Homeअपराधटाइपिंग मिस्टेक पर मर्डर के आरोपी को जमानत कैसे? जानिए तुषार मेहता...

टाइपिंग मिस्टेक पर मर्डर के आरोपी को जमानत कैसे? जानिए तुषार मेहता ने और क्या दी दलील?


Last Updated:

Meghalaya Honeymoon Murder Case: मेघालय हनीमून मर्डर केस में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट में जोरदार बहस की. उन्होंने कहा कि अरेस्ट मेमो में धारा की टाइपिंग मिस्टेक को आधार बनाकर हत्या की आरोपी सोनम रघुवंशी को जमानत देना पूरी तरह गलत है.

Zoom

Raja Raghuvanshi Honeymoon Murder Case: मेघालय हनीमून मर्डर केस में आज 21 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट के भीतर बेहद अहम कानूनी सुनवाई और जोरदार बहस देखने को मिली. देश की सबसे बड़ी अदालत के जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस पीबी वराले की पीठ के समक्ष मेघालय सरकार की ओर से पेश हुए देश के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने आरोपी सोनम रघुवंशी की जमानत के खिलाफ मजबूत कानूनी दलीलें रखीं. सुप्रीम कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को साफ शब्दों में कह दिया कि वह या तो तुरंत निचली अदालत के सामने सरेंडर कर ट्रायल का सामना करे या फिर सुप्रीम कोर्ट खुद मेरिट के आधार पर इस मामले में अपना अंतिम फैसला सुनाएगा. अदालत के इस कड़े अल्टीमेटम के बाद अपने पति की हत्या की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी की मुश्किलें बढ़ गई हैं.

लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की शुरुआत होते ही सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने हाई कोर्ट द्वारा आरोपी को जमानत दिए जाने के फैसले की कमियों को उजागर करना शुरू कर दिया. उन्होंने पीठ को बताया कि मेघालय पुलिस द्वारा तैयार किए गए अरेस्ट मेमो में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की हत्या से जुड़ी मुख्य धारा 103 की जगह गलती से ‘धारा 403’ लिख गया था. तुषार मेहता ने अदालत के सामने सवाल उठाया कि एक छोटी सी टाइपिंग की भूल या क्लर्कियल मिस्टेक को आधार बनाकर इतने जघन्य कत्ल की मुख्य आरोपी को जमानत पर रिहा कैसे किया जा सकता है? उन्होंने कोर्ट में साफ किया कि अरेस्ट मेमो में धारा का अंक गलत टाइप हो जाने का मतलब यह कतई नहीं निकाला जा सकता कि आरोपी को अपनी गिरफ्तारी की वजह की जानकारी नहीं थी. इसके बाद सॉलिसिटर जनरल ने आरोपी सोनम रघुवंशी के आचरण और उसकी नीयत पर सवाल खड़े करते हुए अदालत के सामने जिरह का दूसरा सबसे बड़ा और मजबूत बिंदु रखा.

तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट का ध्यान इस ओर खींचा कि सोनम ने गिरफ्तारी के बाद न तो मैजिस्ट्रेट के सामने और न ही अपनी शुरुआती दो जमानत याचिकाओं में कभी भी अरेस्ट मेमो न मिलने या गलत धारा लिखे होने की कोई शिकायत दर्ज कराई थी. एसजी ने दलील देते हुए कहा कि जब तीसरी बार जमानत अर्जी दाखिल की गई, तब कानूनी सलाह पर इस टाइपिंग मिस्टेक को ढाल बनाया गया. उन्होंने जोर देकर कहा कि कानून का यह सिद्धांत है कि अगर किसी प्रक्रिया में कोई खामी है, तो उसका सवाल पहली फुर्सत में ही उठाया जाना चाहिए, न कि केस के इतना आगे बढ़ जाने के बाद. अपनी दलीलों को और मजबूती देते हुए तुषार मेहता ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 22(1) और सुप्रीम कोर्ट के प्रसिद्ध ‘मधु लिमये केस’ के कानूनी नजीरों का हवाला दिया. उन्होंने तर्क दिया कि किसी भी आरोपी को गिरफ्तारी का कारण बताने का असली संवैधानिक मकसद सिर्फ इतना होता है कि उसे अपने ऊपर लगे मुख्य आरोपों की पूरी जानकारी रहे ताकि वह अपनी बेगुनाही साबित कर सके.

उन्होंने आगे कहा कि सोनम को बहुत अच्छे से पता था कि उस पर अपने प्रेमी और तीन भाड़े के शूटरों के साथ मिलकर अपने ही पति राजा रघुवंशी की निर्मम हत्या की साजिश रचने का संगीन आरोप है. अभियोजन पक्ष के अनुसार, सोनम ने अपने पति को हनीमून के नाम पर मेघालय की पहाड़ियों में एक सुनसान जगह पर बुलाया, जहां उसकी बेरहमी से हत्या करवा दी गई और शव को एक गहरी खाई में फिंकवा दिया गया. इतना ही नहीं, जब पुलिस ने बाकी सह-आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, तब जाकर सोनम ने सरेंडर किया था, जिससे उसका संदिग्ध आचरण साफ झलकता है. सॉलिसिटर जनरल की इन तार्किक दलीलों से सुप्रीम कोर्ट की पीठ भी सहमत नजर आई. जस्टिस सुंदरेश ने आरोपी सोनम के वकील से सीधे लहजे में कहा कि अदालत के पास अब दो ही रास्ते बचे हैं, या तो सुप्रीम कोर्ट इस पूरे मामले को मेरिट के आधार पर जमानत रद्द करने का फैसला सुनाएगी या फिर सोनम को तुरंत सरेंडर करने का आदेश देगी, ताकि ट्रायल कोर्ट में गवाहों के बयान दर्ज कराए जा सकें.पीठ ने आरोपी के वकील से कहा कि वे अपने मुवक्किल से निर्देश ले लें, लेकिन कोर्ट का मानना है कि सरेंडर का विकल्प ही आरोपी के लिए बेहतर रहेगा.

About the Author

authorimg

Niranjan Dubey

न्यूज़18 हिंदी (Network 18) डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर के तौर कार्यरत. इंटरनेशनल, वेब स्टोरी, ऑफबीट, रिजनल सिनेमा के इंचार्ज. डेढ़ दशक से ज्यादा समय से मीडिया में सक्रिय. नेटवर्क 18 के अलावा टाइम्स ग्रुप, …और पढ़ें



Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments