Homeव्यवसायचैरिटी के नाम पर सरकार सख्त: ऑनलाइन शॉपिंग में नहीं चलेगी कंपनियों...

चैरिटी के नाम पर सरकार सख्त: ऑनलाइन शॉपिंग में नहीं चलेगी कंपनियों की मनमानी, बिना पूछे नहीं कटेगा पैसा



सांकेतिक तस्वीर
– फोटो : Amar Ujala AI

विस्तार

ऑनलाइन टिकट बुक करते या कोई सामान खरीदते वक्त क्या आपके बिल में भी चुपचाप 1 या 10 रुपये चैरिटी के नाम पर जुड़ जाते हैं? रकम छोटी होने के कारण ग्राहक अक्सर इस पर ध्यान नहीं देते, लेकिन अब सरकार ई-कॉमर्स कंपनियों के इस छिपे हुए खेल को लेकर बेहद सख्त हो गई है।


बास्केट स्नीकिंग पर लगाम लगाने की तैयारी

उपभोक्ता मामले का विभाग ई-कॉमर्स कंपनियों की इस मनमानी यानी बास्केट स्नीकिंग पर लगाम कसने के लिए कड़े नियम और गाइडलाइन तैयार कर रहा है, जो इस साल दिसंबर तक जारी हो सकते हैं। मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, जिस तरह एयरलाइंस या बस कंपनियां सीट चुनने के लिए (विंडो या फ्रंट सीट) अलग से चार्ज वसूलने से पहले ग्राहक की साफ सहमति लेती हैं, उसी तरह चैरिटी के नाम पर पैसा लेने के लिए भी स्पष्ट विकल्प रखना होगा। बिना उपभोक्ता की मर्जी से कंपनियां अपनी तरफ से एक्स्ट्रा शुल्क नहीं काट सकेंगी।

ये भी पढ़ें: ट्राई ने बदले शिकायत निवारण के नियम: अपील की समयसीमा 30 से घटाकर 15 दिन की; दिव्यांगों के लिए अलग हेल्पलाइन

 क्या है ‘बास्केट स्नीकिंग’

जब आप किसी ऑनलाइन खरीदारी करते हैं तो  भुगतान के समय आपकी सहमति के बिना बास्केट या कार्ट में कुछ अतिरिक्त वस्तुएं जैसे वारंटी, दान, चैरिटी या कोई दूसरी सर्विस या प्रोडक्ट चुपचाप जोड़ दी जाती हैं। इस खेल के जरिये कंपनियां करोड़ों इकट्ठा कर लेती हैं। इसे ही बास्केट स्नीकिंग कहा जाता है।



Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments