बाली उतारने, रक्षा सूत्र काटने के बाद ही नीट एस्पिरेंट्स को परीक्षा केंद्र के अंदर जाने दिया गया।
देश के 22.79 लाख से ज्यादा छात्रों ने रविवार को NEET-UG 2026 की दोबारा परीक्षा दी। मध्य प्रदेश के 283 केंद्रों पर 13 हजार 774 परीक्षार्थियों ने भी नीट री-एग्जाम दिया। परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे के बीच हुई। इसके बाद नीट एस्पिरेंट ने कहा कि इस
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कुछ स्टूडेंट्स बोले- रिजल्ट अच्छा आने की उम्मीद है लेकिन पेपर लीक की आशंका ने डरा रखा है। इससे पहले कड़े नियमों और समय की पाबंदी के कारण कई केंद्रों पर भारी अफरा-तफरी और भावुक कर देने वाले नजारे देखने को मिले। एनटीए की गाइड लाइन के अनुसार, दोपहर डेढ़ बजे परीक्षा केंद्रों के गेट पूरी तरह बंद कर दिए गए।
भोपाल के सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय और पीएमश्री स्कूल समेत कई केंद्रों पर कुछ छात्र महज 30 से 40 सेकंड की देरी से पहुंचे, लेकिन उन्हें प्रवेश नहीं दिया गया। छात्र गेट के बाहर खड़े होकर अधिकारियों से लगातार मिन्नतें करते रहे, पर नियम आड़े आ गए। परिजन का आरोप था कि बाहर मार्गदर्शन की कमी के कारण रोल नंबर और रूम ढूंढ़ने में समय लग गया।
भोपाल और छतरपुर में कुछ छात्र गलत परीक्षा केंद्र पर पहुंच गए। छतरपुर का एक छात्र 22 किलोमीटर दूर नौगांव के केंद्र की जगह शहर के ही स्कूल पहुंच गया था। जब तक वह बाइक से सही केंद्र पहुंचा, गेट बंद हो चुके थे।
NEET परीक्षा से जुड़ी तस्वीरें देखिए…
छात्राओं से कान की बाली और टॉप्स भी उतरवा लिए गए।

सुरक्षाकर्मियों ने रक्षा सूत्र और कलावा भी कटवा दिए।

मेटल डिटेक्टर से छात्र-छात्राओं की चेकिंग की गई।

जेब में रखी सभी चीजें निकलवाकर बाहर रख दी गईं।

कई छात्र बिलकुल अंत समय में पहुंचे, जिससे उन्हें भागना पड़ा।

छतरपुर में भी रक्षा सूत्र को काटकर प्रवेश दिया गया।

रीवा में प्लास से चेन काटकर अलग की गई।
नथ उतरवाई, लोवर की चेन काटी
रीवा, गुना और सतना में अभ्यर्थियों की मेटल डिटेक्टर से चेकिंग की गई। चेन, धातु के बटन, कलावा और गहने बाहर ही उतरवा लिए गए। कई छात्रों की पैंट के लोहे के बटन और चेन तक हटवाए गए।
सतना में एक छात्र के जूते जांच के दौरान बाहर रखवा दिए गए, जिसके बाद उसे नंगे पैर ही परीक्षा देनी पड़ी। वहीं, भोपाल में एक छात्रा को अपनी नाक की नथ और सतना में छात्राओं को कान के टॉप्स उतारने पड़े। पानी की बोतलों के रैपर भी हटवा दिए गए।
हॉस्टल में छूटा आधार कार्ड
इंदौर के शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय बाल विनय मंदिर में एक सकारात्मक तस्वीर भी सामने आई। यहां रिया नाम की एक छात्रा अपना आधार कार्ड हॉस्टल में ही भूल गई थी। वह गेट पर घबराकर रोने लगी। ड्यूटी पर तैनात पलासिया थाने की उपनिरीक्षक अभिरुचि ने छात्रा के परिजन से संपर्क किया और वॉट्सएप पर आईडी की कॉपी मंगवाई। सत्यापन के बाद छात्रा को प्रवेश मिल गया।
भोपाल के एक केंद्र पर एक छात्र भी अपना आईडी कार्ड भूल गया था, जिसने वॉट्सएप से कॉपी मंगवाई, लेकिन वहां सुरक्षाकर्मियों ने डिजिटल कॉपी स्वीकार नहीं की। छात्र को मूल कार्ड लाने के लिए वापस भागना पड़ा।
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