॉल बंद किया था। वह रोज शाम करीब 4 बजे दुकान खोलते थे।
जयबालकृष्णन और उनकी पत्नी रोज स्कूटी से करीब 20 किलोमीटर का सफर तय करके दुकान पहुंचते थे। उनकी पत्नी वैरिकोज वेन्स के इलाज के कारण एक सप्ताह की छुट्टी पर थीं। हादसे के समय जयबालकृष्णन अकेले घर लौट रहे थे।
मृतक जयबालकृष्णन (गुलाबी शर्ट में) अपने परिवार के साथ।
मृतक की बेटी का दावा- आरोपी पहले भी तेज रफ्तार में कार चलाता था
वहीं मृतक की बेटी भद्रकीर्ति ने दावा किया है कि उनके पास इस बात के सबूत हैं कि नाबालिग पहले भी कार चलाता था। उन्होंने दावा किया कि आरोपी ने अपने दोस्तों को 200 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से कार चलाने के वीडियो और तस्वीरें भेजी थीं।
NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, नाबालिग अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर तेज रफ्तार में ड्राइविंग से जुड़े वीडियो पोस्ट करता था। हादसे के कुछ घंटों बाद ये पोस्ट हटा दिए गए और अकाउंट को प्राइवेट कर दिया गया।
रिपोर्ट में पुलिस सूत्रों के हवाले से बताया गया कि कुछ वीडियो में नाबालिग 200 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से कार चलाता दिखा था। हादसे के वक्त भी उसकी कार 100 किमी प्रति घंटे से ज्यादा की रफ्तार में थी।
पुलिस आयुक्त का तबादला, चार पुलिसकर्मी निलंबित
मामले में पुलिस लापरवाही के बाद कोच्चि के पुलिस आयुक्त एस. कलिराज महेश कुमार का तबादला किया जाएगा। आर. निशांतिनी नई पुलिस आयुक्त का कार्यभार संभालेंगी। इस मामले में चार पुलिसकर्मियों को भी निलंबित किया गया है।
पुलिस के शुरुआती बयान के मुताबिक, हादसे के समय किशोर शराब के नशे में नहीं था। उसके खून के सैंपल जांच के लिए लिए गए थे। पुलिस ने कहा कि जांच में जिम्मेदार पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
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