बारिश का मौसम शुरू होते ही मन पहाड़ों की तरफ भागने लगता है. चारों तरफ हरियाली, पहाड़ियों से गिरता पानी और ठंडी हवा का मजा आखिर किसे नहीं पसंद. लेकिन अगर इस बार बजट कम है और लंबी यात्रा करना संभव नहीं, तो परेशान होने की जरूरत नहीं. उत्तर प्रदेश में ही कई ऐसी जगहें हैं, जहां मानसून में आपको पहाड़ी इलाकों जैसा खूबसूरत नजारा देखने को मिल सकता है.
मिर्जापुर और सोनभद्र का विंध्य क्षेत्र खासतौर पर ऐसे प्राकृतिक ठिकानों के लिए जाना जाता है. बारिश होते ही यहां की चट्टानें, जंगल और झरने एकदम बदल जाते हैं. अगर आप भी इस मानसून घूमने निकलने का सोच रहे हैं, तो इन 6 झरनों को अपनी लिस्ट में शामिल कर सकते हैं.
1. सिद्धनाथ की दरी, मिर्जापुर
चुनार के आसपास मौजूद सिद्धनाथ की दरी मानसून में घूमने के लिए शानदार जगह है. चट्टानों के बीच से नीचे गिरता पानी और आसपास फैली हरियाली यहां पहुंचते ही आपका ध्यान खींच लेती है. यह झरना करीब 100 फीट की ऊंचाई से गिरता है.
इस जगह का नाम सिद्धनाथ बाबा से जुड़ा हुआ है और स्थानीय स्तर पर इसे धार्मिक आस्था से भी जोड़ा जाता है. यहां आसपास प्राकृतिक चट्टानें और पुराने शैलचित्र भी देखने को मिलते हैं. अगर आप चुनार घूमने जा रहे हैं, तो सिद्धनाथ की दरी को यात्रा में जोड़ सकते हैं.
2. मुक्खा फॉल्स, सोनभद्र
सोनभद्र का मुक्खा फॉल्स भी मानसून में काफी खूबसूरत दिखाई देता है. यहां बेलन नदी का पानी करीब 100 फीट की ऊंचाई से नीचे गिरता है. बारिश के दिनों में जब पानी का बहाव बढ़ता है, तो झरने का नजारा और भी शानदार हो जाता है.
यह जगह सिर्फ झरने के लिए ही खास नहीं है. आसपास के इलाके में पुराने शैलचित्र भी मिलते हैं, जो इस क्षेत्र के इतिहास की कहानी बताते हैं. सिद्धनाथ की दरी और मुक्खा फॉल्स को एक ही ट्रिप में देखने का प्लान भी बनाया जा सकता है.
3. टांडा फॉल्स, मिर्जापुर
मिर्जापुर से करीब 14 किलोमीटर की दूरी पर टांडा फॉल्स स्थित है. विंध्य की पहाड़ियों के बीच मौजूद यह जगह बारिश के मौसम में पूरी तरह हरी-भरी हो जाती है. झरने के सामने टांडा बांध का जलाशय भी है, जिससे आसपास का दृश्य और खूबसूरत लगता है.
बारिश के दौरान पहाड़ी से गिरता पानी सफेद चादर जैसा नजर आता है. यहां जाते समय खाने-पीने का सामान साथ रखना बेहतर है, क्योंकि आसपास सुविधाएं बहुत ज्यादा नहीं मिलतीं.
4. अलोपी दरी, मिर्जापुर
अगर आपको ऐसी जगह पसंद है जहां बहुत ज्यादा भीड़ न हो, तो अलोपी दरी का रुख कर सकते हैं. जंगल और पहाड़ियों के बीच मौजूद यह जगह बारिश के समय बेहद खूबसूरत लगती है. चारों तरफ हरियाली और बीच में बहता पानी इसे एक शानदार प्राकृतिक ठिकाना बना देता है.
यहां घूमने का मजा तभी ज्यादा आएगा जब आप प्रकृति के बीच थोड़ा समय शांति से बिताना चाहते हों. हालांकि यहां बड़े पर्यटन स्थलों जैसी सुविधाओं की उम्मीद न रखें.
5. जोगिया दरी, मिर्जापुर
मिर्जापुर की जोगिया दरी भी प्रकृति प्रेमियों के लिए अच्छी जगह है. पहाड़ी और जंगल वाले इलाके में मौजूद यह झरना बारिश के बाद अपने बेहतर रूप में दिखाई देता है. यहां पहुंचकर आपको शहर की भीड़-भाड़ से काफी अलग माहौल मिलेगा.
एक खास बात यह है कि अलोपी दरी और जोगिया दरी को एक ही दिन की यात्रा में शामिल किया जा सकता है, क्योंकि दोनों जगहों के बीच करीब 6 किलोमीटर की दूरी बताई जाती है. इससे समय भी बचेगा और एक ही ट्रिप में दो प्राकृतिक जगहें देख सकेंगे.
6. सिरसी फॉल्स, मिर्जापुर
सिरसी फॉल्स भी मानसून में घूमने के लिए एक खूबसूरत विकल्प है. सिरसी नदी से जुड़े इस इलाके में बारिश के बाद हरियाली बढ़ जाती है और पानी का बहाव भी देखने लायक हो जाता है. अगर आपको शांत और प्राकृतिक जगहों पर घूमना पसंद है, तो यह जगह आपकी पसंद बन सकती है.



