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Saheliyon Ki Bari Udaipur Tourist Spot: राजस्थान में भीषण गर्मी के बीच उदयपुर की सहेलियों की बाड़ी लोगों को ठंडक और सुकून का एहसास करा रही है. ऐतिहासिक इस बाग में लगे झरने, फव्वारे और हरियाली पर्यटकों को मानसून जैसा अनुभव देते हैं. संगमरमर की कलात्मक संरचनाएं और पानी की मधुर आवाज इस जगह की खूबसूरती को और बढ़ाती हैं. यहां आने वाले पर्यटक गर्मी को भूलकर प्राकृतिक वातावरण का आनंद लेते हैं और फोटोग्राफी भी करते हैं. सहेलियों की बाड़ी उदयपुर का प्रमुख पर्यटन स्थल है, जहां हर मौसम में भीड़ रहती है, लेकिन गर्मियों में इसकी लोकप्रियता और बढ़ जाती है.
राजस्थान में इन दिनों गर्मी अपने तीखे तेवर दिखा रही है. तापमान लगातार बढ़ रहा है और लोग गर्मी से राहत पाने के लिए ठंडी जगहों की तलाश कर रहे हैं. ऐसे मौसम में झीलों की नगरी उदयपुर की एक ऐतिहासिक और खूबसूरत जगह लोगों को मानसून जैसा एहसास करा रही है. हम बात कर रहे हैं सहेलियों की बाड़ी की, जहां पहुंचते ही झरनों की मधुर आवाज, फुहारों की ठंडक और हरियाली से भरा वातावरण लोगों को कुछ पल के लिए गर्मी को भूलने पर मजबूर कर देता है.

सहेलियों की बाड़ी उदयपुर के सबसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में से एक है. यहां लगे संगमरमर के फव्वारे और कृत्रिम झरने आज भी लोगों को आकर्षित करते हैं.जैसे ही पर्यटक इस बाड़ी में प्रवेश करते हैं, उन्हें ऐसा महसूस होता है मानो मानसून की बारिश के बीच किसी प्राकृतिक उद्यान में घूम रहे हों. गर्म हवाओं के बीच यहां का ठंडा और शांत वातावरण लोगों को काफी सुकून देता है.

सहेलियों की बाड़ी केवल ऐतिहासिक महत्व ही नहीं रखती, बल्कि यह प्रकृति प्रेमियों और फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए भी खास जगह है. यहां मौजूद हरे-भरे पेड़-पौधे, संगमरमर की कलात्मक छतरियां और सुंदर जल संरचनाएं लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती हैं. पर्यटक यहां परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताने के साथ-साथ यादगार तस्वीरें भी लेते हैं.
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इस बाड़ी की सबसे बड़ी खासियत यहां बने झरने और फव्वारे हैं. इनकी संरचना इस तरह से की गई है कि बिना आधुनिक तकनीक के भी पानी का प्रवाह आकर्षक दिखाई देता है. फव्वारों से गिरती पानी की बूंदें और झरनों की आवाज पर्यटकों को बरसात के मौसम का अनुभव कराती हैं. यही कारण है कि गर्मी के दिनों में यहां आने वालों की संख्या बढ़ जाती है.

गर्मी के इस मौसम में जब राजस्थान के अधिकांश हिस्से तेज धूप और गर्म हवाओं की चपेट में हैं, तब उदयपुर की सहेलियों की बाड़ी लोगों को राहत का एक खूबसूरत ठिकाना दे रही है. इतिहास, स्थापत्य कला, हरियाली और झरनों का अनोखा संगम इस स्थान को खास बनाता है. यही वजह है कि यह जगह आज भी उदयपुर आने वाले पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी हुई है और गर्मी में मानसून का एहसास कराने वाली अनूठी पहचान रखती है.

सहेलियों की बाड़ी का निर्माण मेवाड़ के महाराणा संग्राम सिंह द्वितीय ने करवाया था. बताया जाता है कि इसे उनकी रानी और उनकी सहेलियों के मनोरंजन के लिए तैयार किया गया था.इसी वजह से इसका नाम सहेलियों की बाड़ी पड़ा. राजपरिवार की महिलाओं के लिए यह स्थान विश्राम, मनोरंजन और प्रकृति के बीच समय बिताने का विशेष केंद्र हुआ करता था.

देश-विदेश से उदयपुर आने वाले पर्यटकों की यात्रा सहेलियों की बाड़ी देखे बिना अधूरी मानी जाती है.शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल यह स्थान हर मौसम में आकर्षण का केंद्र बना रहता है, लेकिन गर्मी के दिनों में इसकी लोकप्रियता और अधिक बढ़ जाती है. कई पर्यटक बताते हैं कि यहां का वातावरण उन्हें कुछ देर के लिए पहाड़ी और बारिश वाले क्षेत्रों की याद दिला देता है.



