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टाटा संस: बोर्डरूम विवाद के बीच अध्यक्ष चंद्रशेखरन का छात्रों को मंत्र- चुनौतियों से न डरें, बड़े लक्ष्य साधें


टाटा संस के अध्यक्ष एन चंद्रशेखरन ने शनिवार को साई यूनिवर्सिटी के तीसरे दीक्षांत समारोह को संबोधित किया। उन्होंने छात्रों को पेशेवर दुनिया में कदम रखते समय बड़े और साहसिक लक्ष्य निर्धारित करने की सलाह दी। चंद्रशेखरन ने कहा कि असफलताओं से घबराना नहीं चाहिए, बल्कि उन्हें अपने प्रयासों को तेज करने के अवसर के रूप में देखना चाहिए।

मुख्य अतिथि के तौर पर उन्होंने कहा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और तकनीकी बदलाव वैश्विक अर्थव्यवस्था को नया आकार दे रहे हैं। भारत आर्थिक वृद्धि के अद्वितीय दौर में प्रवेश कर रहा है, जो दशकों तक मिसाल बनेगा। चंद्रशेखरन ने व्यक्तिगत प्रगति और निरंतर सुधार पर जोर दिया। उन्होंने स्नातकों को सलाह दी कि वे कॅरिअर के लिए लगातार तैयारी करें। दबाव को विशेषाधिकार मानें, उच्च दांव वाले माहौल से न घबराएं। 

उन्होंने भविष्य के कार्यबल को दबाव को प्रभाव डालने के अवसर के रूप में देखने को कहा। स्नातकों से अल्पकालिक उपलब्धियों और दीर्घकालिक कॅरिअर आकांक्षाओं को संतुलित करने का आग्रह किया। उनके ये बयान टाटा संस बोर्ड द्वारा 17 सितंबर को उन्हें पांच साल का नया कार्यकाल दिए जाने के कुछ दिनों बाद आए हैं। हालांकि, टाटा ट्रस्ट्स के अध्यक्ष नोएल टाटा ने चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति के खिलाफ मतदान किया था।

आजीवन कौशल विकास क्यों जरूरी है?

चंद्रशेखरन ने स्नातकों को औपचारिक शिक्षा को एक बार की उपलब्धि न मानने की चेतावनी दी। तेजी से विकसित हो रहे कार्यबल में प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए आजीवन कौशल विकास आवश्यक है। उन्होंने आगाह किया, गति न रखने पर आप पुराने हो जाएंगे। उन्होंने प्रौद्योगिकी क्षेत्रों के तेजी से विकास का जिक्र किया। चंद्रशेखरन ने मैराथन धावक के अनुभव से छात्रों को बाहरी मानदंडों के बजाय अपनी प्रगति का मूल्यांकन करने को कहा। प्रसिद्ध मैराथन धावक जुमा इकांगा के हवाले से उन्होंने कहा, “जीतने की इच्छा का कोई मतलब नहीं, अगर तैयारी की इच्छा न हो।”

एआई का लाभ कैसे उठाएं?

चंद्रशेखरन ने आधुनिक कॅरिअर में एआई उपकरणों को अपनाने की रूपरेखा दी। पेशेवरों को प्रशासनिक कार्यों और जटिल डेटा प्रसंस्करण के लिए एआई का उपयोग करना चाहिए। इससे रणनीतिक सोच पर ध्यान केंद्रित करने का समय मिलेगा। उन्होंने कहा, कारोबार में रचनात्मकता का बहुत महत्व है। स्नातकों को तकनीकी बदलावों का विरोध करने के बजाय एआई-संचालित क्षेत्रों में ‘शुरुआती रूप से अपनाने वाले’ के रूप में खुद को स्थापित करना चाहिए।



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