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नई दिल्ली5 घंटे पहले
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AAP नेता सत्येंद्र जैन को 18 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था।
दिल्ली जल बोर्ड से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में AAP नेता और पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन को बड़ी राहत मिली है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने गुरुवार को उन्हें जमानत दे दी। यह मामला उस वक्त का है, जब वे केजरीवाल सरकार में जल मंत्री थे।
कोर्ट ने जैन को ₹2 लाख के निजी बॉन्ड और इतनी ही रकम के दो जमानतदार पेश करने का निर्देश दिया है। जैन को इस मामले में 18 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था।
जमानत मिलने के बाद अपने आवास पर पहुंचते ही सत्येंद्र जैन ने कहा- यह एक तथाकथित घोटाला था। जब मैं जेल में था, तब उन्होंने कहा कि जल बोर्ड घोटाला हुआ था। लेकिन मैं तो जेल में था। ऐसा लगता है कि यह मामला सत्ताधारी पार्टी की साजिश थी।

सत्येंद्र जैन को कोर्ट में पेश करने से पहले दिल्ली के अरुणा आसिफ अली हॉस्पिटल में मेडिकल जांच कराई गई थी।
यूरोटेक कंपनी को टेंडर देने का मामला
दिल्ली जल बोर्ड में करप्शन से जुड़ा यह मामला एमएस यूरोटेक एनवायरनमेंटल प्राइवेट लिमिटेड को दिए गए एक टेंडर से जुड़ा है। टेंडर दिल्ली जल बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स (STPs) की क्षमता बढ़ाने और उन्हें अपग्रेड करने के लिए था।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने आरोप लगाया था कि टेंडर की शर्तों में हेरफेर की गई। टेंडर प्रक्रिया को जानबूझकर तकनीक-केंद्रित बनाया गया, ताकि यूरोटेक एनवायरनमेंटल को फायदा मिल सके।
ACB के मुताबिक, जैन ने बिना तकनीकी व्यवहार्यता अध्ययन के रोहिणी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता 15 मिलियन गैलन प्रतिदिन (mgd) से बढ़ाकर 30 mgd कर दी। इससे लागत करीब 123 करोड़ रुपए बढ़ गई।
ACB ने पैसों के लेन-देन का दावा किया
ACB ने पैसों के लेन-देन की एक कड़ी मिलने का दावा किया था। उसके मुताबिक, कमीशन बिचौलियों के जरिए अलग-अलग आरोपियों के बैंक खातों में पहुंचाया गया। यह केस मई 2024 में दर्ज किया गया था।
दिल्ली जल बोर्ड के STPs की क्षमता बढ़ाने और अपग्रेडेशन से जुड़ी टेंडर प्रक्रिया में बड़े स्तर की अनियमितताओं, टेंडर शर्तों में हेरफेर और आपराधिक साजिश की शिकायत पर केस दर्ज हुआ था। शिकायत दिल्ली सरकार के विजिलेंस निदेशालय ने की थी।
केजरीवाल बोले- क्या हासिल किया?
जैन को जमानत मिलने पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा, सत्येंद्र जैन को केवल दस दिन में जमानत मिल गई। उन्होंने PM मोदी से पूछा, मोदी जी, इससे आपने क्या हासिल किया?
आप 24 घंटे लोगों को जेल भेजने के बारे में सोचते रहते हैं। देश चलाने में आपकी बिल्कुल रुचि नहीं है। आपको यह भी नहीं पता कि देश कैसे चलाया जाता है।
2024 में 2 साल बाद जेल से बाहर आए थे जैन
सत्येंद्र जैन अक्टूबर 2024 में तिहाड़ जेल से बाहर आए थे। वे मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 872 दिन जेल में रहे थे। ED ने उन्हें 30 मई 2022 को गिरफ्तार किया था। 18 अक्टूबर 2024 को दिल्ली की अदालत ने उन्हें जमानत दे दी थी।

2024 में तिहाड़ जेल के बाहर आने पर सत्येंद्र जैन से तत्कालीन दिल्ली सीएम आतिशी, पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने मुलाकात की थी।
सत्येंद्र जैन पर दर्ज अन्य मामले
- आय से अधिक संपत्ति: CBI ने 24 अगस्त 2017 को सत्येंद्र के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज किया। आरोप था कि फरवरी 2015 से मई 2017 के बीच उनकी ज्ञात आय के मुकाबले संपत्ति में करीब ₹1.47 करोड़ की कथित गड़बड़ी थी। बाद में CBI ने चार्जशीट दाखिल की और ED ने इसी मामले से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की।
- मनी लॉन्ड्रिंग केस: आय से अधिक संपत्ति के मामले में CBI केस से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग आरोपों में ED ने 30 मई 2022 को सत्येंद्र को गिरफ्तार किया। आरोप था कि उनसे जुड़ी चार कंपनियों के जरिए धन को वैध दिखाने की कोशिश की गई।जैन ने आरोपों से इनकार किया और इसे राजनीतिक कार्रवाई बताया। मार्च 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर उन्हें सरेंडर करने का आदेश दिया था।
- CCTV प्रोजेक्ट: मार्च 2025 में दिल्ली ACB ने ₹571 करोड़ के CCTV कैमरा प्रोजेक्ट में भ्रष्टाचार को लेकर सत्येंद्र के खिलाफ केस दर्ज किया था।
- स्कूल क्लासरूम निर्माण: ED ने 2025 में दिल्ली सरकार के क्लासरूम निर्माण प्रोजेक्ट में अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में भी सत्येंद्र को आरोपी बनाया था। इस मामले में मनीष सिसोदिया का नाम भी सामने आया था।
- संपत्ति अटैचमेंट: सितंबर 2025 में ED ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत सत्येंद्र से जुड़ी ₹7.44 करोड़ की अचल संपत्तियां अटैच की थीं। ED का आरोप था कि ये संपत्तियां उन कंपनियों से जुड़ी थीं, जिन्हें जैन का स्वामित्व/नियंत्रण प्राप्त था।

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सत्येंद्र जैन की अरुणा आसफ अली हॉस्पिटल में मेडिकल जांच कराई गई।
दिल्ली एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के टेंडरों में गड़बड़ी के मामले में पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन समेत 6 लोगों को गिरफ्तार किया है।
जैन के अलावा दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व CEO उदित प्रकाश राय भी गिरफ्तार हुए हैं। आरोप है कि राय को 1.52 करोड़ रुपए की रिश्वत दी गई। पढ़ें पूरी खबर…




