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- Nashik TCS Case: Nida Khan Denied Bail | Serious Charges, Custody Essential
नासिक2 घंटे पहले
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नासिक कोर्ट ने शनिवार को TCS की नासिक यूनिट से जुड़े सेक्सुअल हैरेसमेंट और जबरन धर्म परिवर्तन के मामले में आरोपी निदा खान की एंटीसिपेटरी बेल याचिका खारिज कर दी। प्रॉसिक्यूशन ने कोर्ट में कहा कि आरोप गंभीर हैं और उनसे कस्टडी में पूछताछ जरूरी है। निदा अब तक फरार है।
न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, पब्लिक प्रॉसिक्यूटर अजय मिसर ने बताया कि निदा खान इस केस की मुख्य आरोपियों में से एक हैं। इसी आधार पर कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया।
FIR के अनुसार, निदा खान पर आरोप है कि उन्होंने महिला कर्मचारियों को बुर्का पहनने की सलाह दी थी। यह मामला कंपनी के अंदर कथित धार्मिक दबाव और उत्पीड़न से जुड़ा बताया गया है। इसी मामले में नासिक पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) जांच कर रही है। टीम ने अब तक 9 FIR दर्ज की हैं, जो महिला कर्मचारियों के साथ कथित यौन उत्पीड़न से जुड़ी हैं।
SIT ने इस मामले में अब तक एक महिला ऑपरेशंस मैनेजर समेत 8 लोगों को गिरफ्तार किया है।

TCS की नासिक यूनिट से जुड़े सेक्सुअल हैरेसमेंट और जबरन धर्म परिवर्तन के आरोपी।
प्रेग्नेंसी का हवाला दिया
इसी बीच, खान ने अपनी प्रेग्नेंसी का हवाला देते हुए कोर्ट से प्री-अरेस्ट बेल की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने इसे स्वीकार नहीं किया।
पुलिस के मुताबिक, महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों में उनकी तलाश जारी है। नासिक पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) इस मामले की जांच कर रही है, जिसमें IT कंपनी की नासिक यूनिट में महिला कर्मचारियों के साथ सेक्सुअल हैरेसमेंट के नौ मामले सामने आए हैं।
जांच के तहत SIT अब तक नौ FIR दर्ज कर चुकी है और एक महिला ऑपरेशन मैनेजर समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
वहीं, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़ (TCS) ने पिछले महीने बयान जारी कर कहा था कि कंपनी किसी भी तरह के हैरेसमेंट और जबरदस्ती के खिलाफ ज़ीरो-टॉलरेंस पॉलिसी पर काम करती है।
चार आरोपियों की कस्टडी 5 मई तक बढ़ाई
इस केस के चार अन्य आरोपियों रजा रफीक मेमन (35), तौसीफ बिलाल अत्तर (37), दानिश एजाज शेख (32) और शाहरुख हुसैन शौकत कुरैशी (34) की पुलिस कस्टडी 5 मई तक बढ़ा दी गई है।
इन आरोपियों को SIT ने 23 अप्रैल को हिरासत में लिया था और अगले दिन कोर्ट में पेश किया गया था। पहले उन्हें 29 अप्रैल तक पुलिस कस्टडी में भेजा गया था। इसके बाद 29 अप्रैल को फिर पेश किया गया और 2 मई तक रिमांड मिला था।
अभियोजन पक्ष ने कोर्ट से कहा कि मामले में आगे की जांच के लिए इनकी कस्टडी जरूरी है, जिस पर कोर्ट ने अवधि बढ़ा दी।

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मुंबई के नासिक स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) में यौन उत्पीड़न मामले में कंपनी की प्रोसेस एसोसिएट आरोपी निदा खान अब तक फरार है। पुलिस ने दावा किया है कि वह जबरन धर्मांतरण में शामिल थी। सेशंस कोर्ट से गिरफ्तारी पर अंतरिम सुरक्षा नहीं मिलने के बाद पुलिस ने कहा है कि निदा खान की तलाश जारी है। ये खबर भी पढ़ें:




