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मुंबई6 घंटे पहले
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मोहन भागवत ने मुंबई में Gen-Z से संवाद किया। इसमें करीब 2,000 छात्र शामिल हुए।
संघ प्रमुख मोहन भागवत ने गुरुवार को मुंबई में Gen-Z और Gen-अल्फा से 1 घंटे तक संवाद किया। उन्होंने कहा कि जेन-जी और जेन-अल्फा, पुरानी पीढ़ी से भी ज्यादा देशभक्त और ईमानदार है।
उन्होंने कहा- हमें उनकी बात सुननी चाहिए। उनसे बातचीत में कमी थी, इसीलिए दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन हुआ।
उन्होंने ये बात मुंबई में इंडिया इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशंस यानी IIMUN की 15वीं वर्षगांठ पर कही। प्रोग्राम में 11 से 19 साल की उम्र के करीब 2,000 छात्र शामिल हुए।
NEET पेपर लीक के खिलाफ देशभर में प्रदर्शनों के बाद इसे RSS का युवाओं के साथ सबसे अहम संवाद माना जा रहा है। जंतर-मंतर पर 36 दिन चले आंदोलन के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा था।

भागवत ने कहा- सुधार के लिए आंदोलन जरूरी, 10 बड़ी बातें…
1. सरकार की गलती पर: आंदोलन तब होता है, जब बातचीत नाकाम हो जाती है। अगर सरकार ने पहले ही बात कर ली होती, तो आंदोलन की जरूरत नहीं होती। आंदोलन भी बातचीत का एक तरीका है।
2. Gen-Z की सोच पर: हम लोग जब Gen-Z की उम्र में थे, तब बड़े जो कहते थे, हम मान लेते थे, सवाल नहीं करते थे। आज की Gen-Z सवाल करती है। उन्हें जवाब चाहिए और प्यार भी चाहिए।
3. Gen-Z के अधिकार पर: Gen-Z को आंदोलन नहीं करना चाहिए, यह तो हम नहीं कहेंगे। संविधान में लिखा है कि प्रदर्शन करना चाहिए, लेकिन यह कैसे करना है, उसे देखना चाहिए।
4. Gen-Z के विरोध पर: हमें भी देखना होगा कि अगर Gen-Z चिल्ला रही है, तो कोई तकलीफ है, तभी चिल्ला रही है। आंदोलन हमारे या आपके खिलाफ नहीं, बल्कि सिस्टम में सुधार के लिए होना चाहिए
5. Gen-Z पर देश विरोधी होने के आरोप पर: अगर Gen-Z आंदोलन कर रही है, तो वह एंटी-नेशनल नहीं है। वे अपने लोग हैं, हमारी अगली पीढ़ी हैं। उनसे हमारा संबंध है। उन्हें हमारी बात समझनी चाहिए और हमें उनकी बात समझनी चाहिए।
6. जंतर-मंतर पर हुए लाठीचार्ज पर: यह क्यों हुआ, किसलिए हुआ, उसका कारण जानना होगा। इसे देखकर तय करना होगा कि कहां गड़बड़ है। मैं भी पढ़कर बता रहा हूं। कुछ उपद्रवी शामिल हुए, यह न्यूज पेपर में पढ़ा है। अगर मुझे आंख मूंदकर भरोसा करना है, तो मैं Gen-Z पर कर सकता हूं।
7. शिक्षण संस्थानों की दुर्दशा पर: शिक्षा कमर्शियल बिजनेस नहीं है। वह सर्वसुलभ हो, ऐसा इंफ्रास्ट्रक्चर होना चाहिए। ऐसा किसी ने नहीं कहा कि सरकार ही पूरी शिक्षा चलाए। हमें भी सहयोग करना होगा। तभी सुधार होगा। बाद में पाठ्यक्रम की बात आनी चाहिए।

