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पटना में सेक्स रैकेट का विरोध करने पर अगवा किए गए युवक को मार डाला, मिट्टी में दबा दी लाश, Bihar Hindi News


राजधानी पटना में आखिकार उस युवक की हत्या कर दी गई जिसने सेक्स रैकेट संचालित किए जाने का विरोध किया था। पहले पटना स्टेशन के पास से 25 साल के बंटी को सरेआम अगवा किया गया और फिर अब उसकी हत्या हो चुकी है। पुलिस पर भी इस मामले में संगीन इल्जाम लगे हैं। 

पटना जंक्शन स्थित दूध मंडी से सोमवार की रात अपहृत फास्ट फूड विक्रेता बंटी कुमार (25) की अपराधियों ने बेरहमी से हत्या कर दी। बंटी ने सेक्स रैकेट चलाने का विरोध किया था। जिसके बाद पहले उसे अगवा किया गया और फिर अब उसका मर्डर हो गया। बंटी के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उनका आरोप है कि पुलिस ने तत्परता नहीं दिखाई। बंटी का शव शनिवार की देर शाम अथमलगोला थाना क्षेत्र के बख्तियारपुर-मोकामा फोरलेन के किनारे फुलेलपुर गांव के पास एक पानी भरे खेत से बरामद किया गया। स्थानीय लोगों द्वारा अज्ञात शव की सूचना दिए जाने पर पुलिस ने बंटी के परिजनों को शिनाख्त के लिए बुलाया। चेहरा पूरी तरह विकृत होने के कारण शुरुआत में पहचान मुश्किल थी, लेकिन परिजनों ने उसके कपड़ों और पैर में लगे लोहे के रॉड को देखकर बंटी की शिनाख्त की। बाढ़ डीएसपी-1 राम कृष्णा और अथमलगोला थानाध्यक्ष राहुल कुमार ने बताया कि बंटी को अगवा करने के बाद बुरी तरह पीटा गया और हत्या कर शव को मिट्टी में दबा दिया गया था। शव को पोस्टमार्टम के लिए बाढ़ अनुमंडल अस्पताल भेज दिया गया है।

अथमलगोला थानाध्यक्ष राहुल कुमार ने बताया कि शव पूरी नीला पड़ गया है। शव को मिट्टी में गाड़ दिया गया था, जिससे चेहरे की पहचान नहीं हो पा रही थी। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि उसकी हत्या कर पानी भरे खेत में फेंक दिया गया। शरीर पर कई जगह चोट के गहरे निशान हैं, जिससे लगता है कि हत्या के पहले उसे बेरहमी से पीटा गया है। बता दें कि सोमवार की देर रात पटना जंक्शन स्थित दूध मंडी से उस वक्त अगवा किया गया था जब बंटी वहां दही लेने पहुंचा था। पिछले पांच दिनों से पुलिस कई शहरों में छापामारी कर रही थी, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लग रहा था।

सेक्स रैकेट का किया था विरोध

परिजनों का आरोप है कि करबिगहिया के होटलों में प्रभावशाली लोगों के संरक्षण में सेक्स रैकेट चल रहा है। बंटी इस देह व्यापार का लगातार विरोध कर रहा था, जिसके कारण मुख्य आरोपी रवीश कुमार ने उसे जान से मारने की धमकी दी थी। जिसके कारण उसकी हत्या कर दी गई।

पुलिस ने नहीं दिखाई तत्परता

मृतक की मां किरण देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। उनका कहना है कि जिस दिन से मेरा बेटा का अपहरण हुआ है, उसी दिन से मैं और मेरे परिवार के लोग कोतवाली और जक्कनपुर थाने का चक्कर लगाते रहे। पुलिस से केवल आश्वासन मिला। पुलिस तत्परता दिखाई होती तो मेरे बेटे की हत्या नहीं होती। जिस दिन पुलिस ने तीन लोगों को पकड़ा था, उसी दिन तत्परता दिखाई होती तो ऐसा नहीं होता।

