पाली. दिवाली की छुट्टियाँ शुरू हो चुकी हैं और देश-विदेश से पर्यटक राजस्थान की खूबसूरती को निहारने खिंचे चले आ रहे हैं. अगर आप भी इस फेस्टिवल सीजन में राजस्थान घूमने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो एक बात जान लीजिए… चाहे आपको मेवाड़ की वादियों में जाना हो या मारवाड़ के शाही ठाट-बाट देखने हों, आपका स्वागत करेगा—पाली. पाली को मेवाड़ और मारवाड़ का मुख्य ‘प्रवेश द्वार कहा जाता है. बिना पाली से गुजरे आपकी यह यात्रा पूरी नहीं हो सकती. लेकिन सवाल यह है कि इस सुहाने मौसम और छुट्टियों में अगर आप मेवाड़ रुख करते हैं तो वहाँ क्या खास देखने लायक है? और मारवाड़ की तरफ बढ़ते हैं तो कौन-सी जगहें आपकी ट्रिप को यादगार बना देंगी? जानें सबकुछ.
ट्रैवलोस्थान के ओनर गुंजन माथुर ने लोकल-18 से खास बातचीत करते हुए कहा कि राजस्थान आने वाले अधिकांश पर्यटक जोधपुर और उदयपुर पहुंचना पसंद करते हैं, जिसमें जोधपुर मारवाड़ और उदयपुर मेवाड़ का हिस्सा है. ये दोनों सबसे लोकप्रिय लोकेशंस हैं. यदि पर्यटकों के पास पर्याप्त समय हो, तो उन्हें केवल जोधपुर और उदयपुर तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि आसपास की अन्य खूबसूरत जगहों पर भी ट्रैवल करना चाहिए.
फलोदी का ‘खीचन गांव’ और कुर्जा पक्षियों का आकर्षण
गुंजन माथुर ने बताया कि यदि पर्यटक जोधपुर की तरफ आ रहे हैं, तो वे ओसिया, फलोदी और खीचन जैसी जगहों को देख सकते हैं. फलोदी जिले में स्थित ‘खीचन गांव’ भारत का एकमात्र ऐसा क्षेत्र है जहां हजारों की संख्या में ‘डेमोइसिले क्रेन’ जिन्हें स्थानीय भाषा में ‘कुर्जा’ कहा जाता है,यह पक्षी हजारों किलोमीटर दूर से प्रवास करके आते हैं. सर्दियों के दौरान दो-तीन महीने रहने वाले इन पक्षियों के अलावा पर्यटक यहां का विलेज एक्सपीरियंस, पोकरण का किला और स्थानीय राजस्थानी व्यंजनों (फूड क्विज़ीन) का आनंद ले सकते हैं.
जवाई क्षेत्र: जहां इंसान और तेंदुए रहते हैं एक साथ
उदयपुर की तरफ जाने वाले पर्यटक जवाई (सुमेरपुर के पास) और चित्तौड़गढ़ व कुंभलगढ़ जैसी ऐतिहासिक जगहों का रुख कर सकते हैं. जवाई भारत की एकमात्र ऐसी अनोखी जगह है जहां तेंदुए (Leopards) और मनुष्य एक साथ निवास करते हैं. यहाँ पर्यटकों को उनके नेचुरल हैबिटेट में तेंदुए आसानी से दिख जाते हैं. इसके अलावा, जवाई में लेपर्ड सफारी, पहाड़ी पर स्थित माताजी का मंदिर और बर्ड वॉचिंग जैसी ऑफ-बीट गतिविधियां पर्यटकों को काफी आकर्षित करती हैं.
रोहेटगढ़ और विलेज सफारी का अनूठा अनुभव
पाली के पास स्थित रोहेट मारवाड़ का एक पुराना ठिकाना और हेरिटेज प्रॉपर्टी है. रोहेटगढ़ पैलेस में रुककर पर्यटक ग्रामीण जीवन (रूरल लाइफ) का अनुभव ले सकते हैं. यहाँ कचौरी का लुत्फ उठाने के साथ-साथ विलेज सफारी भी कराई जाती है, जहाँ विशेष रूप से बिश्नोई समाज द्वारा प्रकृति और वन्यजीवों की रक्षा करने की संस्कृति देखने को मिलती है. विदेशी पर्यटकों को राजस्थान की सभ्यता, पहनावा, खान-पान और ग्रामीण संस्कृति सबसे ज्यादा आकर्षित करती है.