8. पाकिस्तान-चीन से बातचीत बंद होने पर: लड़ाई के समय हमें सरकार का साथ देना चाहिए। लेकिन जब एक बार लड़ाई खत्म हो जाए, तो बातचीत का रास्ता ढूंढना चाहिए। क्योंकि लड़ाई परमानेंट नहीं होती।
9. सेम-सेक्स मैरिज पर: चल रहे सिस्टम को छेड़ा जाए, तो दिक्कत पैदा हो जाएगी। अगर आप नया सिस्टम ला रहे हैं, तो पहले सोसाइटी को उसके लिए तैयार करना होगा।
10. महिलाओं के नेतृत्व पर: महिलाओं की भागीदारी के बारे में सिर्फ भारत में नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के परिप्रेक्ष्य में यह तय है कि उन्हें आगे आना चाहिए। उन्हें समान अधिकार मिलें, उन्हें बराबरी का हक मिले।
जंतर-मंतर पर पैलेट गन का इस्तेमाल क्यों हुआ

भागवत से पूछा गया कि बच्चों को भगवान का रूप माना जाता है, लेकिन आंदोलन के दौरान उन पर लाठीचार्ज और पैलेट गन का इस्तेमाल हुआ।
इस पर RSS चीफ ने कहा कि यह क्यों हुआ और किन परिस्थितियों में हुआ, पहले उसका कारण जानना होगा। तभी तय किया जा सकता है कि गड़बड़ी कहां हुई।
भागवत ने ‘फिंगर क्लैप’ किया, इसकी शुरुआत न्यूयॉर्क में 66 साल पहले हुई थी

भागवत ने प्रोग्राम के अंत में Gen-Z स्टाइल में उंगलियों से क्लैप किया। उन्होंने कहा कि यह आज मैंने Gen-Z से सीखा है।
Gen-Z के इस अनोखे ताली बजाने के तरीके को ‘फिंगर क्लैप’ या ‘माइक्रो क्लैप’ कहा जाता है। इसमें हथेलियां नहीं, बल्कि उंगलियों से हल्की चुटकी जैसी आवाज निकालकर सहमति और सराहना जताई जाती है।
इसकी शुरुआत 1960 के दशक में न्यूयॉर्क की ब्लैक और लैटिनो LGBTQ+ कम्युनिटी में ‘साइलेंट अप्लॉज’ के तौर पर हुई थी। बाद में टिकटॉक और इंस्टाग्राम रील्स के जरिए यह जेन-जी के बीच वायरल हो गया।
बेबी बूमर्स से जेन-बीटा तक, हर जेनरेशन की उम्र और पहचान

भागवत के स्टूडेंट्स से बातचीत कार्यक्रम से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…
अपडेट्स
01:47 PM6 अगस्त 2026
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भागवत बोले- बदलाव की शुरुआत सबसे पहले घर से करें
सवाल: पर्यावरण के बारे में Gen-Z और Gen Alpha काफी एक्टिव हैं। हम जब भी आवाज उठाते हैं, लेकिन सरकार नहीं सुनती।
जवाब: सरकार अलग तरह से सोचती है, उन पर अलग तरह के प्रेशर होते हैं। मैं मानता हूं कि सरकार से भी कुछ खामियां होती हैं। इसलिए हमें बदलाव की शुरुआत सबसे पहले घर से करनी होगी।

01:45 PM6 अगस्त 2026
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भागवत बोले- रिजर्वेशन पर राजनीति नहीं होनी चाहिए
सवाल: शिक्षा और नौकरी में रिजर्वेशन लागू है। अंबेडकर जी ने भी नहीं सोचा होगा कि यह आज तक चलता जाएगा। जनरल कैटेगरी के बच्चों के साथ भेदभाव होता है।
जवाब: मैं इसका सीधा आंसर नहीं दूंगा। आपको अंबेडकर जी की सोच को फॉलो करना होगा। सामाजिक भेदभाव चलता रहेगा, जब तक रिजर्वेशन रहेगा। इसमें राजनीति नहीं होनी चाहिए। इससे समाज में भेदभाव बनता है, इससे एकता नहीं आती।
01:45 PM6 अगस्त 2026
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भागवत बोले- किसी नौकरी को छोटा-बड़ा न मानें
भागवत ने कहा कि मैं यह भी देखता हूं कि वर्कर्स को हेय दृष्टि से देखा जाता है। पान का ठेला चलाने वाला भी 29 लाख की प्रॉपर्टी तैयार कर सकता है, यह तो एक उदाहरण है। सभी को सरकारी नौकरी मिल जाएगी, यह संभव नहीं है। अगर हम सोचेंगे कि बिना परिश्रम किए पैसा मिल जाए, तो यह संभव नहीं है। बेरोजगारी तभी जाएगी, जब नौकरी को छोटा-बड़ा न मानें।
01:44 PM6 अगस्त 2026
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भागवत बोले- रोजगार का मतलब सिर्फ नौकरी नहीं
सवाल: शिक्षा के बाद छात्र नौकरी ढूंढते हैं। इतने सारे युवाओं के लिए एक साथ जॉब क्रिएट करना आसान नहीं है। क्या युवाओं को अपनी पसंद की नौकरी नहीं मिल पा रही? गरीब और अमीर के बीच का अंतर बढ़ता जा रहा है। बेरोजगारी को लेकर आपका क्या कहना है?

