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नई दिल्ली43 मिनट पहले
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चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के चेयरमैन बृजेश गोयल ने गृह मंत्री अमित शाह को लेटर लिखकर कनॉट प्लेस पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के लहरा दो तिरंगा मार्च को परमिशन नहीं देने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि प्रदर्शन से दिल्ली के करीब 20 लाख व्यापारियों में चिंता है। उन्होंने दावा किया कि 10 अक्टूबर के प्रदर्शन से कारोबार को 2,000 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ था।
CJP फाउंडर अभिजीत दीपके ने बुधवार को वीडियो जारी कर लोगों से 16 अक्टूबर को 5 बजे तिरंगा लेकर कनॉट प्लेस पहुंचने की अपील की है। CJP गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगी।
CJP ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर और SIR के विरोध में प्रदर्शन कर रही है। सरकार ने 12 अक्टूबर को जंतर-मंतर को प्रदर्शन की निर्धारित स्थल की लिस्ट से हटा दिया था, जिसके बाद CJP ने कनॉट प्लेस पर प्रदर्शन बुलाया है।
दिल्ली हाईकोर्ट में कनॉट प्लेस में CJP के प्रदर्शन के खिलाफ याचिका
दिल्ली हाईकोर्ट CJP के कनॉट प्लेस पर बुलाए गए प्रदर्शन को रोकने की मांग वाली याचिका पर गुरुवार को सुनवाई करने के लिए तैयार हो गया है। मामले को तत्काल सुनवाई के लिए अदालत के सामने रखा गया।
याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील सचिन पुरी ने कहा कि सेंट्रल पार्क के बीच में प्रदर्शन आयोजित किया जा रहा है और इससे इलाके में परेशानी हो सकती है। उन्होंने दशहरा सप्ताहांत का हवाला देते हुए प्रदर्शन रोकने की मांग की।
CJP प्रवक्ता आशुतोष और सौरव तिहाड़ जेल भेजे गए
दिल्ली की स्पेशल कोर्ट ने बुधवार को CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका और सौरव दास को 5 दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया। इन्हें मंगलवार सुबह जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया था।
11 अक्टूबर: 50-50 हजार के मुचलके पर छूटे सौरव-आशुतोष
CJP ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर और SIR के विरोध में 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन बुलाया था। पुलिस ने CJP फाउंडर अभिजीत दीपके, प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली एयरपोर्ट पर फ्लाइट से ही हिरासत में लिया था।
तीनों को 11 अक्टूबर को दिल्ली कैंट की विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट अदालत में पेश किया गया था। इसके बाद उन्हें 50-50 हजार रुपए के जमानती मुचलके पर रिहा कर दिया गया।
रिहाई की शर्त के मुताबिक, तीनों को एक साल तक शांति बनाए रखनी थी, ऐसा कोई काम नहीं करना था, जिससे शांति भंग हो। इसके लिए बॉन्ड साइन करने की बात सामने आई थी।
12 अक्टूबर: जंतर-मंतर पर सरकार ने प्रदर्शन बैन किया
केंद्र सरकार ने 12 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल की लिस्ट से हटा दिया। इसे 33 साल पहले प्रदर्शन की जगहों में शामिल किया गया था। यहीं पर अन्ना आंदोलन, पहलवानों का प्रदर्शन, कॉकरोच पार्टी का धरना हुआ था।
गृह मंत्रालय की बनाई कमेटी की सिफारिश पर दिल्ली का रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और पूर्वी दिल्ली का CBD ग्राउंड प्रदर्शन स्थल बनाए गए हैं।
CJP ने 12 अक्टूबर को ही CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR पर रोक की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की परमिशन मांगी थी, लेकिन पुलिस ने इनकार कर दिया था।
