देश में इस साल सामान्य से कम बारिश होने के आसार हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने एक महीने पहले लगाए अनुमान में बदलाव किया है। IMD के मुताबिक, 2026 में मानसून सीजन में देश में औसतन बारिश घटकर 78 सेंटीमीटर रह सकती है। 13 अप्रैल को मौसम विभाग ने 80 सेंटीमीटर बारिश का अनुमान लगाया था। 1971-2020 के आंकड़ों के आधार पर देश में औसत बारिश 87 सेंटीमीटर मानी जाती है। इस साल देश में कुल बारिश लॉन्ग पीरियड एवरेज (LPA) का करीब 90% रहने का अनुमान है। यह 2018 के बाद सबसे कम है। 2018 में सामान्य के मुकाबले 91% बारिश हुई थी। 100% LPA को सामान्य बारिश माना जाता है। IMD के मुताबिक जून-जुलाई में भी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, बिहार, ओडिशा, छत्तीसगढ़, गुजरात और आंध्र प्रदेश में हीटवेव चलने की संभावना है। आमतौर पर उस वक्त तापमान 30-35 डिग्री तक रहता है। इस बार 3 डिग्री ज्यादा टेंपरेचर रहेगा। जून में एमपी, यूपी, बिहार में कम बारिश मौसम विभाग ने बताया कि जून में मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड में सामान्य से भी कम बारिश होगी। वहीं महाराष्ट्र, राजस्थान और गुजरात के कुछ हिस्सों में सामान्य बारिश का अनुमान है। जहां खेती पानी पर निर्भर, वहां कम बारिश होगी मौसम विभाग ने बताया कि इस साल मानसून के कोर जोन में कम बारिश होगी। मानसून कोर जोन भारत का वह इलाका है जहां खेती सबसे ज्यादा मानसून की बारिश पर निर्भर करती है। यानी अगर बारिश अच्छी हुई या खराब हुई तो इसका सीधा असर फसलों, किसानों और खाद्य उत्पादन पर पड़ता है। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र का विदर्भ, झारखंड, ओडिशा, तेलंगाना, कुछ हिस्से उत्तर प्रदेश और बिहार के इलाके आते हैं।
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जून-जुलाई में भी हीटवेव चलेगी, मानसून श्रीलंका में अटका: केरल पहुंचने में 7 दिन लगेंगे; इस बार 78 सेमी बारिश संभव, यह सामान्य से 10% कम
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