01:33 PM6 अगस्त 2026
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भागवत बोले- RSS में महिलाएं बराबरी से बढ़ रहीं
सवाल: RSS को एपेक्स बॉडी में महिलाओं को शामिल क्यों नहीं करना चाहिए?
जवाब: जितने भी RSS के संघ हैं, उनमें महिलाएं बराबरी से आगे बढ़ रही हैं। संघ ने महिलाओं के लिए अलग विंग बनाया है। अगर एपेक्स बॉडी की बात करें, तो वे फील्ड में काम करती हैं और उनके विचार माने जाते हैं।
01:30 PM6 अगस्त 2026
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भागवत बोले- महिलाओं को बराबरी का हक मिले
सवाल: आपने कहा है कि महिलाओं को आगे आकर लीड करना चाहिए। उनमें वह क्षमता है।
जवाब: RSS चीफ ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी के बारे में सिर्फ भारत में नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के परिप्रेक्ष्य में यह तय है कि उन्हें आगे आना चाहिए। उन्हें समान अधिकार मिलें, उन्हें बराबरी का हक मिले।
01:29 PM6 अगस्त 2026
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भागवत बोले- LGBTQ समाज का हिस्सा, शादी अलग विषय
सवाल: सेम-सेक्स मैरिज को लीगल नहीं किया गया है। RSS क्यों कहता है कि सेम-सेक्स मैरिज डिसअलाउ होनी चाहिए?
जवाब: भागवत ने कहा कि LGBTQ भी हमारी सोसाइटी का हिस्सा हैं। वे सिस्टम से जुड़े हैं। हालांकि, शादी एक अलग मसला है। यह एक संस्था है, जो परिवार के लिए बनी है। अगली पीढ़ी को फैमिली के बारे में समझना होगा। माता-पिता, दोनों जरूरी अंग हैं। यह सदियों से चला आ रहा है। अब अगर चल रहे सिस्टम को छेड़ा जाए, तो दिक्कत पैदा हो जाएगी। अगर आप नया सिस्टम ला रहे हैं, तो पहले सोसाइटी को उसके लिए तैयार करना होगा।
01:27 PM6 अगस्त 2026
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भागवत बोले- लड़ाई के समय सरकार का साथ दें
सवाल: आज की तारीख में सिविल सोसाइटी को चीन और पाकिस्तान के लोगों से संबंध रखना चाहिए?
जवाब: भागवत ने कहा कि लड़ाई के समय यह नहीं हो सकता। क्योंकि इसमें आतंकवाद जुड़ा होता है, इसलिए हमें सरकार के साथ जाना चाहिए।
01:25 PM6 अगस्त 2026
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भागवत बोले- पड़ोसी देशों से बातचीत का रास्ता ढूंढना चाहिए
सवाल: हमारे बगल में दो देश हैं, पाकिस्तान और चीन। जब लड़ाई होती है, तो हम इनसे बातचीत बंद कर देते हैं।
जवाब: लड़ाई के समय हमें सरकार का साथ देना चाहिए। लेकिन जब एक बार लड़ाई खत्म हो जाए, तो बातचीत का रास्ता ढूंढना चाहिए। क्योंकि लड़ाई परमानेंट नहीं होती, यह समय की बात है। हालांकि राजनीति इससे अलग है, लेकिन हमें सोचना होगा कि मानवता ही एक चीज है, जो सबसे बड़ी है।
01:22 PM6 अगस्त 2026
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भागवत बोले- हिंसा करने वालों को फॉलो नहीं करना चाहिए
सवाल: परंपरा, प्रतिष्ठा और अनुशासन क्या सेम रहने चाहिए? एक बात यह भी है कि जो ज्यादा वॉयलेंस करता है, उसे ज्यादा लाइक्स मिलते हैं। नए रोल मॉडल को सामने कैसे लाएं?
जवाब: यह थोड़ा कॉन्ट्रास्ट है। अगर कोई वॉयलेंस कर रहा है, तो हमें उसे फॉलो नहीं करना चाहिए।
01:20 PM6 अगस्त 2026
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भागवत बोले- AI के दौर में वेरिफिकेशन जरूरी

