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जंग के चलते तेजस के इंजन की सप्लाई रुकी: अमेरिकी कंपनी को डिलीवरी देनी है, अब साल के अंत में आएंगे


नई दिल्ली31 मिनट पहलेलेखक: मुकेश कौशिक

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भारतीय वायुसेना ने HAL को तेजस के 83 विमान ऑर्डर किए हैं जो कि 2028 तक डिलीवर किए जाने हैं।

मिडिल-ईस्ट में चल रहे युद्ध के कारण भारत के बहुप्रतीक्षित लड़ाकू विमान तेजस के इंजन की सप्लाई रुक गई है। इन विमानों के इंजन सप्लाई करने वाली अमेरिकी कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक (जीई) ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) को कह दिया है कि अभी सप्लाई नहीं दे पाएंगे।

भास्कर को भरोसेमंद सूत्रों ने बताया कि अब साल के अंत तक ही इंजन मिलने की उम्मीद है। 113 इंजनों की आपूर्ति का करार हुआ था। HAL ने मार्च 2026 तक 24 तेजस विमान वायुसेना को देने का वादा किया था।

लेकिन, एचएएल में खड़े 9 तेजस एमके 1ए विमान इंजन के अभाव में वायुसेना को नहीं मिल पा रहे हैं। जबकि 5 विमान पूरी तरह तैयार हैं। 19 विमानों के एयर फ्रेम भी तैयार हैं। यदि आपूर्ति बहाल होती है तो इस साल 24 और अगले साल तक 30 इंजन मिल जाएंगे। 9000 करोड़ की 113 इंजनों की डील पर कंपनी आगे बढ़ पाएगी।

हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने करीब 5 महीने पहले अमेरिकी कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक (GE) के साथ 1 अरब डॉलर (करीब ₹8,870 करोड़) की डील की थी।

हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने करीब 5 महीने पहले अमेरिकी कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक (GE) के साथ 1 अरब डॉलर (करीब ₹8,870 करोड़) की डील की थी।

2021ः HAL को 83 तेजस मार्क-1A का ऑर्डर, अभी 1 भी डिलीवरी नहीं

इससे पहले फरवरी 2021 में सरकार ने HAL के साथ 83 तेजस मार्क-1A खरीदने के लिए 48,000 करोड़ का करार किया था, लेकिन HAL अमेरिकी इंजन की डिलीवरी में देरी की वजह से अभी तक एक भी एयरक्राफ्ट नहीं सौंप पाया है। उम्मीद है कि 2028 तक HAL सभी एयरक्राफ्ट्स वायुसेना को सौंप देगा। इसके लिए HAL को GE की ओर से अभी तक 4 इंजन भी मिल चुके हैं।

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तेजस एयरक्राफ्ट का एडवांस वर्जन मार्क-1A

LCA तेजस मार्क-1A लड़ाकू विमान को पाकिस्तान बॉर्डर के पास राजस्थान के बीकानेर स्थित नाल एयरबेस पर तैनात करने की योजना है। रक्षा मंत्रालय ने बताया था कि इस जेट में स्वयं रक्षा कवच और कंट्रोल एक्चुएटर होंगे। तेजस मार्क-1A के 65% से ज्यादा उपकरण भारत में बने हैं।

मार्क 1A, सिंगल इंजन वाले तेजस एयरक्राफ्ट का एडवांस वर्जन है। यह चौथी पीढ़ी का हल्का लड़ाकू विमान है, जो कम वजन के बावजूद बेहद फुर्तीला है। इसमें अपग्रेडेड एवियॉनिक्स और रडार सिस्टम लगे हैं।

तेजस के पुराने वर्जन को भी HAL ने डेवलप किया है। इसे एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) और DRDO की मदद से बनाया गया है। इसे हवा, पानी और जमीन पर हमलों के लिए डिजाइन किया गया है। यह मुश्किल हालात में भी अपने टारगेट को निशाना बना सकता है।

मार्क-1A एयरक्राफ्ट वायुसेना के मिग-21 के बेड़े का रिप्लेसमेंट है। मिग-21 26 सितंबर को रिटायर हो चुका है। इसने 62 साल की सर्विस के दौरान 1971 युद्ध, कारगिल और कई बड़े मिशन में अहम भूमिका निभाई थी।

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PM मोदी भी तेजस में उड़ान भर चुके

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 नवंबर 2022 को बेंगलुरु में तेजस फाइटर प्लेन में उड़ान भरी थी। किसी भारतीय प्रधानमंत्री की फाइटर प्लेन में यह पहली उड़ान थी। तेजस में उड़ान भरने से पहले मोदी बेंगलुरु स्थित हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) भी पहुंचे थे।

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