सस्ते टूर पैकेजेस के स्कैम से ऐसे बचें पर्यटक
यात्रा सीजन और त्योहारों के दौरान कई बार फर्जी ट्रेवल संस्थान सक्रिय हो जाते हैं और सस्ते पैकेज के नाम पर लोगों को ठग लेते हैं. इस पर सावधानी बरतने की सलाह देते हुए गुंजन माथुर ने कहा कि किसी भी कंपनी से पैकेज लेने से पहले उसका फिजिकल वेरिफिकेशन जरूर करें. स्थानीय लोगों या उस शहर के अन्य ऐसे ट्रेवल्स एजेंसियों से भी बात करके चैक कर लेना चाहिए. कभी भी केवल सस्ते के चक्कर में न आएं, बल्कि यह देखें कि वे क्या क्वालिटी सर्विसेज और सुविधाएं दे रहे हैं. पूरी तरह वेरीफाई करने के बाद ही डील फाइनल करें ताकि आपका पैसा सुरक्षित रहे और किसी प्रकार की ठगी से बचा जा सके.
मेवाड़ क्षेत्र में यहां घूम सके है पर्यटक
चित्तौड़गढ़ किला (चित्तौड़गढ़): भारत का सबसे बड़ा दुर्ग और शौर्य की प्रतीक ऐतिहासिक धरोहर.
सिटी पैलेस (उदयपुर): पिछोला झील के किनारे स्थित भव्य राजमहल, जो नक्काशी और इतिहास का बेजोड़ संगम है.
कुंभलगढ़ किला (राजसमंद): विश्व की दूसरी सबसे लंबी दीवार और महान योद्धा महाराणा प्रताप की जन्मस्थली.
रणकपुर जैन मंदिर (पाली/मेवाड़ सीमा): 1,444 संगमरमर के खंभों पर टिका अद्भुत और शांतिपूर्ण जैन स्थापत्य कला.
नाथद्वारा (श्रीनाथजी मंदिर): वैष्णव संप्रदाय का प्रसिद्ध और अत्यंत पवित्र कृष्ण तीर्थ स्थल.
पाली जिला में यहां घूम सके है पर्यटक
जवाई बांध (सुमेरपुर): लेपर्ड सफारी और प्राकृतिक जल भंडार के लिए विश्व प्रसिद्ध जगह.
सोजत का किला: मेहंदी नगरी सोजत का ऐतिहासिक किला, जो अपनी वास्तुकला और मनोरम दृश्य के लिए जाना जाता है.
गोरमघाट: अरावली की पहाड़ियों और झरनों के बीच स्थित, जहां का टॉय ट्रेन सफर रोमांच से भरा है.
परशुराम महादेव मंदिर (देसूरी): गुफा में स्थित राजस्थान का अमरनाथ माना जाने वाला प्रसिद्ध शिव धाम.
मुछाला महावीर मंदिर (घाणेराव): कुंभलगढ़ अभयारण्य के पास स्थित मूंछों वाले महावीर स्वामी का ऐतिहासिक मंदिर.
जोधपुर में यहां घूम सके है पर्यटक
मेहरानगढ़ किला: शहर से 400 फीट ऊंची पहाड़ी पर स्थित राजसी दुर्ग, जहां से पूरा नीला शहर (Blue City) दिखता है.
उम्मेद भवन पैलेस: दुनिया के सबसे बड़े निजी निवासों में से एक, जिसका एक हिस्सा संग्रहालय और लग्जरी होटल है.
जसवंत थड़ा: सफेद संगमरमर से बना मारवाड़ के राठौड़ राजवंश का स्मारक, जिसे ‘मारवाड़ का ताजमहल’ कहा जाता है.
कायलाना झील: सूर्यास्त के विहंगम दृश्य और शांतिपूर्ण वातावरण के लिए प्रसिद्ध विशाल झील.
माचिया बायोलॉजिकल पार्क: मरुस्थलीय वन्यजीवों और प्रकृति प्रेमियों के लिए बेहतरीन स्थान.