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धनतेरस के पावन अवसर पर सोने और चांदी की खरीदारी को लेकर भारतीय उपभोक्ताओं की सोच में बड़ा बदलाव देखा जा रहा है। अब लोग इसे केवल एक सांस्कृतिक परंपरा नहीं, बल्कि एक मजबूत धन-सृजन रणनीति के रूप में देख रहे हैं। ब्रोक्रेज फर्म केडिया एडवाइजरी की रिपोर्ट के अनुसार, 2012 से 2026 के बीच पिछले 14 वर्षों में सोने और चांदी में निवेश करने वाले निवेशकों ने मामूली उतार-चढ़ाव से लेकर अभूतपूर्व तेजी तक का सफर तय किया है। वैश्विक बाजार में अमेरिका के मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेट्स की जीत और ईरान के साथ युद्ध समाप्त होने की उम्मीदों के चलते कच्चे तेल में गिरावट तथा अमेरिकी डॉलर के कमजोर होने से बुलियन मार्केट में मजबूती बनी हुई है।
सोने की दमक: मंदी से लेकर 1.48 लाख रुपये तक रिकॉर्ड छलांग
- 2012 की शुरुआत: 11 नवंबर 2012 (धनतेरस) को सोना 31,643 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था, जिसने उस वर्ष 18.40% का रिटर्न दिया।
- 2013-2015 का धैर्य काल: इसके बाद सोने ने निवेशकों के धैर्य की परीक्षा ली। 9 नवंबर 2015 को सोना 6.78% की गिरावट के साथ 25,686 रुपये पर आ गया था।
- 2020 का बड़ा उछाल: 2020 में कोरोना काल के दौरान सोने में 32.22% की जोरदार तेजी आई और कीमत 50,600 रुपये पर पहुंच गई।
- 2025 का ऐतिहासिक ब्रेकआउट: 17 अक्तूबर 2025 को सोने ने अब तक की सबसे बड़ी छलांग लगाई, जब यह 60.30% उछलकर 1,27,008 रुपये पर पहुंच गया।
- 2026 का वर्तमान स्तर : 5 नवंबर 2026 को सोना 1,48,800 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ, जो 15% से ज्यादा की तेजी दिखाता है।
सोने-चांदी : ऐतिहासिक मूल्य और कितना रिटर्न
केडिया एडवाइजरी के आंकड़ों के अनुसार, 2013 से 2017 के दौरान दोनों धातुओं ने सुस्त प्रदर्शन किया, लेकिन 2019 के बाद एक विशाल ‘बुल रन’ देखने को मिला…
| सोना: कब कितने प्रतिशत चढ़ा | ||
| वर्ष | सोने की दर में बदलाव | फीसदी |
| 2012 | धनतेरस…31,643 | (+18.40%) |
| 2015 | निचला स्तर…25,686 | (-6.78%) |
| 2020 | उछाल 50,600 रुपये | (+32.22%) |
| 2025 | 1,27,008 | (+60.30%) |
| 5 नवंबर, 2026 | 1,48,800 | (+15%) |
| चांदी : कब कितना ऊपर-नीचे | ||
| वर्ष | चांदी की दर में बदलाव | फीसदी |
| 2012 | धनतेरस…60,920 रुपये | (+14.78%) |
| 2014 | निचला स्तर…भारी गिरावट | (-20.36%) |
| 2024 | रिकवरी…98,730 | (+40.98%) |
| 2025 | उछाल, 1,56,604 | (+58.62%) |
| 5 नवंबर, 2026 | 1,94,500 | (+21.93%) |
आगे कीमती धातुओं की कैसी रहेगी चाल
सोना : 4,000 डॉलर का स्तर रहेगा अहम
सोने की कीमतें अगस्त 2026 के बाद पहली बार पिछले 20 दिनों के औसत भाव से ऊपर पहुंची हैं। यह संकेत है कि कीमतों में फिर तेजी आ सकती है। आने वाले दिनों में 4,000 डॉलर प्रति औंस का स्तर सोने के लिए अहम रहेगा। इस स्तर के आसपास कीमतों को सहारा मिल सकता है।
चांदी : 54 डॉलर के पार जाने पर बढ़ेगी तेजी
चांदी की कीमतें 52 सप्ताह के सबसे निचले स्तर से 6% से ज्यादा बढ़ चुकी हैं। हालांकि, अभी यह पिछले 20 दिनों के औसत भाव से ऊपर नहीं पहुंची है। बाजार के जानकारों के मुताबिक, जब तक चांदी 54 डॉलर प्रति औंस का स्तर पार नहीं करती, तब तक इसमें बहुत तेज उछाल की उम्मीद नहीं है। फिलहाल इसकी कीमतों में सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव के साथ हल्की तेजी का रुझान बना रह सकता है।
कीमतें बढ़ने के 3 बड़े कारण
डॉलर कमजोर होने से सोने की मांग बढ़ी
अमेरिकी डॉलर और सोने की कीमतों में आमतौर पर उल्टा संबंध होता है। जब डॉलर कमजोर होता है, तो दूसरी देशों की मुद्राओं के मुकाबले सोना खरीदना आसान हो जाता है। इससे दुनिया भर में सोने की मांग बढ़ती है। अमेरिकी चुनावों में डेमोक्रेट्स की जीत के बाद डॉलर कमजोर हुआ, जिसका फायदा सोने और चांदी की कीमतों को मिला।
सरकारी बॉन्ड से कमाई घटने पर बढ़ा निवेश
अमेरिका में सरकारी बॉन्ड पर मिलने वाला ब्याज घटने से निवेशकों का रुझान सोने की ओर बढ़ा है। इसकी वजह यह है कि सोना रखने पर ब्याज नहीं मिलता। ऐसे में जब सरकारी बॉन्ड से कमाई कम होने लगती है, तो सोने को बेहतर विकल्प मानने लगते हैं।
दुनिया के केंद्रीय बैंक लगातार खरीद रहे सोना
महंगाई और दूसरी मुद्राओं में होने वाले उतार-चढ़ाव से बचने के लिए दुनिया के केंद्रीय बैंक सोने का भंडार लगातार बढ़ा रहे हैं। 2026 की तीसरी तिमाही में केंद्रीय बैंकों ने 321 टन सोना खरीदा। यह पिछले साल के मुकाबले 42% अधिक है।
चांदी की चमक : उतार-चढ़ाव, लेकिन शानदार रिटर्न
2012-2014 की गिरावट
11 नवंबर 2012 को चांदी 60,920 रुपये/प्रति किग्रा पर थी। इसके बाद 2013 (-20.10%) और 2014 (-20.36%) में भारी गिरावट आई। जिन निवेशकों ने घबराकर बिकवाली नहीं की, उन्हें आगे जबरदस्त फायदा मिला।
2020-2024 की वापसी
2020 में चांदी 35.49% और 2024 में 40.98% बढ़कर 98,730 रुपये पर पहुंची।
2025-2026 का नया शिखर
2025 में चांदी 58.62% की विशाल तेजी के साथ 1,56,604 रुपये हुई और 5 नवंबर 2026 तक 21.93% की और वृद्धि दर्ज कर 1,90,946 रुपये के रिकॉर्ड स्तर को छू गई।