नई दिल्ली5 मिनट पहले
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सरकार ने स्कूल शिक्षा और साक्षरता में योगदान के लिए 48 शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 देने की घोषणा की है। इन पुरस्कारों का ऐलान शुक्रवार को किया गया।
स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग की ओर से जारी सूची में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के शिक्षक शामिल हैं।
केंद्रीय विद्यालय संगठन, नवोदय विद्यालय समिति, सैनिक स्कूल, आदर्श जनजातीय स्कूल और पीएम श्री स्कूलों समेत कई संस्थानों के शिक्षक भी चुने गए हैं।
27 राज्यों और 7 केंद्र शासित प्रदेशों से चयन
इस साल चुने गए 48 स्कूली शिक्षक 27 राज्यों, 7 केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्र सरकार के 6 संगठनों से हैं। इनमें 26 पुरुष और 22 महिलाएं शामिल हैं।
चयनित शिक्षकों में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह से जे प्रकाश राव, आंध्र प्रदेश से राजेश कौलुरी, अरुणाचल प्रदेश से याकू तामे, असम से राजेश बोरदोलोई, दिल्ली से सुमन गोयल और जनजातीय मामलों के मंत्रालय के एकलव्य मॉडल आवासीय स्कूल से जफर आलम शामिल हैं।
गोवा से महादेव हनमंत शिंदे, गुजरात से नितिन कुमार महेंद्रकुमार पाठक, हरियाणा से अनिल कौशिक, हिमाचल प्रदेश से मंजरी वी महाजन, जम्मू-कश्मीर से मोहम्मद अयाज रैना और मध्य प्रदेश से अर्चना शुक्ला को भी पुरस्कार के लिए चुना गया है।
सूची में महाराष्ट्र, मणिपुर, मिजोरम, नगालैंड, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम, लद्दाख और अन्य क्षेत्रों के शिक्षक भी शामिल हैं।
5 सितंबर को राष्ट्रपति देंगी पुरस्कार
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 5 सितंबर को शिक्षकों को ये पुरस्कार देंगी। 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है।
कार्यक्रम में हर पुरस्कार विजेता के काम पर बनी छोटी डॉक्यूमेंट्री दिखाई जाएगी। इनमें शिक्षकों के किए गए विशेष काम को दिखाया जाएगा।
जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर हुआ चयन
मंत्रालय के अनुसार, 48 शिक्षकों का चयन स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग ने तीन चरणों में किया है। यह प्रक्रिया जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पूरी की गई।
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कारों का उद्देश्य देश के कुछ बेहतरीन शिक्षकों के विशेष योगदान को सामने लाना है। इसके साथ ही उन शिक्षकों को सम्मानित करना है, जिन्होंने अपनी प्रतिबद्धता और मेहनत से स्कूल शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर की और छात्रों का जीवन समृद्ध बनाया।




