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Nainital Best Waterfalls : उत्तराखंड के नैनीताल और आसपास के वाटरफॉल पर्यटकों को अपनी ओर तेजी से आकर्षित करते हैं. इन झरनों की खासियत सिर्फ गिरता पानी नहीं, बल्कि इनके आसपास मौजूद हरियाली, शांत वातावरण और एडवेंचर से भरे रास्ते भी हैं. नैनीताल के टूरिस्ट गाइड शादाब लोकल 18 से बताते हैं कि यहां आकर आप प्रकृति के अद्भुत नजारे के साथ ही फोटोग्राफी का आनंद भी ले सकते हैं. मानसून और गर्मियों में यहां की खूबसूरती और बढ़ जाती है. नैनीताल शहर से करीब 7 किलोमीटर दूर वुडलैंड वाटरफॉल को स्थानीय लोग ‘दूधिया झरना’ भी कहते हैं.
रामनगर से करीब 25 किलोमीटर और नैनीताल से करीब 40 किमी दूर कालाढूंगी के पास स्थित जिम कॉर्बेट वाटरफॉल प्रकृति प्रेमियों के लिए शानदार जगह है. घने जंगलों के बीच मौजूद यह झरना अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है. मुख्य सड़क से झरने तक जाने वाला रास्ता जंगलों के बीच से होकर गुजरता है, जो सफर को और रोमांचक बना देता है. यहां तक दोपहिया और चौपहिया वाहन आसानी से पहुंच सकते हैं. शांत वातावरण, पक्षियों की आवाज और गिरते पानी की गूंज यहां आने वाले पर्यटकों को बेहद आकर्षित करती हैं. परिवार और दोस्तों के साथ क्वालिटी टाइम बिताने के लिए यह शानदार पर्यटन स्थल माना जाता है.

नैनीताल के ये खूबसूरत वाटरफॉल सिर्फ घूमने की जगह नहीं, बल्कि नेचर, एडवेंचर और फोटोग्राफी के लिए भी परफेक्ट हैं. कहीं घने जंगलों के बीच ट्रैकिंग का रोमांच है तो कहीं दूधिया पानी की अद्भुत खूबसूरती. यहां पहुंचने वाले पर्यटक खूबसूरत प्राकृतिक दृश्यों के बीच घंटों समय बिताते हैं और यादगार तस्वीरें कैद करते हैं. खासकर युवाओं और कपल्स के बीच ये जगहें काफी लोकप्रिय हो रही हैं. अगर आप भी पहाड़ों की ठंडी हवाओं, झरनों की आवाज और हरियाली के बीच सुकून भरे पल बिताना चाहते हैं, तो नैनीताल के ये वाटरफॉल आपके लिए बेहतरीन विकल्प साबित हो सकते हैं. यहां आकर आप प्रकृति के अद्भुत नजारे के साथ ही फोटोग्राफी का आनंद भी ले सकते हैं.

नैनीताल से करीब 48 किलोमीटर दूर स्थित ढुकाने वाटरफॉल अपनी शांत और प्राकृतिक खूबसूरती के लिए जाना जाता है. घने जंगलों और पहाड़ियों के बीच बहता यह झरना पर्यटकों को अलग ही अनुभव देता है. यहां आने वाले लोगों को ऊंचे पहाड़, हरियाली से भरे पेड़ और स्टेप फार्मिंग के अद्भुत दृश्य देखने को मिलते हैं. अगर आप शहर की भागदौड़ से दूर कुछ समय प्रकृति के बीच बिताना चाहते हैं, तो यह जगह शानदार विकल्प है. फैमिली और दोस्तों के साथ यहां पिकनिक और फोटोग्राफी का अलग ही मजा मिलता है. मानसून और गर्मियों में यहां की खूबसूरती और बढ़ जाती है.
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नैनीताल की खूबसूरत वादियों के बीच स्थित यह मनमोहक झरना पर्यटकों को प्रकृति के बेहद करीब होने का एहसास कराता है. नैनीताल से करीब 28.7 किलोमीटर दूर कालाढुंगी पर्वत श्रृंखला में बसा यह वाटरफॉल अपनी शांत फिजाओं, हरियाली और बहते पानी की मधुर आवाज के लिए खास पहचान रखता है. यहां पहुंचने के लिए साइकिल, जीप, टैक्सी या बस का सहारा लिया जा सकता है. पिकनिक मनाने और नेचर वॉक का आनंद लेने के लिए यह शानदार जगह मानी जाती है. गर्मियों में यहां की ठंडी हवाएं और प्राकृतिक नजारे पर्यटकों का दिल जीत लेते हैं और सफर को यादगार बना देते हैं. यहां जाने में किसी तरह का कोई शुल्क नहीं लगता.

