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टेलीग्राम NEET-UG री-एग्जाम तक बैन के खिलाफ दिल्ली HC पहुंची: CEO बोले- पेपर लीक करने वालों की जगह भारत के 15 करोड़ यूजर्स को सजा मिली


नई दिल्ली34 मिनट पहले

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मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम ने दिल्ली हाईकोर्ट में केंद्र सरकार के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसके तहत NEET-UG री-एग्जाम से पहले एप पर अस्थायी रोक लगाई गई है। कोर्ट ने बुधवार को मामले की सुनवाई के लिए सहमति दे दी है।

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने मंगलवार को सरकार की तरफ से टेलीग्राम पर बैन की जानकारी दी थी। यह रोक 22 जून 2026 तक लागू रहेगी। टेलीग्राम का मैसेज-एडिटिंग फीचर भी 30 जून तक बंद किया गया है।

टेलीग्राम CEO ने सरकार के फैसले की आलोचना करते की है। उन्होंने कहा है कि इस फैसले से भारत के 15 करोड़ से ज्यादा टेलीग्राम यूजर्स को सजा मिली है, न कि उन लोगों को जिन्होंने पेपर लीक की थी। इस बैन से कुछ भी नहीं रुकेगा। लीक करने वाले दूसरे एप्स पर शिफ्ट हो जाएंगे।

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गूगल और एप्पल ने प्ले स्टोर से टेलीग्राम हटाया

देश में पहली बार किसी एप को पेपर लीक की आशंका के कारण बैन किया गया है। सरकार का कहना है कि कुछ लोग इस एप का इस्तेमाल पेपर लीक की अफवाह फैलाने और छात्रों से ठगी करने के लिए कर रहे थे।

NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने कहा कि ‘कोई विकल्प’ नहीं बचा था, क्योंकि जालसाज इसका दुरुपयोग कर रहे थे। सरकार के आदेश पर गूगल और एप्पल ने प्ले स्टोर से भी टेलीग्राम एप हटा दिया है।

3 सवाल-जवाब में जानिए, टेलीग्राम पर बैन क्यों लगा

  1. टेलीग्राम पर पाबंदी क्यों जरूरी लगी?टेलीग्राम पर कोई व्यक्ति अपनी पहचान छिपाकर ऐसा चैनल बना सकता है, जिसमें असीमित लोग जुड़ सकते हैं। ‘पेपर लीक्ड नीट’ जैसे चैनलों पर लाखों लोग थे, जिनकी ट्रैकिंग कठिन थी। ‘मैसेज एडिटिंग’ फीचर क्यों बैन किया? टेलीग्राम पर पुराने मैसेज एडिट करने पर भी उसका असली समय नहीं बदलता। परीक्षा खत्म होने के बाद एडमिन अपने पुराने और सामान्य मैसेज को एडिट करके वहां असली प्रश्न पत्र की PDF डाल देते थे। फिर इसका स्क्रीनशॉट दिखाकर झूठा दावा करते थे कि परीक्षा से पहले लीक हो गया था।
  2. टेलीग्राम पर बड़ी फाइलें शेयर करने का क्या नियम है, जो दुरुपयोग की वजह बना? टेलीग्राम पर बिना साइज कम किए 2GB तक की बड़ी फाइलें आसानी से शेयर की जा सकती हैं। इसी वजह से इस पर परीक्षा के पेपर और फिल्में आसानी से लीक की जाती हैं।क्या टेलीग्राम कार्रवाई नहीं करता है? कार्रवाई करता है। टेलीग्राम ने 2025 में 4.35 करोड़ से ज्यादा चैनल ब्लॉक किए थे और 2026 में रोजाना हटाए जाने वाले चैनलों की संख्या बढ़ाकर 80,000 से 1,40,000 तक कर दी है, लेकिन यह नाकाफी साबित हुई।
  3. टेलीग्राम बैन, तो वॉट्सएप क्यों नहीं? टेलीग्राम पर अपराधियों को पहचान छिपाने और लाखों का ग्रुप बनाने की आजादी मिलने से इस पर अस्थायी बैन लगाना पड़ा। वहीं, वॉट्सएप भारतीय नियमों को मानता है। यहां यूजर को ट्रैक करना आसान है। वॉट्सएप पर मोबाइल नंबर जरूरी, टेलीग्राम पर ‘यूजरनेम’ से पहचान छिपती है। वॉट्सएप पर चैट डिफॉल्ट एन्क्रिप्टेड और ग्रुप मेंबर्स सीमित (1,024) हैं। टेलीग्राम में असीमित लोग जुड़ सकते हैं, जिससे पेपर जल्दी वायरल होते हैं। वॉट्सएप का भारत में ऑफिस है और AI से निगरानी होती है। टेलीग्राम में इसकी कमी है।
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12 जून: रीएग्‍जाम 3:15 घंटे का होगा, 4 रफ वर्क शीट मिलेंगी

NTA ने NEET-UG रीएग्‍जाम में कुछ बदलाव किए हैं। 12 जून को जारी नई गाइडलाइंस के मुताबिक, परीक्षा का समय अब 180 मिनट से बढ़ाकर 195 मिनट कर दिया गया है। इसके अलावा आंसर शीट में रफ वर्क के लिए भी जगह बढ़ाई गई है।

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पेपर लीक के कारण 3 मई को हुई परीक्षा रद्द हुई

3 मई 2026 को NEET-UG परीक्षा देशभर में आयोजित की गई थी। परीक्षा के बाद कई राज्यों से प्रश्नपत्र लीक होने और कुछ अभ्यर्थियों को पहले से पेपर मिलने के आरोप सामने आए। जांच में गड़बड़ियों के संकेत मिलने पर NTA ने 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी। इसके बाद केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों की समीक्षा के आधार पर दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया गया।

NEET से 1 लाख से ज्यादा मेडिकल कॉलेज में एडमिशन

नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) भारत में मेडिकल और डेंटल कोर्सेज में एडमिशन के लिए होने वाली राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा है। इसकी शुरुआत 2013 में हुई थी।

इस परीक्षा के माध्यम से देश के सभी सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में MBBS, BDS, आयुष (BAMS, BHMS) और नर्सिंग जैसे कोर्सेज में एडमिशन मिलता है, जिसमें AIIMS और JIPMER जैसे प्रतिष्ठित संस्थान भी शामिल हैं।

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नीट पेपर लीक से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें…

नीट री-एग्जाम का पेपर दिलाने के नाम पर ऑनलाइन ठगी: 1000 से ज्यादा स्टूडेंट्स से लाखों वसूले; राजस्थान-बिहार से 3 आरोपी गिरफ्तार

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अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच ने नीट-यूजी के री-एग्जाम से पहले ऑनलाइन पेपर दिलाने के नाम पर ऑनलाइन ठगी करने वाले नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस ने राजस्थान और बिहार से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर 21 जून को होने वाले नीट री-एग्जाम और अन्य परीक्षाओं के पेपर दिलाने का झांसा देकर 1000 से ज्यादा स्टूडेंट्स और पेरेंट्स से लाखों रुपये वसूलने का आरोप है। पूरी खबर पढ़ें…

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