Homeटेक्नोलॉजीपुरी और अहमदाबाद में जगन्नाथ रथयात्रा आज: सोने की झाड़ू से...

पुरी और अहमदाबाद में जगन्नाथ रथयात्रा आज: सोने की झाड़ू से होगी रथों की सफाई; सबसे आगे बलभद्र, आखिर में निकलेंगे जगन्नाथ


  • Hindi News
  • National
  • Rath Yatra LIVE Video | Puri Jagannath Rath Yatra Photos Update; Balabhadra Subhadra Odisha Ahmedabad Udaipur Jagdish Temple

पुरी4 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

ओडिशा के पुरी और गुजरात के अहमदाबाद में आज भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा निकाली जाएगी। अहमदाबाद के जमालपुर स्थित जगन्नाथ मंदिर में सुबह 4 बजे मंगला आरती हुई। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह अपने परिवार के साथ मंगला आरती में शामिल हुए।

पुरी में सुबह 6 बजे मंगला आरती से रथयात्रा की शुरुआत होगी। मंगला आरती के बाद भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा को जगन्नाथ मंदिर के गर्भगृह से बाहर लाकर तीन भव्य रथों पर विराजमान कराया जाएगा।

पुरी में गजपति महाराजा दिव्यसिंह देव सोने की झाड़ू से भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के तीनों रथों की सफाई करेंगे। फिर शाम 4 बजे श्रद्धालु तीनों रथों को खींचते हुए जगन्नाथ मंदिर से 3 किमी दूर गुंडिचा मंदिर के लिए रवाना करेंगे।

अहमदाबाद की रथयात्रा में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल झाड़ू लगाने की परंपरा निभाएंगे। दोनों शहरों में करीब 15-15 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है।

पहले जानिए 2 सबसे बड़ी रथ यात्राओं के बारे में

13 1784138517

सोने की झाड़ू से रथों की सफाई करेंगे पुरी गजपति

  • रथयात्रा शुरू होने से पहले पुरी के गजपति महाराजा दिव्यसिंह देव तीनों रथों की पूजा करेंगे। वे भगवान जगन्नाथ के प्रथम सेवक माने जाते हैं। इसके बाद वे सोने की झाड़ू से तीनों रथों की सफाई करेंगे। फिर चंदन और सुगंधित जल का छिड़काव करेंगे। इस रस्म को ‘छेरा पहरा’ कहा जाता है।
  • रथयात्रा से पहले यह रस्म हर साल होती है। यह परंपरा बताती है कि भगवान के सामने राजा और आम इंसान सभी समान हैं। इसलिए गजपति महाराजा भी खुद को भगवान का सेवक मानकर यह सेवा करते हैं।

सबसे पहले बलभद्र, सबसे आखिर में जगन्नाथ का रथ

  • रथयात्रा में तीनों रथ एक क्रम से निकलते हैं। सबसे पहले भगवान जगन्नाथ के बड़े भाई बलभद्र का तालध्वज रथ चलता है। इसके बाद बहन सुभद्रा का दर्पदलन रथ निकलता है। सबसे आखिर में भगवान जगन्नाथ अपने नंदीघोष रथ पर सवार होकर यात्रा शुरू करते हैं।
  • धार्मिक मान्यता के अनुसार, बड़े भाई होने के कारण बलभद्र सबसे पहले मार्ग दिखाते हैं, उनके पीछे बहन सुभद्रा चलती हैं और अंत में भगवान जगन्नाथ अपने भक्तों को दर्शन देते हुए गुंडिचा मंदिर पहुंचते हैं। यही क्रम हर साल रथयात्रा और बहुदा यात्रा, दोनों में निभाया जाता है।

रथयात्रा से जुड़ी हर अपडेट के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…

लाइव अपडेट्स

15 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

अमित शाह ने अहमदाबाद के जगन्नाथ मंदिर में परिवार के साथ मंगला आरती की

18 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

अमित शाह अहमदाबाद के जमालपुर स्थित जगन्नाथ मंदिर पहुंचे

18 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी जगन्नाथ मंदिर पहुंचे

19 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

अहमदाबाद में जगन्नाथ मंदिर के कपाट कुछ देर में खुलेंगे, तीनों रथ लाए गए

07:30 PM15 जुलाई 2026

  • कॉपी लिंक

मंगला आरती से होगी रथयात्रा की शुरुआत, देखिए पूरे दिन का कार्यक्रम

11 1784139032

07:29 PM15 जुलाई 2026

  • कॉपी लिंक

पुरी में पहली बार AI कैमरों से होगी रथयात्रा की निगरानी

5ad60848 c87e 42e7 a912 739a4415166b 1784124467089

07:28 PM15 जुलाई 2026

  • कॉपी लिंक

पुरी में 3 किमी लंबे रास्ते से गुंडिचा मंदिर पहुंचते हैं भगवान

2 1784139866

07:26 PM15 जुलाई 2026

  • कॉपी लिंक

रथयात्रा में 12 हजार जवान तैनात; 473 CCTV कैमरों से निगरानी

भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा में भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने ओडिशा पुलिस और केंद्रीय अर्धसैनिक बल (CAPF) के करीब 12 हजार जवानों को तैनात किया है। इनके नेतृत्व के लिए 19 सीनियर IPS अधिकारी जिम्मेदारी संभालेंगे।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 1,700 बायो टॉयलेट, 8 अस्थायी अस्पताल, 473 CCTV कैमरे, 65 LED डिस्प्ले स्क्रीन और 16 स्थायी टेलीकॉम टावर लगाए गए हैं। गर्मी से राहत और आग से बचाव के लिए 360 डिग्री हाई-प्रेशर वाटर टावर लगाए गए हैं। ये वाटर टावर चारों दिशाओं में पानी की फुहार छोड़ सकते हैं।