सवाल: शिक्षा के अलावा Gen-Z और Gen Alpha को इंस्टाग्राम और सोशल मीडिया भी प्रभावित करते हैं। बच्चे इसके जरिए काफी ज्यादा पोलराइज हो रहे हैं। हम Gen-Z को दोष ठहराते हैं, लेकिन इसमें सोशल मीडिया और समाज का भी योगदान है। कई देशों में बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाया गया है।
जवाब: नियम बनाना ठीक है, लेकिन वह तभी लागू होगा, जब उसका पालन किया जाए। आपने बताया कि पहले के रोल मॉडल अलग थे, आज के अलग हैं। हम सोशल मीडिया पर हैं, तो हमें यह अहसास होना चाहिए कि हम जो करते हैं, उसे हमारे फॉलोअर्स भी मानते हैं। इसलिए हमारी जिम्मेदारी है कि हमारे कारण फॉलोअर्स गड्ढे में न जाएं। अब तो AI के जरिए बहुत फेक कंटेंट भी है। इसके लिए वेरिफिकेशन जरूरी है। हमें खुद भी इसके लिए अनुशासित होना पड़ेगा। Gen-Z को भी यह ध्यान रखना होगा। इसलिए इसका उत्तर पूरे समाज को देना पड़ेगा।
01:15 PM6 अगस्त 2026
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भागवत ने एजुकेशन बजट बढ़ाने की बात कही
सवाल: 10 लाख टीचर्स की वैकेंसी है। आंदोलनकारियों की मांग थी कि एक्सपर्ट कमेटी बनाई जाए। पहले भी कमेटियां बन चुकी हैं। कोई सरकार एजुकेशन बजट क्यों नहीं बढ़ा रही है?
जवाब: हम एजुकेशन बजट बढ़ाने का समर्थन करते हैं। अब सरकार की तरफ से यह बदलाव हो, तो केवल उससे ही यह नहीं होगा। ऐसा किसी ने नहीं कहा कि सरकार ही पूरी शिक्षा चलाए। हमें भी सहयोग करना होगा। नई पीढ़ी के बारे में हमें चिंता होनी चाहिए। इसके लिए समाज में स्पिरिट जगाने की जरूरत है। कोई सरकार जनता को इग्नोर नहीं कर सकती।
01:09 PM6 अगस्त 2026
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भागवत ने कहा- शिक्षा सिर्फ सरकार की नहीं, सबकी जिम्मेदारी
सवाल: देश के करीब 15 लाख स्कूलों में से लगभग 1 लाख स्कूल ऐसे हैं, जहां बच्चियों के लिए शौचालय नहीं हैं। कई जगह पीने के पानी की भी व्यवस्था नहीं है। क्या शिक्षा आज राष्ट्रीय आपातकाल जैसा मुद्दा बन गई है?
जवाब: भागवत ने कहा कि शिक्षा का समाधान सिर्फ एक कदम से नहीं होगा। मैं दो बातें कहना चाहूंगा।
- पहली: शिक्षा कमर्शियल बिजनेस नहीं होनी चाहिए। यह सबके लिए सुलभ हो और इसके लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध होना चाहिए।
- दूसरी: शिक्षा सिर्फ सरकार की नहीं, हम सबकी जिम्मेदारी है। अपने-अपने स्तर पर भी योगदान दिया जा सकता है। मैंने ऐसे गांव देखे हैं, जहां लोगों ने मिलकर स्कूल की व्यवस्था सुधारी। कहीं पास के शहर के एक भले व्यक्ति ने स्कूल में कंप्यूटर लगवा दिए।
01:07 PM6 अगस्त 2026
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भागवत से सवाल- पैलेट गन का इस्तेमाल क्यों हुआ
सवाल: बच्चों को भगवान का रूप माना जाता है, लेकिन आंदोलन के दौरान उन पर लाठीचार्ज और पैलेट गन का इस्तेमाल हुआ। इस पर आपका क्या मानना है?
जवाब: यह क्यों हुआ और किन परिस्थितियों में हुआ, पहले उसका कारण जानना होगा। तभी तय किया जा सकता है कि गड़बड़ी कहां हुई। मैं भी इस बारे में अखबारों में पढ़ी जानकारी के आधार पर ही बात कर रहा हूं।

