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धनतेरस पर ज्वेलरी शेयरों का प्रदर्शन कैसा?: ब्रोकरेज हाउस क्या कह रहे? जानें 2027 के लिए सोने-चांदी के टारगेट


धनतेरस 2026 के शुभ अवसर पर कीमती धातुओं की मांग में बढ़ोतरी की उम्मीदों के बीच भारतीय शेयर बाजार में ज्वैलरी कंपनियों के शेयरों में जोरदार तेजी दर्ज की गई है। शुक्रवार के कारोबारी सत्र में कल्याण ज्वेलर्स, टाइटन कंपनी और सेनको गोल्ड समेत प्रमुख आभूषण कंपनियों के शेयर 5 प्रतिशत तक उछल गए। बाजार में जारी इस तेजी को टाइटन के मजबूत तिमाही नतीजों और भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों सेंसेक्स व निफ्टी में लगातार दूसरे सत्र में आई बढ़त से भी बड़ा समर्थन मिला है। भारत में सोना पारंपरिक रूप से समृद्धि और धन सृजन का प्रतीक माना जाता है, जिसके चलते धनतेरस पर आभूषण, सिक्के और बार्स की भारी खरीदारी की जाती है।

धनतेरस पर ज्वेलरी कंपनियों के शेयरों में कितनी तेजी दर्ज की गई और कौन-से शेयर चमके?

धनतेरस के पावन अवसर पर सर्राफा मांग बढ़ने की उम्मीद से शेयर बाजार में सूचीबद्ध ज्वैलरी कंपनियों के शेयरों में लिवाली का माहौल बना रहा। व्यक्तिगत शेयरों के प्रदर्शन की बात करें तो कल्याण ज्वेलर्स के शेयर में 5 प्रतिशत की सबसे बड़ी बढ़त दर्ज की गई। वहीं दिग्गज कंपनी टाइटन का शेयर दिन के निचले स्तर से शानदार रिकवरी करते हुए 3.5 प्रतिशत चढ़ा। इसके अलावा तंगमयील ज्वेलरी में 3.5 प्रतिशत और सेनको गोल्ड के शेयर में 2.5 प्रतिशत का उछाल देखा गया। इस सूची में पीसी ज्वैलर के शेयर भी बढ़त दर्ज करने में सफल रहे।

त्योहार के दिन सोने-चांदी के भौतिक दामों में क्या बदलाव देखा गया?

एक ओर जहां ज्वैलरी कंपनियों के शेयरों में पंख लगे दिखे, वहीं भौतिक (फिजिकल) सर्राफा बाजार में धनतेरस के दिन सोने और चांदी की दरों में हल्की सुस्ती दर्ज की गई। 6 नवंबर को धनतेरस के दिन चांदी और सोने के भौतिक भावों में 1.5 प्रतिशत तक की गिरावट देखने को मिली। सर्राफा बाजार के जानकारों के अनुसार, ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों के कारण कीमती धातुओं की कीमतों में अल्पकालिक उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

ऑल-टाइम हाई से गिरावट के बाद 2027 के लिए ब्रोकरेज हाउस सोने पर क्या लक्ष्य दे रहे हैं?

हालिया समय में सोने की कीमतों में अपने उच्चतम स्तर से 20 प्रतिशत से अधिक का सुधार आ चुका है, जिसे ब्रोकरेज हाउस लंबी अवधि के निवेशकों के लिए एक बेहतर मौका मान रहे हैं। एक्सिस सिक्योरिटीज के अनुसार, 20% से अधिक की गिरावट ने उन निवेशकों के लिए अवसर पैदा किया है जो पिछली रैली में शामिल होने से चूक गए थे। एक्सिस डायरेक्ट का अनुमान है कि अगले धनतेरस (2027) तक सोना 20 से 25 प्रतिशत का रिटर्न दे सकता है। ब्रोकरेज ने 10 ग्राम सोने के लिए ₹1,65,000 से ₹1,71,000 का टारगेट प्राइस रेंज तय किया है।

वहीं रेलिगेयर ब्रोकिंग ने 10 ग्राम सोने के लिए ₹1,30,000 से ₹1,35,000 के दायरे को एक्युमुलेशन (खरीदारी) जोन बताया है। रेलिगेयर ने सोने के लिए ₹1,50,000 प्रति 10 ग्राम (4,455 डॉलर प्रति औंस) का पहला टारगेट दिया है, जबकि ₹1,21,000 प्रति 10 ग्राम को क्रिटिकल सपोर्ट लेवल माना है।

रेलिगेयर ब्रोकिंग के अनुसार चांदी की कीमतों में आगे किस स्तर तक तेजी आ सकती है?

चांदी को लेकर भी ब्रोकरेज हाउस का आउटलुक काफी सकारात्मक बना हुआ है। रेलिगेयर ब्रोकिंग ने चांदी के लिए ₹1,50,000 से ₹1,63,000 प्रति किग्रा की खरीदारी सीमा की सिफारिश की है। ब्रोकरेज के अनुसार चांदी के लिए पहला लक्ष्य ₹2,17,000 प्रति किग्रा और दूसरा उच्च लक्ष्य ₹2,55,000 प्रति किग्रा तय किया गया है। इसके साथ ही ₹1,09,000 प्रति किग्रा को चांदी के लिए महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल बताया गया है, जिसके नीचे गिरने पर सकारात्मक नजरिया अमान्य हो जाएगा।

धनतेरस पर सर्राफा मांग के बूते ज्वैलरी शेयरों में आई यह तेजी बाजार में बने मजबूत उपभोक्ता सेंटीमेंट को दर्शाती है। यद्यपि भौतिक सोने में अल्पकालिक उतार-चढ़ाव रह सकता है, लेकिन 20 प्रतिशत से अधिक के करेक्शन के बाद दिग्गज ब्रोकरेज हाउस आगामी 2027 के धनतेरस तक सोने और चांदी दोनों में 20 से 25 प्रतिशत तक के मजबूत रिटर्न और नए रिकॉर्ड स्तरों का अनुमान जता रहे हैं।



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