उत्तराखंड के नैनीताल और आसपास के वाटरफॉल इन दिनों पर्यटकों को अपनी ओर तेजी से आकर्षित कर रहे हैं. इन झरनों की खासियत सिर्फ गिरता पानी नहीं, बल्कि इनके आसपास मौजूद हरियाली, शांत वातावरण और एडवेंचर से भरे रास्ते हैं. यहां आने वाले लोगों को प्रकृति के बेहद करीब होने का अनुभव मिलता है. सोशल मीडिया पर इन झरनों की तस्वीरें और रील तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिससे लोगों में इन जगहों को लेकर खास उत्साह देखने को मिल रहा है. गर्मियों में ठंडक और सुकून पाने के लिए भी लोग बड़ी संख्या में इन प्राकृतिक झरनों की तरफ रुख कर रहे हैं.

नैनीताल से करीब 40 किलोमीटर दूर मुक्तेश्वर के पास स्थित भालूगाड़ वाटरफॉल कुमाऊं के सबसे खूबसूरत पर्यटन स्थलों में गिना जाता है. लगभग 56 फीट की ऊंचाई से गिरता पानी इस झरने को बेहद आकर्षक बनाता है. यहां पहुंचने के लिए मुख्य सड़क से करीब दो किलोमीटर पैदल ट्रैक करना पड़ता है. ट्रैकिंग के दौरान रास्ते में बांज और बुरांश के घने जंगल तथा साथ बहती नदी पर्यटकों का मन मोह लेती है. देश-विदेश से आने वाले सैलानी यहां की प्राकृतिक खूबसूरती देखने पहुंचते हैं. एडवेंचर और नेचर लवर्स के लिए यह जगह किसी जन्नत से कम नहीं मानी जाती.

नैनीताल का हिडन वाटरफॉल अभी भी ज्यादातर पर्यटकों की नजरों से दूर है, लेकिन इसकी खूबसूरती किसी जादुई दुनिया जैसी लगती है. यह झरना नैनीताल के मशहूर बिड़ला स्कूल से करीब तीन किलोमीटर दूर चुंगीबी-भवाली गांव, पैदल मार्ग पर स्थित है. यहां पहुंचने के लिए पहले टैक्सी या बाइक से बिड़ला स्कूल तक जाना पड़ता है, फिर आगे का रास्ता पैदल तय करना होता है. घने जंगलों और सुनसान रास्तों के बीच बहते पानी की आवाज यहां के माहौल को बेहद खास बना देती है. एडवेंचर पसंद लोगों और ट्रैकिंग करने वालों के लिए यह जगह किसी हिडन जेम से कम नहीं है.

नैनीताल शहर से करीब 7 किलोमीटर दूर स्थित वुडलैंड वाटरफॉल इन दिनों पर्यटकों की पहली पसंद बना हुआ है. इस झरने की सबसे खास बात इसका दूध जैसा सफेद पानी है, जिस वजह से स्थानीय लोग इसे “दूधिया झरना” भी कहते हैं. नैनीताल-कालाढूंगी मार्ग पर स्थित यह वाटरफॉल हरियाली और पहाड़ों के बीच बेहद खूबसूरत नजर आता है. यहां पहुंचने वाले पर्यटक ठंडी फुहारों और प्राकृतिक नजारों का जमकर आनंद लेते हैं. गर्मियों के मौसम में यह स्थान लोगों को सुकून और ताजगी का अहसास कराता है. फोटोग्राफी और रिलैक्सिंग के लिए भी यह शानदार स्पॉट माना जाता है.



