मृतक सतीश कुमार के बेटे विवेक ने बताया कि उसके पिता करीब दो महीने बाद रिटायर होने वाले थे। वर्ष 2017 से जुड़े एक मामले में उन्हें बार-बार खेड़ी पुल थाने बुलाया जा रहा था। शनिवार को उन्हें सुबह से शाम तक थाने में बैठाकर पूछताछ की गई। परिवार का कहना है कि घर लौटने के बाद वह काफी तनाव में दिखाई दिए।
फरीदाबाद में कथित तौर पर पुलिस की प्रताड़ना से परेशान होकर पावर ग्रिड कंपनी के वरिष्ठ टेक्नीशियन सतीश कुमार ने खुदकुशी कर ली। उन्होंने सुसाइड नोट में खेड़ी पुल थाना प्रभारी देवेंद्र सिंह पर आरोप लगाए हैं। करीब 60 वर्षीय सतीश कुमार बल्लभगढ़ में कार्यरत थे। अक्टूबर में रिटायर होने वाले थे। आरोपी थाना प्रभारी के खिलाफ सोमवार को आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया।
वर्ष 2017 में हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आने से एक व्यक्ति झुलस गया था। कंपनी के खिलाफ लापरवाही का केस दर्ज किया गया। कंपनी की ओर से अदालत और थाने से जुड़ी कानूनी कार्रवाई सतीश कुमार देख रहे थे। उनके बेटे विवेक ने बताया कि इसी मामले में पुलिस द्वारा कुछ दिनों से नोटिस भेजकर पिता को थाने बुलाया जा रहा था। आरोप है कि पुलिस ने शनिवार सुबह करीब 10 बजे से शाम 6 तक उन्हें थाने में बैठाए रखा। पुलिस ने उन्हें न पानी पीने दिया और ना ही बाथरूम जाने दिया। सतीश जब रात में घर आए तो बताया कि पुलिस ने काफी प्रताड़ित किया। इसके बाद रविवार सुबह वह अपने घर में फंदे पर लटके मिले। एसपी ने बताया कि केस दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
दो दिनों की जद्दोजहद के बाद पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
भनकपुर गांव के रहने वाले और पावर ग्रिड के वरिष्ठ टेक्नीशियन सतीश कुमार की मौत के मामले में मृतक के परिजनों की दो दिन की जद्दोजहद के बाद पुलिस ने आखिरकार खेड़ी पुल थाना प्रभारी पर मुकदमा दर्ज कर लिया। पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रताड़ना को इस घटना की वजह बताया है।
रविवार सुबह सतीश कुमार की मौत के बाद मामला तेजी से चर्चा में आया। परिजनों का आरोप था कि खेड़ी पुल थाना प्रभारी देवेंद्र ने एक पुराने मामले को लेकर सतीश पर लगातार दबाव बनाया। इसी आरोप के आधार पर वे थाना प्रभारी के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग पर अड़े रहे। पुलिस अधिकारियों ने शुरुआत में जांच का भरोसा देकर मामला शांत कराने की कोशिश की, लेकिन परिवार और ग्रामीण अपनी मांग से पीछे नहीं हटे। सोमवार को वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद आखिरकार थाना प्रभारी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज किया गया।
एसीपी मुजेसर पंकज कुमार ने बताया कि परिजनों ने पुलिस पर प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। उनकी शिकायत के आधार पर संबंधित थाना प्रभारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। जांच के अनुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
डायरी के पन्ने वायरल होने से बढ़ी हलचल
घटना के बाद एक डायरी का पन्ना भी चर्चा का विषय बना हुआ है। बताया जा रहा है कि सतीश ने पुलिस प्रताड़ना का उल्लेख किया था और अपनी मौत के लिए थाना प्रभारी को जिम्मेदार ठहराया था। डायरी का कथित पन्ना वायरल होने के बाद मामला बढ़ गया। पुलिस का कहना है कि वायरल सामग्री की सत्यता की जांच की जा रही है।
हर सुख-दुख में लोगों के साथ खड़े रहते थे
सतीश की मौत से भनकपुर गांव में शोक का माहौल है। ग्रामीणों के अनुसार वह बेहद शांत, मिलनसार और सामाजिक स्वभाव के व्यक्ति थे। गांव के लोगों ने बताया कि सतीश हर सुख-दुख में लोगों के साथ खड़े रहते थे और बच्चों को शिक्षा के लिए प्रेरित करते थे। उनकी मौत से पूरे क्षेत्र में दुख और नाराजगी है। ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है।