01:04 PM6 अगस्त 2026
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RSS चीफ बोले- प्रदर्शन मर्यादा में होना चाहिए
सवाल: प्रदर्शन एक मर्यादा में होना चाहिए, लेकिन आंदोलन करने वालों को अक्सर एंटी-नेशनल कहा जाता है।
जवाब: अगर Gen-Z आंदोलन कर रही है, तो इसका मतलब यह नहीं कि वह एंटी-नेशनल है। वे अपने ही लोग हैं, हमारी अगली पीढ़ी हैं। उनसे हमारा संबंध है। जैसे उन्हें हमारी बात समझनी चाहिए, वैसे ही हमें भी उनकी बात समझनी चाहिए।
मेरे अनुभव में Gen-Z और Gen Alpha हमारी पीढ़ी से अधिक ईमानदार हैं। उनमें देशभक्ति भी ज्यादा है।
01:00 PM6 अगस्त 2026
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भागवत बोले- आंदोलन सिस्टम में सुधार के लिए होना चाहिए

भागवत ने कहा कि हम यह नहीं कहेंगे कि Gen-Z को आंदोलन नहीं करना चाहिए। संविधान लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने और प्रदर्शन करने का अधिकार देता है। लेकिन यह भी देखना चाहिए कि आंदोलन कैसे किया जा रहा है।
हमें यह भी समझना होगा कि अगर Gen-Z आवाज उठा रही है, तो उसके पीछे कोई न कोई वास्तविक समस्या जरूर होगी। आंदोलन किसी व्यक्ति या समूह के खिलाफ नहीं, बल्कि सिस्टम में सुधार के लिए होना चाहिए। अगर संवाद में कमी न होती, तो आंदोलन की नौबत ही नहीं आती।
12:57 PM6 अगस्त 2026
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भागवत बोले- आंदोलन संवाद का तरीका है
सवाल: संवाद के बारे में, संवाद किसी भी समस्या का समाधान है। जब संवाद फेल हो तो आंदोलन करना जरूरी है। कुछ दिनों पहले एक आंदोलन हुआ। भारत ने पहले ही जेन जी से बात कर लेते तो आंदोलन की जरूरत नहीं होती।
जवाब: आंदोलन भी संवाद का एक तरीका है। हम यहां बैठकर बात कर रहे हैं कि नहीं तो हमारा डिबेट चलेगा। आप किसी भी कठिनाई में हो तो संवाद से हल होगा, मैं कहूंगा कि यह अर्जेंट है। लोकतंत्र में प्रदर्शन भी एक डिस्कशन का तरीका है।
अगर कुछ करना है, तो सबको साथ लेकर करना चाहिए, बंटवारे के साथ नहीं। जहां तक Gen-Z की बात है, शिक्षा में सुधार की जरूरत है, इसलिए संवाद बेहद जरूरी है। मेरा अनुभव है कि जब हम इस उम्र में थे, तब हमारा स्वभाव सवाल न करने का था। लेकिन Gen-Z हर बात का तार्किक जवाब चाहती है। उसे सिर्फ जवाब ही नहीं, बल्कि अपनापन और स्नेह भी चाहिए।
10:10 AM6 अगस्त 2026
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भाजपा नेता बोले- कार्यक्रम पुरानी परंपरा का हिस्सा, नई पहल नहीं
भागवत के जेन-जी और जेन-अल्फा छात्रों से बातचीत कार्यक्रम पर भाजपा विधायक राम कदम ने कहा कि भागवत हमेशा से युवाओं से संवाद करते रहे हैं। यह लंबे समय से चली आ रही परंपरा का हिस्सा है, कोई नई पहल नहीं है।
10:08 AM6 अगस्त 2026
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शशि थरूर के कार्यक्रम में शामिल होने पर विवाद
शशि थरूर के कार्यक्रम में शामिल होने पर विवाद हुआ। इसके बाद थरूर ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, ‘यह RSS का कार्यक्रम नहीं है। यह छात्रों का एक मंच है, जो शिक्षा और विभिन्न क्षेत्रों के विचारकों को छात्रों से संवाद के लिए आमंत्रित करता है।

