पटना में सेक्स रैकेट का विरोध करने वाले बंटी की हत्या से लोगों में रोष है। बंटी की लाश मिलने के बाद अब यह भी पता चल रहा है कि उसके साथ किस तरह से हैवानियत की गई है। बंटी के हाथ पर बने टैटू को चाकू से मिटाने की कोशिश भी की गई थी।
पटना में सेक्स रैकेट का विरोध करने वाले बंटी को खौफनाक मौत दी गई। हत्यारों ने बंटी को तड़पा-तड़पा कर मौत के घाट उतारा है। बताया जा रहा है कि न्यू करबिगहिया के फास्ट फूड कारोबारी बंटी कुमार का अपहरण करने के बाद बदमाशों ने पहले उसके शरीर पर तेजाब डाला और फिर बेरहमी से पीट-पीटकर उसकी हत्या कर दी। बंटी अपनी मां से बहुत प्यार करता था। इसी वजह से उसने दाहिने हाथ पर मां के नाम का टैटू बनवा रखा था।परिजनों का आरोप है कि शव की पहचान छिपाने के लिए बदमाशों ने चाकू से गोदकर उस टैटू को मिटा दिया। उसके बाएं हाथ की हड्डी भी तोड़ दी गई थी। परिजनों के अनुसार घटनास्थल और बाढ़ अनुमंडलीय अस्पताल में शव देखने पर शरीर के कई हिस्सों पर जलने के निशान मिले। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी सिर पर किसी भारी वस्तु से वार और पिटाई के कारण मौत होने की पुष्टि हुई है।
मृतक के बहनोई राजवीर यादव ने बताया कि जब शव मिला, तब वह पूरी तरह सड़ चुका था। शरीर के अधिकांश हिस्सों पर जलने के निशान थे। दाहिने हाथ पर बने टैटू को चाकू से गोदकर मिटा दिया गया था। हाथ में पहने कड़े और पैर में लगी रॉड के आधार पर ही शव की पहचान हो सकी। उन्होंने बताया कि छह जुलाई की रात 12:47 बजे पटना जंक्शन के पास से बंटी का अपहरण कर उसे ऑटो से बाइपास की ओर ले जाया गया। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद है। इसके बाद बदमाशों ने कच्ची दरगाह के पास एक दुकान से पान मसाला खरीदा और फिर बख्तियारपुर-मोकामा फोरलेन की ओर निकल गए।
कुछ घंटे बाद मुख्य आरोपी रविश कुमार और उसके साथी करबिगहिया स्थित किराए के मकान पर लौटे, कपड़े बदले और निकल गए। परिजनों का आरोप है कि सात जुलाई को रविश कुमार के भाई बजरंगी को पकड़कर कोतवाली थाना पुलिस के हवाले किया गया था। उसने पूछताछ में रविश द्वारा बंटी के अपहरण की बात स्वीकार कर बताया था कि उसे बाइपास की ओर ले जाया गया है। इसके बावजूद पुलिस ने प्रभावी कार्रवाई नहीं की।
हत्या के बाद घर लौटे थे अपहर्ता
बंटी के बहनोई राजवीर यादव का दावा है कि छह जुलाई की रात करीब साढ़े तीन बजे ही उसकी हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद मुख्य आरोपी रविश कुमार और उसके चार साथी अपने किराए के मकान पर लौटे। उनके कपड़ों पर खून लगे थे। इसका सीसीटीवी फुटेज भी मौजूद है। अपहरण के समय बंटी उनके साथ था, लेकिन लौटते समय वह नहीं दिखा। इससे स्पष्ट है कि हत्या के बाद वे घर लौटे, कपड़े बदले और फरार हो गए।
अपहरण से पहले बेटी से हुई थी बात
छह जुलाई की रात 12:34 बजे बंटी की बेटी मिस्टी ने फोन कर पूछा था, पापा, आप कब लौटेंगे? बंटी ने कहा था कि दुकान का हिसाब-किताब कर आ रहे हैं। पर वह घर नहीं लौट पाया।
डीएनए का नमूना और बिसरा सुरक्षित रखा गया
