उत्तराखंड में केदारनाथ ट्रैक तो सब जानते हैं लेकिन यदि आप ट्रैकिंग के शौकीन हैं तो केदारनाथ और बद्रीनाथ को जोड़ने वाले पुराने ट्रैकिंग वाले पहाड़ी रास्ते में जाइए. यहां का ट्रैक अन्य ट्रैक से बेहद अलग है और कई रोमांचक यादें दिलाती है. केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम को जोड़ने वाला यह प्राचीन पैदल मार्ग अब एक प्रसिद्ध हाई एल्टीट्यूड ट्रेक बन चुका है. पुराने समय में श्रद्धालु गौरीकुंड से केदारनाथ दर्शन के बाद वासुकी ताल होकर बद्रीनाथ तक पैदल जाते थे. केदारनाथ से शुरू होकर यह ट्रेक बुग्यालों और ग्लेशियरों से गुजरते हुए चमोली के घाट क्षेत्र तक पहुंचता है. रास्ते में बर्फ से ढकी चोटियां और दुर्लभ वनस्पतियां आपका मन मोह लेती हैं. अत्यधिक ऊंचाई पर होने के कारण यह यात्रा काफी चुनौतीपूर्ण है. इसीलिए ट्रेकर्स का शारीरिक रूप से फिट होना बहुत जरूरी है. इस रोमांचक सफर पर जाने से पहले वन विभाग से अनुमति लेना अनिवार्य है. सुरक्षा के लिए अनुभवी गाइड को साथ रखने की सलाह दी जाती है. इस ट्रेक को पूरा करने में चार से पांच दिन का समय लगता है. पूरी यात्रा का कुल खर्च लगभग 25,000 से 30,000 रुपये तक आता है. प्रकृति और आध्यात्मिक रोमांच के प्रेमियों के लिए यह ट्रेक किसी सपने जैसा है.