10:07 AM6 अगस्त 2026
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पीएम जेन Z के लिए 5 वीडियो मैसेज जारी कर चुके
दिल्ली में 20 जुलाई को छात्र प्रदर्शन के बाद पीएम मोदी ने छात्रों के नाम 4 वीडियो मैसेज जारी किए। इनमें उन्होंने पेपर लीक, उसे रोकने के लिए सरकार से उठाए गए कदमों से मुद्दों पर अपनी बात रखी।

10:04 AM6 अगस्त 2026
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IIMUN का कार्यक्रम क्या है, जिसमें भागवत शामिल होंगे, फाउंडर ऋषभ शाह ने बताया…
सवाल: IIMUN क्या है? क्या यह पहला कार्यक्रम है?
जवाब: संगठन 15 सालों से छात्रों के लिए नेतृत्व, संवाद और बहस के कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। हर साल 1 से 15 अगस्त के बीच इसका वार्षिक चैम्पियनशिप सम्मेलन होता है। यह मंच भारत के 108 शहरों और 15 देशों में भी कार्यक्रम आयोजित करता है। इस साल संगठन अपनी 15वीं वर्षगांठ मना रहा है।
सवाल: इस कार्यक्रम में कितने स्टूडेंट्स शामिल हुए?
जवाब: करीब 2,000 छात्र कार्यक्रम में हिस्सा हुए। सभी प्रतिभागियों की उम्र 11 से 19 साल के बीच है। छात्र 100 से अधिक शहरों से आए। इनका चयन इन जगहों पर हुए कार्यक्रमों के आधार पर हुआ है।
सवाल: क्या पहली बार मोहन भागवत इस कार्यक्रम में शामिल हुए?
जवाब: मोहन भागवत तीसरी बार हमारे मंच पर आए। इससे पहले वे 2016-17 और 2020-21 में शामिल हुए थे।

सवाल: इस संगठन से कितने छात्र जुड़े हैं?
जवाब: अब तक करीब 30 हजार छात्र संगठन के साथ काम रहे हैं। 7 से 7.5 करोड़ स्टूडेंट्स तक हमने पहुंच बनाई है।
सवाल: कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन पर आप क्या कहेंगे?
जवाब: छात्रों ने जिन मुद्दों को उठाया, वे बेहद अहम हैं। मैं युवाओं की चिंताओं से अच्छी तरह वाकिफ हूं। शिक्षा, स्वास्थ्य और बेरोजगारी जैसे मुद्दे युवाओं के लिए सबसे अहम हैं।
लेकिन हमें CJP या BJP की बजाय, असल मुद्दों पर बात करनी चाहिए। देश में शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा है और यह चुनावी एजेंडे का हिस्सा भी बना रहना चाहिए। अगर भारत को विकसित देश बनाना है तो सबसे पहले शिक्षा व्यवस्था को सुधारना होगा।




