भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को बढ़त दर्ज की गई। अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरें स्थिर रखीं, जिससे बाजार को समर्थन मिला। हालांकि, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने निवेशकों को सतर्क रखा।
सेंसेक्स 154.30 अंक (0.21 फीसदी) बढ़कर 73,400.33 पर पहुंच गया। निफ्टी भी 34.00 अंक (0.15 फीसदी) की वृद्धि के साथ 22,732.85 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार में अधिकांश क्षेत्रीय सूचकांकों में व्यापक वृद्धि देखी गई। सूचना प्रौद्योगिकी, मीडिया और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक प्रमुख बढ़त वाले क्षेत्रों में शामिल थे। निजी वित्तीय सेवा क्षेत्र ने भी बाजार को ऊपर उठाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
एफएमसीजी, उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुएं और धातु के शेयर भी बढ़त पर कारोबार कर रहे थे। फार्मा, स्वास्थ्य सेवा, तेल और गैस सूचकांकों में मामूली वृद्धि दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांकों ने भी मामूली बढ़त दिखाई।
किन क्षेत्रों में गिरावट आई?
रियल एस्टेट, ऑटोमोबाइल और रसायन क्षेत्र के शेयरों में गिरावट दर्ज हुई। सीमेंट और रियल एस्टेट निवेश ट्रस्ट भी लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। टीसीएस के शेयरों में 1 फीसदी की वृद्धि हुई। वहीं, बजाज फिनसर्व के शेयर 1 फीसदी गिर गए।
वैश्विक बाजारों का क्या रुख रहा?
वैश्विक बाजारों में मिलाजुला रुख देखने को मिला। जापान के निक्केई 225 वायदा में 0.4 फीसदी और टोपीक्स में 0.3 फीसदी की गिरावट आई। शंघाई कंपोजिट 0.6 फीसदी तथा एसएंडपी 500 वायदा 0.5 फीसदी नीचे रहे। वहीं, ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 0.4 फीसदी और हांगकांग का हैंग सेंग 0.3 फीसदी चढ़ा। यूरो स्टॉक्स 50 वायदा 0.1 फीसदी गिरा।