दूध मार्केट के पास मूकदर्शक बनी रही भीड़, बंटी को खींचकर ले गए थे बदमाश

पटना जंक्शन के दूध मार्केट के नजदीक महावीर मंदिर के आसपास हमेशा की तरह चहल-पहल थी। लेकिन इसी भीड़ के बीच न्यू करबिगहिया निवासी बंटी कुमार अपनी जिंदगी की आखिरी लड़ाई लड़ रहा था। सात-आठ बदमाश उसे जबरन खींचकर ले जा रहे थे और वह राहगीरों से मदद की गुहार लगा रहा था, लेकिन भीड़ मूकदर्शक बनी रही। आसपास मौजूद अन्य लोग भी तमाशबीन बने रहे। कुछ ही सेकेंड में बदमाश बंटी को जबरन खींचते हुए अहपरण कर अपने साथ ले जाने में सफल गए थे। पूरी वारदात दुकान के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद है। इस घटना पटना जंक्शन सहित सार्वजनिक स्थानों पर पुलिस सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

पटना के प्रमुख और संवेदनशील स्थल पटना जंक्शन पर सुरक्षा के लिए 24 घंटे पुलिस की तैनाती की गई है। वहां जीआरपी, आरपीएफ और डायल-112 के साथ ही स्थानीय पुलिस की मौजूदगी रहती है। ऐसे में राजधानी के सबसे व्यस्त इलाके से सरेआम किसी व्यक्ति का जबरन अपहरण कर लेना और इसका पुलिस को भनक तक नहीं लगना पुलिसकर्मियों की लापरवाही दर्शाती है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पटना जंक्शन के दोनों ओर लंबे समय से असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। वहां देह व्यापार, ट्रांसजेंडरों का आतंक और अवैध गतिविधियां होती रहती हैं। यदि पुलिस समय पर कार्रवाई करती तो बंटी की जान बच सकती थी।

परिजन घर लौटने का कर रहे थे इंतजार

बंटी की शव मिलने के बाद न्यू करबिगहिया स्थित उसके घर में मातम पसर गया। मां, पत्नी, बेटे और बेटी का रो-रोकर बुरा हाल था। बहन गुड़िया देवी सदमे में हैं। पिछले पांच दिनों से परिवार वाले उसके सकुशल लौट आने का इंतजार कर रहे थे। लेकिन शनिवार की शाम उसका शव मिलने की सूचना ने परिवार की सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। परिजनों के मुताबिक, बंटी की शादी करीब 14 वर्ष पहले हुई थी। उसके परिवार में पत्नी, आठ वर्षीय बेटा गुडडू और पांच वर्ष की बेटी मिष्टी है। उसकी मां पटना हाईकोर्ट परिसर स्थित अस्पताल में कार्यरत हैं। बंटी दो भाइयों और एक बहन में सबसे बड़ा था। बचपन में ही पिता छोटू यादव के निधन के बाद वह छोटे भाई मुकुल के साथ फास्ट फूड की दुकान से परिवार की जिम्मेदारियां संभाल रहा था।

कब क्या-क्या हुआ

● 6 जुलाई (सोमवार) की देर रात पटना जंक्शन के दूध मार्केट से बंटी का अपहरण किया गया।

● 7 जुलाई (मंगलवार) को परिजनों ने कोतवाली थाने में अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई। कार्रवाई में देरी का आरोप लगाते हुए परिजनों ने हंगामा किया।

● 7 जुलाई (मंगलवार) पुलिस ने अपहरण की घटना में शामिल तीन आरोपितों को कोतवाली पुलिस ने किया गिरफ्तार

● 8 जुलाई (बुधवार) को न्यू करबिगहिया में बंटी की बरामदगी की मांग को लेकर सड़क जाम और आगजनी कर प्रदर्शन किया गया।

● 8 जुलाई (बुधवार) को पुलिस ने घटनास्थल की जांच के लिए डॉग स्क्वायड और एफएसएल टीम की मदद ली, एक सौ अधिक सीसीटीवी कैमरा खंगाला गया था।

● 8 जुलाई (बुधवार) को अपहरण मामले में गिरफ्तार तीन आरोपितों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया।

● 10 जुलाई (शुक्रवार) को बंटी की सकुशल बरामदगी की मांग को लेकर लोगों ने कैंडल मार्च निकाला।

● 11 जुलाई (शनिवार) को अथमलगोला थाना क्षेत्र से बंटी का शव बरामद हुआ। परिजनों ने शव की पहचान की।



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