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निक्की भाटी हत्या केस में 'सौदेबाजी'! कंचन भाटी भूली जली हुई बहन की मौत का दर्द! ससुराल से किया समझौता, बच्चे के नाम हुई संपत्ति


ग्रेटर नोएडा के चर्चित और हाई-प्रोफाइल निक्की भाटी कथित दहेज हत्या मामले में उनकी मौत के नौ महीने बाद एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा मोड़ सामने आया है। स्थानीय पंचायत की मध्यस्थता और कई दौर की चर्चाओं के बाद पीड़ित और आरोपी परिवार के बीच आपसी समझौता (Settlement) हो गया है। इस समझौते के साथ ही अदालत में मुख्य गवाह के अपने बयान से पलटने के कारण अब यह कानूनी मामला काफी कमजोर पड़ता नजर आ रहा है। IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस समझौते के तहत निक्की भाटी की बहन कंचन भाटी—जिनकी शादी निक्की के जीजा रोहित भाटी से हुई है—घटना के बाद महीनों तक अलग रहने के बाद अब ग्रेटर नोएडा स्थित अपने ससुराल लौट जाएंगी। अगस्त 2025 में निक्की की मौत के बाद से दोनों परिवारों के बीच यह विवाद लगभग नौ महीने तक चला था।
यह समझौता पंचायत की कार्यवाही के दौरान कई दौर की चर्चाओं के बाद तय हुआ। इस दौरान दोनों परिवारों के बुजुर्ग और समुदाय के सदस्य भी मौजूद थे। बताया जा रहा है कि दोनों पक्ष निक्की के बच्चों के भविष्य और परिवार के व्यापक हितों को ध्यान में रखते हुए एक आम सहमति पर पहुंचे। समझौते की शर्तों के तहत, निक्की का परिवार और उसके ससुराल वाले निक्की के बच्चों के नाम संपत्ति हस्तांतरित करने पर सहमत हो गए हैं।
परिवार के सदस्यों ने IANS को बताया कि यह फैसला बच्चों के अधिकारों की रक्षा करने और उनके भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है। यह घटनाक्रम एक ऐसे मामले में एक नाटकीय मोड़ है जिसने पिछले साल निक्की की मौत के बाद घरेलू हिंसा और दहेज उत्पीड़न के आरोपों के सामने आने पर व्यापक आक्रोश पैदा कर दिया था। निक्की भाटी ग्रेटर नोएडा के सिरसा गांव स्थित अपने ससुराल में गंभीर रूप से जल गई थीं, और बाद में 21 अगस्त 2025 को चोटों के कारण उनकी मृत्यु हो गई थी।
इस घटना के बाद, निक्की के रिश्तेदारों ने उसके पति विपिन भाटी और उसके परिवार पर दहेज से जुड़े विवादों को लेकर उसे आग लगाने का आरोप लगाया था।शिकायत पर कार्रवाई करते हुए, पुलिस ने जांच शुरू की और बाद में एक मुठभेड़ के बाद विपिन भाटी को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले के सिलसिले में उसके माता-पिता और बड़े भाई को भी गिरफ्तार किया गया था।
IANS द्वारा उद्धृत सूत्रों ने बताया कि अब निक्की के परिवार से यह उम्मीद की जा रही है कि वे अदालत के समक्ष एक हलफनामा (affidavit) दायर करके अपने ससुराल वालों के खिलाफ दर्ज मामला वापस लेने की कानूनी प्रक्रिया शुरू करेंगे।
बताया जा रहा है कि इस समझौते से दोनों परिवारों के बीच घटना के बाद से बनी हुई तनातनी अब काफी हद तक कम हो गई है। हिंदुस्तान टाइम्स ने इस मामले में और भी नई बातें सामने आने की खबर दी है, जिसमें कंचन भाटी की गवाही में एक बड़ा बदलाव भी शामिल है। कंचन को इस मामले में एक अहम गवाह माना जा रहा था।
कंचन ने शुरू में अपनी पुलिस शिकायत में आरोप लगाया था कि निक्की के पति, विपिन भाटी, और उसकी सास, दया भाटी, ने मिलकर निक्की को आग लगा दी थी, जबकि परिवार के बाकी लोग यह सब देखते रहे। उसने यह भी दावा किया था कि जब उसने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो उसके साथ मारपीट की गई।
लेकिन, HT की रिपोर्ट के मुताबिक, कंचन ने करीब 20 दिन पहले नोएडा की एक स्थानीय अदालत में अपना बयान बदल दिया। इस मामले से जुड़े सरकारी वकील के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि कंचन ने अदालत को बताया कि घटना के समय घर के अंदर कोई नहीं था, और निक्की के पति और ससुराल वाले घर के बाहर थे। रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले की अगली सुनवाई 10 जून को होनी है।
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि निक्की के पिता, भिखारी सिंह, ने इस बात की पुष्टि की है कि आरोपी परिवार निक्की के बेटे के नाम पर कुछ संपत्ति ट्रांसफर करने के लिए राज़ी हो गया है। यह समझौता दोनों परिवारों के बीच हुआ है।
उन्होंने यह भी बताया कि कंचन, जो घटना के बाद से अपने माता-पिता के साथ रूपवास गांव में रह रही थी, अब अपने पति के साथ दादरी में एक अलग घर में रहने चली जाएगी। रिपोर्ट में सिंह के हवाले से कहा गया है, “कंचन की शादीशुदा ज़िंदगी में उसके ससुराल वालों का कोई दखल नहीं होगा।” बयानों में आए इस बदलाव का असर केस में सरकारी पक्ष की स्थिति पर भी पड़ा है।
हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार, सरकारी वकील ने यह माना कि जब मुख्य गवाह अपने बयान से पलट गया, तो केस कमज़ोर पड़ गया है। इस बीच, विपिन भाटी के वकील, अमित भाटी, ने कहा कि उपलब्ध सबूतों के आधार पर बचाव पक्ष जल्द ही हाई कोर्ट में ज़मानत की अर्ज़ी देगा।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि जांच में शामिल पुलिस अधिकारियों ने कहा कि उन्हें दोनों परिवारों के बीच हुए इस समझौते के बारे में कोई भी औपचारिक लिखित जानकारी नहीं मिली है।
पुलिस ने इससे पहले निक्की के परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर चार्जशीट दाखिल की थी। जांच अधिकारियों ने आरोप लगाया था कि निक्की के पति और ससुराल वाले उसके उस प्लान के खिलाफ थे, जिसमें वह अपना पुराना सैलून फिर से खोलना चाहती थी। साथ ही, वे उसकी सोशल मीडिया एक्टिविटी से भी खुश नहीं थे, खासकर इंस्टाग्राम पर उसकी मौजूदगी से, जिसका इस्तेमाल वह अपने बिज़नेस को प्रमोट करने के लिए करती थी। पुलिस ने कसना पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं के तहत एक मामला दर्ज किया था, जिसमें हत्या, स्वेच्छा से चोट पहुँचाने और आपराधिक साज़िश से जुड़े आरोप शामिल हैं।



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