भारतीय शेयर बाजार में पिछले सप्ताह आई तेजी का सीधा फायदा देश की सबसे बड़ी कंपनियों को मिला। शीर्ष 10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में से आठ के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में कुल 1.90 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस दौरान बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और दूरसंचार क्षेत्र की कंपनियों ने शानदार प्रदर्शन किया। खास तौर पर आईसीआईसीआई बैंक सबसे बड़ा लाभ कमाने वाली कंपनी बनकर उभरा। बाजार में सकारात्मक माहौल, वैश्विक स्तर पर तनाव कम होने की उम्मीद और भारतीय रिजर्व बैंक के कुछ कदमों ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया, जिसका असर शेयरों की कीमतों पर भी दिखाई दिया।
बाजार में तेजी क्यों आई और निवेशकों का भरोसा कैसे बढ़ा?
पिछले सप्ताह बीएसई सेंसेक्स 1,284.61 अंक यानी 1.73 प्रतिशत मजबूत हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी में 256.2 अंकों यानी एक प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार वैश्विक माहौल में सुधार और विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा उठाए गए कदमों से निवेशकों का विश्वास बढ़ा। इसके अलावा अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते की उम्मीद से भू-राजनीतिक तनाव कम होने और ऊर्जा बाजार में स्थिरता आने की संभावना बनी, जिससे निवेशकों का रुझान शेयर बाजार की ओर बढ़ा। इसी का असर बड़ी कंपनियों के बाजार मूल्य पर भी देखने को मिला।
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किन कंपनियों को सबसे ज्यादा फायदा हुआ?
सबसे अधिक लाभ आईसीआईसीआई बैंक को हुआ, जिसके बाजार पूंजीकरण में 56,223 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई और इसका कुल मूल्य 9.61 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया। एचडीएफसी बैंक की बाजार हैसियत 38,571 करोड़ रुपये बढ़कर 11.89 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गई। भारतीय स्टेट बैंक को भी 36,137 करोड़ रुपये का लाभ हुआ। इसके अलावा बजाज फाइनेंस, भारती एयरटेल, लार्सन एंड टुब्रो, हिंदुस्तान यूनिलीवर और रिलायंस इंडस्ट्रीज के बाजार मूल्य में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। रिलायंस इंडस्ट्रीज 17.49 लाख करोड़ रुपये के बाजार मूल्य के साथ देश की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी रही।
किन कंपनियों को नुकसान हुआ और शीर्ष कंपनियों की स्थिति क्या रही?
जहां अधिकांश बड़ी कंपनियों ने निवेशकों को लाभ दिया, वहीं टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) और भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) को नुकसान का सामना करना पड़ा। टीसीएस का बाजार पूंजीकरण 13,296 करोड़ रुपये घटकर 7.82 लाख करोड़ रुपये रह गया, जबकि एलआईसी के बाजार मूल्य में 822 करोड़ रुपये की कमी आई। शीर्ष 10 कंपनियों की सूची में रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले स्थान पर रही। इसके बाद एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, टीसीएस, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, हिंदुस्तान यूनिलीवर और एलआईसी का स्थान रहा। बाजार जानकारों का मानना है कि यदि सकारात्मक माहौल बना रहता है तो आने वाले समय में भी बड़ी कंपनियों के शेयरों में मजबूती देखने को मिल सकती है।



