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भागवत बोले- विभाजन के बाद भारत आए लोग शरणार्थी नहीं: उन्होंने संपत्ति नहीं, देश चुना; भारत को एक रखने की लड़ाई हम सब हार गए थे




राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि 1947 के विभाजन के बाद पाकिस्तान से भारत आने वाले लोगों को शरणार्थी कहना सही नहीं है। वे ‘संघर्ष के योद्धा’ थे, जिन्होंने कई पीढ़ियों की बनाई जमीन, कारोबार और संपत्ति छोड़कर भारत को चुना। उन्होंने कहा कि ये लोग इसलिए भारत आए, क्योंकि यहां बिना डर अपने धर्म का पालन कर सकते थे। भारत को एक रखने की लड़ाई हम सब हार गए थे, लेकिन उन्होंने अपना विश्वास नहीं छोड़ा। भगवत ने बुधवार को नागपुर में सिंधु एजुकेशन सोसाइटी के 75वें स्थापना दिवस समारोह में ये बातें कही। इसी दौरान RSS ने 10 से 12 जुलाई तक कर्नाटक के बेलगावी में होने वाली अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक का भी ऐलान किया। शिक्षा सिर्फ नौकरी के लिए नहीं होनी चाहिए, भागवत के स्पीच के 2 पॉइंट्स… शुक्रवार को जारी करेंगे 100 वीडियो RSS के शताब्दी वर्ष कार्यक्रमों के तहत भागवत शुक्रवार को प्रचारकों के जीवन पर आधारित 100 वीडियो जारी करेंगे। इसी दिन ‘डॉ. हेडगेवार : आधुनिक युग के शालिवाहन’ शीर्षक यूट्यूब वीडियो का सार्वजनिक प्रसारण भी होगा। 5 जुलाई को वे नागपुर में ‘सनमार्ग माइंड वेलनेस सेंटर’ का उद्घाटन करेंगे। इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी शामिल होंगे। मोहन भागवत के पिछले 3 स्पीच… भागवत बोले- विज्ञान और धर्म दोनों से नहीं मिली शांति:राजा से विज्ञान तक सब मॉडल फेल; दुनिया अब भारत के ज्ञान से उम्मीद लगा रही राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि 2000 साल तक शासन, धर्म और विज्ञान के अलग-अलग प्रयोगों के बाद अब दुनिया भटक गई है और भारत के ज्ञान की ओर देख रही है। उन्होंने कहा कि कुछ ‘दुष्ट शक्तियां’ इस बात से चिंतित हैं कि अगर भारत अपनी सदियों पुरानी सभ्यतागत ताकत के सहारे आगे बढ़ा, तो उनकी दुकानें बंद हो जाएंगी। पूरी खबर पढ़ें…



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