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बिजनेस: आरबीआई बढ़ा सकता है ब्याज दरें; 2 अक्तूबर को नो यूपीआई डे का एलान, एमडीआर के विरोध में मोबाइल व्यापारी


देश भर के मोबाइल फोन विक्रेता 2 अक्तूबर को नो यूपीआई डे मनाएंगे। यह विरोध सरकार की ओर से 15 अक्तूबर से व्यापारियों के लिए 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतानों पर लगाए जा रहे 0.4 फीसदी मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) शुल्क के खिलाफ है। ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन के अनुसार, गांधी जयंती के दिन दुकानदार सांकेतिक विरोध के तौर पर अपने क्यूआर कोड को काले कपड़े से ढकेंगे और यूपीआई से भुगतान नहीं लेंगे। एसोसिएशन का कहना है कि यह कदम यूपीआई या डिजिटल इंडिया के खिलाफ नहीं, बल्कि छोटे दुकानदारों पर पड़ने वाले अतिरिक्त वित्तीय बोझ के विरोध में है। एसोसिएशन ने वित्त मंत्री को भेजे ज्ञापन में यूपीआई मर्चेंट भुगतान को पहले की तरह जीरो एमडीआर रखने की मांग की है।


आरबीआई अक्तूबर-दिसंबर में बढ़ा सकता है ब्याज दरें, 5.75 फीसदी तक पहुंचेगी टर्मिनल दर: नोमुरा

जापानी ब्रोकरेज फर्म- नोमुरा के अनुसार, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) अक्तूबर और दिसंबर की नीति समीक्षा बैठकों में ब्याज दरें 25 आधार अंक बढ़ा सकता है। इससे टर्मिनल दर 5.75 फीसदी तक पहुंच जाएगी। नोमुरा ने मंगलवार को अपनी रिपोर्ट में बताया कि फरवरी 2027 से दर वृद्धि की संभावना कम होने लगेगी। इसका कारण कमजोर उपभोक्ता खर्च और अगले साल के लिए नरम मुद्रास्फीति का अनुमान है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि अगले छह महीनों में खाद्य और ऊर्जा की कीमतों से मुद्रास्फीति बढ़ेगी। हालांकि, मांग घटने पर मुद्रास्फीति अपने लक्ष्य पर लौट आएगी। अगस्त में सीपीआई मुद्रास्फीति 4.8 फीसदी थी, जो चौथी तिमाही में 6.3 फीसदी तक पहुंच सकती है। नोमुरा ने खाद्य मुद्रास्फीति को निकट अवधि के लिए सबसे बड़ा जोखिम बताया। कम मानसून और खराब खरीफ बोआई से खाद्य कीमतें बढ़ी हैं। भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दूसरी तिमाही में 7.8 फीसदी रही, लेकिन नोमुरा ने आर्थिक परिदृश्य के लिए कुछ जोखिम भी बताए।



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