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दिल्ली एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन चूक: सरकार ने एअर इंडिया CEO को समन भेजा; 3 विदेशी बिना जांच देश से निकले थे


नई दिल्ली30 मिनट पहले

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केंद्र ने एअर इंडिया के CEO तेवोल्डे गेब्रेमारियम को दिल्ली एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन चूक के मामले में मंगलवार को समन भेजकर बुलाया है और जवाब मांगा है। यह मामला तीन इटेलियन नागरिकों से जुड़ा है।

दरअसल, तीन पैसेंजर्स ने 4 सितंबर को अमृतसर से दिल्ली के लिए उड़ान भरी थी और उसके बाद दिल्ली से म्यूनिख के लिए लुफ्थांसा की उड़ान ली थी।

यात्रियों को इमिग्रेशन की तय प्रक्रिया पूरी करनी थी लेकिन वे इमिग्रेशन चेकपॉइंट तक नहीं गए और बिना जांच के अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट में सवार हो गए। हालांकि, इस घटना पर एअर इंडिया की ओर से कोई बयान नहीं आया है।

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मंत्रालय ने पूछा- बिना इमिग्रेशन क्लीयरेंस कैसे रवाना हुए विदेशी

नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) ने इस घटना को सुरक्षा और इमिग्रेशन से जुड़ी गंभीर चूक माना है। मंत्रालय ने एअर इंडिया को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा है कि तीनों विदेशी नागरिक बिना जरूरी इमिग्रेशन प्रक्रिया पूरी किए एयरपोर्ट से कैसे रवाना हो गए।

एयरलाइन से घटना की पूरी परिस्थितियों और जिम्मेदारी तय करने को लेकर भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। अब एअर इंडिया को मंत्रालय के नोटिस का जवाब देना होगा। जवाब मिलने के बाद मंत्रालय मामले की समीक्षा करेगा और जरूरत के अनुसार आगे की कार्रवाई तय की जा सकती है।

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अनदेखी पर DGCA क्या कार्रवाई हो सकती है

सुरक्षा प्रोटोकॉल की अनदेखी साबित होने पर डीजीसीए एअर इंडिया पर करोड़ों रुपए का आर्थिक जुर्माना लगा सकता है।

अगर सुरक्षा में ऐसी गंभीर लापरवाही बार-बार दोहराई जाती है, तो संस्था के पास एअर इंडिया के संबंधित रूट, संचालन या लाइसेंस को निलंबित और रद्द करने का भी अधिकार है।

यात्रियों को गलत तरीके से बोर्ड कराने और निगरानी में चूक करने वाले एअर इंडिया व ग्राउंड हैंडलिंग एजेंसी के जिम्मेदार कर्मचारियों और अधिकारियों पर निलंबन या बर्खास्तगी जैसी कार्रवाई हो सकती है।

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एअर इंडिया का हब-एंड-स्पोक मॉडल क्या है?

  • मॉडल का मतलब: छोटे शहरों (स्पोक) के यात्रियों को पहले एक बड़े केंद्रीय एयरपोर्ट (हब) लाया जाता है, फिर वहां से विदेश (मंजिल) भेजा जाता है।
  • आसान उदाहरण: जैसे अमृतसर (स्पोक) से म्यूनिख जाने वाला यात्री पहले घरेलू फ्लाइट से दिल्ली (हब) आएगा, फिर दिल्ली से म्यूनिख की अंतरराष्ट्रीय उड़ान पकड़ेगा।
  • हब पर पहचान जरूरी: बड़े एयरपोर्ट पर उतरते ही ऐसे कनेक्टिंग यात्रियों की सही पहचान और उनकी अलग जांच होना अनिवार्य है।
  • इमिग्रेशन जांच का नियम: भारत से बाहर किसी भी विदेशी फ्लाइट में बैठने से पहले यात्री की पासपोर्ट और इमिग्रेशन जांच पूरी होना जरूरी नियम है।
  • मामले में क्या चूक हुई: दिल्ली एयरपोर्ट पर तीनों इतालवी नागरिकों को बिना जरूरी इमिग्रेशन जांच कराए ही सीधे ट्रांसफर कर म्यूनिख जाने वाले विमान में बैठा दिया गया।

7 सितंबर को चेयरमैन ने कहा था- सुरक्षा सबसे ऊपर होनी चाहिए

यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब एअर इंडिया के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने कुछ दिन पहले ही सुरक्षा और जवाबदेही को एयरलाइन की सबसे बड़ी प्राथमिकता बताया था।

उन्होंने कहा था कि यात्रियों का भरोसा वापस जीतना जरूरी है। इसके लिए बेहतर प्रक्रियाएं, सख्त नियमों का पालन और हर स्तर पर जवाबदेही तय करनी होगी।

चंद्रशेखरन ने कहा था कि एअर इंडिया की पहचान ऐसी एयरलाइन की होनी चाहिए, जो हर चीज से ऊपर सुरक्षा को प्राथमिकता दे और जिसका सुरक्षा रिकॉर्ड दुनिया की बेहतरीन एयरलाइनों से भी बेहतर हो।

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