बाढ़। बंटी का शव बरामद होने के बाद शनिवार देर रात बाढ़ अनुमंडल अस्पताल में उसका पोस्टमार्टम कराया गया। इसमें सिर पर किसी भारी वस्तु से वार किए जाने के संकेत मिले हैं। प्रारंभिक जांच के आधार पर आशंका जताई गई है कि उसकी पीट-पीटकर हत्या की गई। पोस्टमार्टम के दौरान डीएनए जांच के लिए नमूना और बिसरा सुरक्षित रखा गया है। डीएनए के लिए बोन मैरो का नमूना लिया गया। अनुमंडल अस्पताल के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अजय कुमार ने बताया कि शव सड़-गल चुका था। हाथ-पैर की हड्डियों से मांस अलग हो चुका था। चेहरा कुचला हुआ था। दाहिने कूल्हे में पहले हुई सर्जरी के दौरान लगाई गई रॉड भी मिली। शनिवार देर रात गुलबी घाट पर बंटी का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
तीन थानों की पुलिस को भी नहीं मिला सुराग
बंटी न्यू करबिगहिया में रहता था, जो जक्कनपुर थाना क्षेत्र में आता है। उसका अपहरण कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित दूध मंडी के पास से हुआ था। बदमाश उसे बाइपास के रास्ते मोकामा की ओर ले गए और बख्तियारपुर-मोकामा फोरलेन के आसपास उसकी हत्या कर दी। इसके बाद अथमलगोला थाना क्षेत्र के फुलैलपुर गांव के पास शव को जमीन में गाड़ दिया। जक्कनपुर, कोतवाली और अथमलगोला थाने की पुलिस कई दिनों तक उसकी तलाश करती रही, लेकिन समय रहते उसका कोई सुराग नहीं लगा सकी।
सेक्स रैकेट के विरोध पर बंटी का रविश से हुआ था विवाद
अपहरण की घटना से करीब 15 दिन पहले बंटी और रविश कुमार के बीच सेक्स रैकेट को लेकर विवाद हुआ था। परिजनों का आरोप है कि एक किन्नर और रविश कुछ लड़कियों के साथ गली से गुजर रहे थे। इसी दौरान रविश के मकान के पास किन्नर और एक लड़की के बीच विवाद हो गया। शोर सुनकर बंटी ने अपने घर की छत से ही उन्हें वहां से जाने के लिए कहा। परिजनों के अनुसार बंटी ने रविश और किन्नर को चेतावनी देते हुए कहा था कि उनके कारण मोहल्ला बदनाम हो रहा है और इस तरह का धंधा बंद करना चाहिए। आरोप है कि इस पर रविश ने बंटी को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी थी। परिजनों का कहना है कि छह जुलाई को जब बंटी का अपहरण हुआ, तब रविश और उसके साथी मौके पर मौजूद थे। उनका आरोप है कि अपहरण के समय भी इसी मुद्दे को लेकर बंटी और रविश के बीच कहासुनी हुई।
स्टेशन के पास बंटी के साथ मारपीट भी की गई। परिजनों के मुताबिक बंटी ने एक दुकानदार से बचाने की गुहार लगाई, लेकिन किसी ने उसकी मदद नहीं की। उनका कहना है कि आसपास के लोगों को लगा कि दोनों आपस में परिचित हैं और किसी बात को लेकर विवाद कर रहे हैं। परिजनों का यह भी आरोप है कि घटनास्थल से करीब 100 फीट की दूरी पर पुलिस की गाड़ी मौजूद थी, लेकिन इसके बावजूद कोई हस्तक्षेप नहीं हुआ और बंटी का अपहरण कर लिया गया। 14 साल पहले हुई थी शादी : परिजनों ने बताया कि बंटी की शादी करीब 14 वर्ष पहले हुई थी। परिवार में उनकी पत्नी, एक बेटा और एक बेटी हैं। उनकी मां पटना हाईकोर्ट के अस्पताल में कार्यरत हैं। बंटी दो भाइयों और एक बहन में सबसे बड़े थे। बचपन में ही उनके पिता का निधन हो गया था।