आज भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के लिए देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पुरी पहुंच रहे हैं। भीड़ को देखते हुए भारतीय रेलवे ने 300 से ज्यादा स्पेशल ट्रेनें चलाई हैं। वहीं, पुरी रेलवे स्टेशन पर करीब 30 हजार यात्रियों के ठहरने और भीड़ प्रबंधन के इंतजाम किए गए हैं।

07:25 PM15 जुलाई 2026

  • कॉपी लिंक

नंदीघोष, तालध्वज और दर्पदलन; तीनों रथ की अलग पहचान

रथयात्रा में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के लिए हर साल तीन अलग-अलग रथ बनाए जाते हैं। तीनों रथों का नाम, रंग, ऊंचाई, पहियों की संख्या, लकड़ी के टुकड़ों की संख्या, ध्वज, रस्सी और सारथी अलग-अलग होते हैं।

भगवान जगन्नाथ के नंदीघोष रथ में 832 लकड़ी के टुकड़े लगते हैं और इसका रंग लाल-पीला होता है। भगवान बलभद्र के तालध्वज रथ में 763 लकड़ी के टुकड़े और लाल-हरा रंग होता है। वहीं, देवी सुभद्रा के दर्पदलन रथ में 593 लकड़ी के टुकड़े लगते हैं और इसका रंग लाल-काला होता है।

5 1784139780
7 1784139788
6 1784139805

07:24 PM15 जुलाई 2026

  • कॉपी लिंक

रथयात्रा में रस्सी खींचना भगवान की सेवा का प्रतीक

4 1784139724

07:22 PM15 जुलाई 2026

  • कॉपी लिंक

गुंडिचा मंदिर को भगवान की मौसी घर माना जाता है

14 1784139187

07:17 PM15 जुलाई 2026

  • कॉपी लिंक

छह महीने पहले से बुकिंग, लॉज का किराया ₹50 हजार तक

रथयात्रा को लेकर पुरी के सभी होटल और लॉज फुल हो चुके हैं। जिला प्रशासन के मुताबिक, इस साल फरवरी से बुकिंग शुरू हो गई थी। मंदिर के आसपास और रथ यात्रा मार्ग के होटल-लॉज की डिमांड ज्यादा है।

यही नहीं, जिन होटल या लॉज की बालकनी या खिड़की रथ यात्रा मार्ग की तरफ खुलती है, उनके लिए ज्यादा मारामारी है, ताकि श्रद्धालु अच्छी तरह से भगवान के दर्शन कर सकें। पिछले साल के मुकाबले होटल-लॉज के रेट 10 गुना तक बढ़े हैं। जिन लॉज का किराया 1500 से 2000 रुपए होता है, उनका किराया 3 दिन के लिए 50 हजार रुपए तक है। पूरे शहर में 1200 होटल हैं।

07:16 PM15 जुलाई 2026

  • कॉपी लिंक

18 दिन पहले से रथयात्रा के अनुष्ठान, गुंडिचा मंदिर में 7 दिन रुकते हैं जगन्नाथ

18 1784111887132

07:15 PM15 जुलाई 2026

  • कॉपी लिंक

हर साल नई लकड़ी से तैयार किए जाते हैं रथ

10 1 1784139666

07:14 PM15 जुलाई 2026

  • कॉपी लिंक

रथयात्रा के बाद रथ के हिस्से बेचे जाते हैं, लाखों रुपए कीमत

12 1784139686

07:12 PM15 जुलाई 2026

  • कॉपी लिंक

जगन्नाथ मंदिर का निर्माण राजा अनंतवर्मन ने शुरू कराया, अनंगभीम ने पूरा किया

8 1784139234

07:08 PM15 जुलाई 2026

  • कॉपी लिंक

रथयात्रा के बीच 19 जुलाई को खुलेगा रत्न भंडार

रथयात्रा के बीच जगन्नाथ मंदिर का रत्न भंडार 19 जुलाई को एक दिन के लिए खोला जाएगा। उस समय भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा रथयात्रा के दौरान गुंडिचा मंदिर में होंगे।

इस दौरान स्नान यात्रा के समय भगवान की मूर्तियों से उतारे गए सोने और अन्य कीमती आभूषणों की गिनती और डिजिटल डॉक्युमेंटेशन किया जाएगा। श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (SJTA) के अनुसार, यह विशेष इन्वेंट्री आधुनिक डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने की प्रक्रिया का हिस्सा है।

07:08 PM15 जुलाई 2026

  • कॉपी लिंक

पुरी में रथयात्रा निकालने की परंपरा करीब 1100 साल पुरानी

07:07 PM15 जुलाई 2026

  • कॉपी लिंक

भगवान जगन्नाथ की पहली मूर्ती गुंडिचा मंदिर में ही बनाई गई थीं

3 1784140041



Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments