{“_id”:”6ae3d1da6fa2d874330608a5″,”slug”:”jefferies-ltcg-tax-cut-foreign-investors-indian-stock-market-2026-10-30″,”type”:”story”,”status”:”publish”,”title_hn”:”जेफरीज का सुझाव: एलटीसीजी टैक्स घटाकर विदेशी निवेशकों को लुभा सकती है सरकार, बाजार को मिलेगी नई जान”,”category”:{“title”:”Business Diary”,”title_hn”:”बिज़नेस डायरी”,”slug”:”business-diary”}}
शेयर बाजार में लौटी रौनक।
– फोटो : IANS
विस्तार
शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बीच लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (एलटीसीजी) टैक्स में कटौती की संभावना ने नई उम्मीद जगाई है। वैशि्वक ब्रोकरेज फर्म जेफरीज का कहना है कि सरकार के पास शेयर बाजार से जुड़े टैक्स में राहत देने के तीन विकल्प हैं। पहला…सभी निवेशकों के लिए एलटीसीजी टैक्स में कटौती। दूसरा…विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) के लिए कैपिटल गेन्स टैक्स दरों में विशेष कटौती और तीसरा…एफपीआई के कैपिटल गेन की गणना डॉलर के आधार पर करना।
ब्रोकरेज फर्म ने कहा, एलटीसीजी टैक्स घटने से विदेशी निवेशकों की भारतीय शेयर बाजार में भरोसा और निवेश बढ़ सकता है। इसका लाभ उन क्षेत्रों को मिलेगा, जहां विदेशी निवेशकों ने दो साल में करीब 59 अरब डॉलर की बिकवाली की है। साथ ही, रुपये को भी मजबूती मिलेगी।
सरकार के लिए कटौती आसान नहीं
एलटीसीजी टैक्स में कटौती से शेयर बाजार को फायदा हो सकता है, लेकिन सरकार के लिए कमाई भी महत्वपूर्ण है। जेफरीज के मुताबिक, 2024-25 में शेयरों पर एलटीसीजी टैक्स से सरकार को 1.3 लाख करोड़ मिले थे, जबकि 2026-27 में सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (एसटीटी) से सालाना 85,000 करोड़ की कमाई का अनुमान है। रिपोर्ट के मुताबिक, 2024-25 में प्रत्यक्ष कर संग्रह में एलटीसीजी टैक्स और एसटीटी की कुल हिस्सेदारी 8 फीसदी थी। ऐसे में यह सरकार को तय करना होगा कि एलटीसीजी टैक्स में कितनी राहत दी जा सकती है।