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पहाड़ों की सैर पर जा रहे? जान लीजिए नैनीताल के नए मौसम का हाल, शिमला-मसूरी से ज्यादा गर्म


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Nainital Weather : आमतौर पर गर्मियों में लोग मैदानों की तपती गर्मी से राहत पाने के लिए नैनीताल का रुख करते हैं. पर्यटक यहां ठंडी सुबह, सर्द शाम और हल्की ठिठुरन की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं, लेकिन इस बार मौसम का मिजाज बिल्कुल बदला हुआ दिखाई दे रहा है. मई के महीने में नैनीताल का तापमान 30 डिग्री के पार पहुंच चुका है. राजस्थान से आईं सोनाली लोकल 18 से बताती हैं कि उन्होंने कभी सोचा नहीं था कि पहाड़ों में इतनी गर्मी मिलेगी. स्थानीय निवासी रमेश चंद्रा बताते हैं कि अप्रैल, मई और जून के दौरान अक्सर हल्की बारिश और ठंडी हवाएं वातावरण को सुहावना बनाए रखती थीं, लेकिन इस बार मौसम चक्र में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. आने वाले समय में पहाड़ी क्षेत्रों की जलवायु भी पूरी तरह बदल सकती है.

नैनीताल. अगर आप भी गर्मियों की छुट्टियों में पहाड़ों की तरफ घूमने का प्लान कर रहे हैं, और सोच रहे हैं यहां आपको ठंडक मिलेगी तो रुक जाइए. पहाड़ भी गर्मी से अब तपने लगे हैं और हीट वेव का असर अब साफ दिखाई देने लगा है. उत्तराखंड की सरोवर नगरी नैनीताल भी इससे अछूती नहीं है. यह शहर भी इन दिनों गर्मी की चपेट में है. कभी ठंडी हवाओं और सुहावने मौसम के लिए मशहूर रहने वाला यह हिल स्टेशन अब हीट वेव जैसे हालात महसूस कर रहा है. मई के महीने में नैनीताल का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जिसने पर्यटकों के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी हैरान कर दिया है. हालात ऐसे हैं कि नैनीताल का तापमान इन दिनों शिमला और मसूरी जैसे प्रसिद्ध हिल स्टेशनों से भी अधिक रिकॉर्ड किया जा रहा है.

आमतौर पर गर्मियों में लोग मैदानों की तपती गर्मी से राहत पाने के लिए नैनीताल का रुख करते हैं. पर्यटक यहां ठंडी सुबह, सर्द शाम और हल्की ठिठुरन की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं, लेकिन इस बार मौसम का मिजाज बिल्कुल बदला हुआ दिखाई दे रहा है. दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाएं लोगों को परेशान कर रही हैं. शहर में गर्मी का असर इस कदर है कि लोग दिन में छांव तलाशते नजर आ रहे हैं.

स्वेटर छोड़ टी-शर्ट में घूम रहे पर्यटक

राजस्थान से नैनीताल घूमने पहुंची पर्यटक सोनाली लोकल 18 से बताती हैं कि उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि पहाड़ों में इतनी गर्मी मिलेगी. वे खास तौर पर गरम कपड़े लेकर आई थीं, लेकिन यहां पहुंचने के बाद उनकी जरूरत ही नहीं पड़ी. सोनाली ने बताया कि सुबह और शाम को हल्की ठंड जरूर महसूस होती है, लेकिन दिन के समय तेज धूप के कारण मौसम पूरी तरह गर्म हो जाता है. एक अन्य पर्यटक राहुल ने बताया कि वे भी ठंड के हिसाब से कपड़े लेकर आए थे, लेकिन नैनीताल पहुंचने के बाद उन्हें गर्मियों वाले कपड़ों की खरीदारी करनी पड़ी. उन्होंने कहा कि मौसम भले ही गर्म हो, लेकिन नैनीताल की खूबसूरती अब भी लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है और पर्यटक यहां का आनंद ले रहे हैं.

मैदानों के करीब होने का ये असर

मौसम के जानकार और स्थानीय निवासी रमेश चंद्रा बताते हैं कि नैनीताल का मौसम हमेशा से बाकी इलाकों से अलग रहा है. यहां स्थानीय स्तर पर होने वाली बारिश, जिसे “लोकल रेन” कहा जाता है, जो मौसम को संतुलित बनाए रखती थी. अप्रैल, मई और जून के दौरान अक्सर हल्की बारिश और ठंडी हवाएं वातावरण को सुहावना बनाए रखती थीं, लेकिन इस बार मौसम चक्र में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. रमेश कहते हैं कि नैनीताल की भौगोलिक स्थिति भी इस बदलाव की बड़ी वजह है. नैनीताल, काठगोदाम और हल्द्वानी जैसे मैदानी इलाकों के काफी करीब है. जब मैदानों में हीट वेव चलती है, तो गर्म हवाएं पहाड़ों की ओर बढ़ती हैं और उसका असर नैनीताल में भी महसूस होने लगता है. पहले जहां नैनीताल का सामान्य तापमान 25 से 27 डिग्री के बीच रहता था, वहीं अब यह 30 डिग्री के पार पहुंच गया है.

पश्चिमी विक्षोभ की बेरुखी से तपे पहाड़

रमेश चंद्रा बताते हैं कि इस बार बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाएं और साइक्लोनिक गतिविधियां भी कमजोर पड़ी हैं. पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय नहीं होने के कारण बारिश नहीं हो पा रही है. यही वजह है कि पूरे कुमाऊं क्षेत्र में गर्मी लगातार बढ़ रही है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुमान के मुताबिक, मई अंतिम सप्ताह में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिससे मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है और तापमान में कुछ गिरावट आ सकती है. बढ़ती गर्मी का असर केवल पर्यटकों तक सीमित नहीं है, बल्कि स्थानीय लोग भी मौसम के इस बदले स्वरूप को लेकर चिंतित हैं. पहाड़ों में लगातार बढ़ता तापमान पर्यावरण और जल स्रोतों पर भी असर डाल सकता है. लोगों का मानना है कि अगर इसी तरह मौसम चक्र में बदलाव जारी रहा, तो आने वाले समय में पहाड़ी क्षेत्रों की जलवायु भी पूरी तरह बदल सकती है.

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Priyanshu Gupta

प्रियांशु गुप्‍ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…और पढ़ें



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