Last Updated:
मुरैना के विशेष न्यायालय (पॉक्सो एक्ट) ने 3 माह की मासूम से दरिंदगी करने वाले आरोपी को उसके मरते दम तक जेल में रहने की सजा सुनाई है. पुलिस ने महज 15 दिन में जांच पूरी कर कोर्ट में चालान पेश किया था.
सांकेतिक तस्वीर (AI Generated)
मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देने वाले एक मामले में मुरैना के विशेष न्यायालय ने न्याय की एक नई मिसाल पेश की है. आज से करीब तीन महीने पहले एक 3 माह की मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी के मामले में अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए दोषी को मरते दम तक जेल की सलाखों के पीछे रहने का आदेश दिया है. विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) ने मामले की जघन्यता को देखते हुए स्पष्ट किया कि अपराधी को सामान्य रिहाई या किसी भी प्रकार की सरकारी रियायत का लाभ नहीं मिलेगा. वह अपनी आखिरी सांस तक कालकोठरी में ही रहेगा. यह खौफनाक वारदात 30 दिसंबर 2025 को घटित हुई थी, जिसने पूरे क्षेत्र को दहला दिया था.
फरियादिया ने थाना स्टेशन रोड में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि जब वह अपने बच्चों के साथ घर पर थी, तभी रिश्ते में जेठ लगने वाला आरोपी मासूम बच्ची को खिलाने के बहाने कमरे में ले गया. कुछ देर बाद जब बच्ची के रोने की चीख सुनाई दी, तो मां भागकर कमरे में पहुंची. वहां का दृश्य देख मां के पैरों तले जमीन खिसक गई. आरोपी वहां से भाग निकला था और मासूम बच्ची के शरीर से भारी रक्तस्राव हो रहा था. मामले की गंभीरता और जनता के आक्रोश को देखते हुए स्टेशन रोड पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की. पुलिस टीम ने वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने में कोई कसर नहीं छोड़ी और महज 15 दिनों के भीतर विवेचना पूरी कर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत कर दिया.
जांच के दौरान डीएनए परीक्षण (DNA Test) करवाया गया, जिसकी रिपोर्ट में आरोपी के खिलाफ पुख्ता सबूत मिले. वैज्ञानिक साक्ष्यों और डीएनए रिपोर्ट ने अदालत में अभियोजन के पक्ष को इतना मजबूत कर दिया कि दरिंदे के पास बचने का कोई रास्ता नहीं बचा. न्यायालय ने इस अपराध को जघन्य श्रेणी में रखते हुए महज तीन महीने के भीतर सुनवाई पूरी की और दोषसिद्धि का निर्णय सुनाया. फैसले में आरोपी को उम्रकैद के साथ-साथ 20 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया गया है. कानूनी एक्सपर्ट्स का कहना है कि मरते दम तक की सजा का अर्थ है कि अपराधी को सरकार की रिमिशन नीति (14 से 20 साल बाद रिहाई) का फायदा नहीं मिलेगा.
About the Author
न्यूज़18 हिंदी (Network 18) डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर के तौर कार्यरत. इंटरनेशनल, वेब स्टोरी, ऑफबीट, रिजनल सिनेमा के इंचार्ज. डेढ़ दशक से ज्यादा समय से मीडिया में सक्रिय. नेटवर्क 18 के अलावा टाइम्स ग्रुप, …और पढ़ें



